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Shravasti News: रंग लाया प्रयास, पुल के नीचे पहुंची राप्ती नदी की धारा
Fri, 21 Mar 2025 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 21 Mar 2025 12:28 AM IST
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सिसवारा घाट पुल के नीचे पहुंची राप्ती की धारा, तटबंध से आ जा रहे लोग।
गिलौला (श्रावस्ती)। सिसवारा घाट पर बने पुल से राप्ती नदी की धारा 200 मीटर दूर चली गई थी। इसे बांध बनाकर पुल के नीचे लाने का भागीरथी प्रयास रंग लाया। अब नदी की मुख्य धारा पुल के नीचे आ चुकी है। वहीं धारा मोड़ने के लिए बने तटबंध पर अस्थायी रूप से आवागमन भी बहाल हो गया है। यहां बरसात पूर्व सड़क निर्माण की कवायद तेज कर दी गई है।
गिलौला से मुख्यालय भिनगा अब लगभग सीधा जुड़ चुका है। राप्ती नदी के सिसवारा घाट पर 51 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। इस बीच राप्ती ने अपनी धारा मोड़ ली थी। बाद में नदी पुल से करीब 200 मीटर दूर चली गई थी। धारा को पुल के नीचे लाने के लिए तटबंध का निर्माण कराया गया है। करीब एक किलोमीटर लंबे व सात मीटर चौड़े इस तटबंध की ऊंचाई चार मीटर है। इसके बाद विभाग का प्रयास रंग लाया। राप्ती नदी अब पुल के नीचे पहुंच चुकी है।
वहीं तटबंध के सहारे अस्थायी रूप से आवागमन बहाल हो गया है। अब कार्यदायी संस्था पुल के एक तरफ 1,500 तो दूसरी तरफ 500 मीटर एप्रोच बनाने में जुट गई है। सब कुछ ठीक रहा तो बरसात पूर्व एप्रोच का निर्माण भी पूरा करा लिया जाएगा। इसके पूरा होने से जहां गिलौला से भिनगा की दूरी 32 से घट कर 22 किलोमीटर रह जाएगी। वहीं राप्ती की कछार में बसे गांवों के लोगों को तहसील ब्लॉक व जिला स्तरीय काम के लिए न तो नाम का सहारा लेना होगा न ही लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। कार्यदायी संस्था सेतु निर्माण निगम के अवर अभियंता भगवान सिंह का कहना है कि एप्रोच का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बरसात पूर्व काम पूरा कर पुल पर आवागमन बहाल करा दिया जाएगा।
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गिलौला से मुख्यालय भिनगा अब लगभग सीधा जुड़ चुका है। राप्ती नदी के सिसवारा घाट पर 51 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। इस बीच राप्ती ने अपनी धारा मोड़ ली थी। बाद में नदी पुल से करीब 200 मीटर दूर चली गई थी। धारा को पुल के नीचे लाने के लिए तटबंध का निर्माण कराया गया है। करीब एक किलोमीटर लंबे व सात मीटर चौड़े इस तटबंध की ऊंचाई चार मीटर है। इसके बाद विभाग का प्रयास रंग लाया। राप्ती नदी अब पुल के नीचे पहुंच चुकी है।
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वहीं तटबंध के सहारे अस्थायी रूप से आवागमन बहाल हो गया है। अब कार्यदायी संस्था पुल के एक तरफ 1,500 तो दूसरी तरफ 500 मीटर एप्रोच बनाने में जुट गई है। सब कुछ ठीक रहा तो बरसात पूर्व एप्रोच का निर्माण भी पूरा करा लिया जाएगा। इसके पूरा होने से जहां गिलौला से भिनगा की दूरी 32 से घट कर 22 किलोमीटर रह जाएगी। वहीं राप्ती की कछार में बसे गांवों के लोगों को तहसील ब्लॉक व जिला स्तरीय काम के लिए न तो नाम का सहारा लेना होगा न ही लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। कार्यदायी संस्था सेतु निर्माण निगम के अवर अभियंता भगवान सिंह का कहना है कि एप्रोच का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बरसात पूर्व काम पूरा कर पुल पर आवागमन बहाल करा दिया जाएगा।
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