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Shravasti News: जिला अस्पताल में नहीं आग से बचाव के इंतजाम
Mon, 19 May 2025 12:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Mon, 19 May 2025 12:57 AM IST
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श्रावस्ती। मौसम का पारा चढ़ते ही अग्निकांड की घटनाएं भी बढ़ी हैं। वहीं जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे। कई अग्निशमन उपकरण निष्क्रिय हो चुके हैं। इस पर संबंधित विभाग की ओर से स्वास्थ्य विभाग को कई बार चेताया भी जा चुका है। इसके बावजूद जिला अस्पताल में पर्याप्त संसाधन मुहैया नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में किसी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा किस स्तर की होगी इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
अग्निकांड से बचाव के लिए जहां एक ओर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं अग्निशमन विभाग की ओर से जिला चिकित्सालय सहित अन्य स्थानों पर पूर्वाभ्यास कराकर आग बुझाने का कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है। ऐसे में यदि आग बुझाने के लिए उपलब्ध संसाधन ही ऐन वक्त पर काम न करें तो घटना भयावह रूप ले सकती है। यही स्थित जिला चिकित्सालय भिनगा की भी है। यहां पर न तो मानक के अनुरूप अग्निशमन यंत्र हैं और न ही अन्य साजो-सामान। इससे अग्निकांड जैसी घटना होने पर किस तरह से उस पर काबू पाया जाएगा, यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है।
इन सुविधाओं का है अभाव
जिला चिकित्सालय में एक लाख लीटर का अंडरग्राउंड टैंक, डीजल, जॉकी व इलेक्ट्रिक पंप होने चाहिए, जो नहीं हैं। अग्निशमन यंत्र मानक से कम है। वहीं ऑटोमेटिक डिटेक्शन अलार्म, मैनुअली अलार्म सिस्टम, यार्ड हाइड्रेंट सिस्टम नहीं है। इसी तरह से होजरील मानक से कम होने के साथ ही ये सभी निष्क्रिय हैं।
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विगत दिनों जिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया था। यहां पर आग बुझाने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इसके लिए कई बार स्वास्थ्य विभाग से लिखा पढ़ी की गई है। -संजय कुमार जायसवाल, अग्निशमन अधिकारी
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अग्निकांड से बचाव के लिए जहां एक ओर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं अग्निशमन विभाग की ओर से जिला चिकित्सालय सहित अन्य स्थानों पर पूर्वाभ्यास कराकर आग बुझाने का कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है। ऐसे में यदि आग बुझाने के लिए उपलब्ध संसाधन ही ऐन वक्त पर काम न करें तो घटना भयावह रूप ले सकती है। यही स्थित जिला चिकित्सालय भिनगा की भी है। यहां पर न तो मानक के अनुरूप अग्निशमन यंत्र हैं और न ही अन्य साजो-सामान। इससे अग्निकांड जैसी घटना होने पर किस तरह से उस पर काबू पाया जाएगा, यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है।
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इन सुविधाओं का है अभाव
जिला चिकित्सालय में एक लाख लीटर का अंडरग्राउंड टैंक, डीजल, जॉकी व इलेक्ट्रिक पंप होने चाहिए, जो नहीं हैं। अग्निशमन यंत्र मानक से कम है। वहीं ऑटोमेटिक डिटेक्शन अलार्म, मैनुअली अलार्म सिस्टम, यार्ड हाइड्रेंट सिस्टम नहीं है। इसी तरह से होजरील मानक से कम होने के साथ ही ये सभी निष्क्रिय हैं।
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विगत दिनों जिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया था। यहां पर आग बुझाने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इसके लिए कई बार स्वास्थ्य विभाग से लिखा पढ़ी की गई है। -संजय कुमार जायसवाल, अग्निशमन अधिकारी