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Shravasti News: बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि से गूंजी तपोस्थली

Fri, 05 May 2023 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती Updated Fri, 05 May 2023 11:30 PM IST
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Taposthali resounded with Buddha's refuge in Gachhami, Dhamma's refuge in Gachhami
कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती शुक्रवार को बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि के उद्घोष से गूंजायमान रही। आनंद ज्ञानोदय तिस्स भावना केंद्र भारतीय बुद्ध विहार में महाकारुणिक सम्यक सम्मबुद्ध की जयंती समारोह मनाया गया। इस दौरान तपोस्थली में अनुयायियों द्वारा बुद्ध प्रतिमा के साथ शोभायात्रा भी निकाली गई।बुद्ध पूर्णिमा पर ज्ञानोदय तिस्स भावना केंद्र श्रावस्ती के सौजन्य से बौद्ध भिक्षु श्रद्धा लोक महाथेरो की अध्यक्षता में झांकी निकाली गई। जो मुख्य मार्गों से होते हुए बुद्धं शरणं गच्छामि का उद्घोष करते हुए सभी उपासक आनंद बोधी पहुंचे। इस दौरान बौद्ध भिक्षु श्रद्धा लोकथेरों ने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा या बुद्ध जयंती बौद्ध धर्म के भगवान बुद्ध के संस्थापक के सम्मान में मनाया जाता है। यह बौद्ध धर्म का महत्वपूर्ण त्योहार है। इसी दिन, भगवान् बुद्ध को आत्मज्ञान मिल गया था और निर्वाण या मोक्ष प्राप्त हुआ था। इस दिन तीर्थयात्री बुद्ध पूर्णिमा उत्सव में भाग लेने के लिए दुनिया भर से बोधगया आते हैं। गौतम बुद्ध राजकुमार सिद्धार्थ के रूप में 566 ई.पू. में कल्पतरु में पैदा हुआ थे। जब युवा राजकुमार ने दूसरो के दर्द और कमजोरी को महसूस किया मतलब वृद्धावस्था, रोग और मृत्यु को देखा तो वह अपने धन को छोड़ दिया और उच्च सत्य की मांग और एक तपस्वी बनने का फैसला किया। कई सालों के ध्यान अध्ययन और बलिदान के बाद उन्हें निर्वाण मिला और वह सिद्धार्थ से गौतम बुद्ध बन गए। बुद्ध पूर्णिमा का उत्सव प्रार्थना के साथ शुरू होता है, गौतम बुद्ध के जीवन पर उपदेश, समूह ध्यान, बौद्ध धर्म ग्रंथों, धार्मिक प्रवचन, जुलूस, बुद्ध की मूर्ति की पूजा की निरंतर सस्वर पाठ होता है। इस दौरान बोधि सत्व महाविहार समिति के अध्यक्ष देवेंद्र थेरों की ओर से प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान राहुल भंते, बौद्ध भिक्षु आनंद सागर, अशोक कुमार बौद्ध, ज्ञान सागर, धम्म सागर, पवन कुमार सिंह बौद्ध, अशोक कुमार शाक्य सहित कापुी संख्या में बौद्ध अनुयायी मौजूद रहे।
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