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प्रधान पर ग्रामीणों ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
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जिलाधिकारी को ज्ञापन देने पहुंचे गंगाभागड़ के ग्रामीण।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। जमुनहा के गंगाभागड़ गांव के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर अनियमितता बरतने, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने व सरकारी योजनाओं के धन में बंदरबांट का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद डीएम से मिल कर उन्हें ज्ञापन भी सौंपा।
जिलाधिकारी यशु रुस्तगी को सौंपे ज्ञापन में गंगाभागड़ के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनके गांव में प्रधान द्वारा मनरेगा के तहत मुन्नू के खेत से बेलरी बार्डर तक व भुज्जी के खेत से खरबे के खेत तक मिट्टी पटाई का कार्य दर्शाया गया है। जिसमें 507 मानव दिवस दिखा कर बिना कार्य कराए फर्जी लोगों के खाते में 92,274 रुपये भेजा गया है।
खाता धारकों को कुछ पैसे देकर शेष पैसा प्रधान पुत्र द्वारा निकलवा लिया गया। सूची में चिह्ति लोगों ने कभी मनरेगा में काम नहीं किया। यह कार्य जेसीबी से कराया गया। वहीं ग्राम प्रधान चुनाव से पहले फूस के मकान में रहती थी। जिनके द्वारा एक कार, दो ट्रैक्टर तीन थ्रेसर ट्राली, कल्टीवेटर, रोटावेटर, तीन मोटर साइकिल, पांच कमरों का मकान व कृषि भूमि भी खरीदा गया है। उनके द्वारा शौचालय निर्माण कार्य ठेकेदार से कराया गया है।
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इतना ही नहीं प्रधान ने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित निधि प्रथम की धनराशि में भी बंदरबांट किया गया है। ऐसे में ग्रामीणों ने डीएम से हस्तक्षेप कर प्रधान द्वारा कराए गए कार्यों, गबन की गई धनराशि सहित उनकी संपत्ति की जांच कराने की मांग किया है।
ज्ञापन देने वालों में झोथू पुत्र अवधराम, कृपाराम पुत्र गुलाम, सरोज कुमार पुत्र झोखन, कमलेश पुत्र भरोसे, रामचंद्र पुत्र जीवन व बावन उर्फ छोटकऊ पुत्र भगवानदीन का नाम शामिल है। वहीं इस संबंध में ग्राम प्रधान सुइया देई ने आरोपों को निराधार व राजनीति से प्रेरित बताया है।
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जिलाधिकारी यशु रुस्तगी को सौंपे ज्ञापन में गंगाभागड़ के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनके गांव में प्रधान द्वारा मनरेगा के तहत मुन्नू के खेत से बेलरी बार्डर तक व भुज्जी के खेत से खरबे के खेत तक मिट्टी पटाई का कार्य दर्शाया गया है। जिसमें 507 मानव दिवस दिखा कर बिना कार्य कराए फर्जी लोगों के खाते में 92,274 रुपये भेजा गया है।
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खाता धारकों को कुछ पैसे देकर शेष पैसा प्रधान पुत्र द्वारा निकलवा लिया गया। सूची में चिह्ति लोगों ने कभी मनरेगा में काम नहीं किया। यह कार्य जेसीबी से कराया गया। वहीं ग्राम प्रधान चुनाव से पहले फूस के मकान में रहती थी। जिनके द्वारा एक कार, दो ट्रैक्टर तीन थ्रेसर ट्राली, कल्टीवेटर, रोटावेटर, तीन मोटर साइकिल, पांच कमरों का मकान व कृषि भूमि भी खरीदा गया है। उनके द्वारा शौचालय निर्माण कार्य ठेकेदार से कराया गया है।
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इतना ही नहीं प्रधान ने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित निधि प्रथम की धनराशि में भी बंदरबांट किया गया है। ऐसे में ग्रामीणों ने डीएम से हस्तक्षेप कर प्रधान द्वारा कराए गए कार्यों, गबन की गई धनराशि सहित उनकी संपत्ति की जांच कराने की मांग किया है।
ज्ञापन देने वालों में झोथू पुत्र अवधराम, कृपाराम पुत्र गुलाम, सरोज कुमार पुत्र झोखन, कमलेश पुत्र भरोसे, रामचंद्र पुत्र जीवन व बावन उर्फ छोटकऊ पुत्र भगवानदीन का नाम शामिल है। वहीं इस संबंध में ग्राम प्रधान सुइया देई ने आरोपों को निराधार व राजनीति से प्रेरित बताया है।