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सर्जन नहीं कर रहे ऑपरेशन
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श्रावस्ती। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ सहित विभिन्न रोगों के इलाज के लिए बारह सर्जन तैनात हैं। जो सामान्य प्रसव कराने तक ही सिमटे हैं। महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ जहां प्रसव व नसबंदी तक सीमित हैं। वहीं अन्य सर्जन औसतन दो दिन में भी एक ऑपरेशन नहीं कर पा रहे हैं। जरा सी गंभीर स्थिति देख मरीजों को रेफर कर जिम्मेदारी से मुक्ति ले ली जाती है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में दो महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. राम गोपाल सरकारी व डॉ. संध्या चौधरी की तैनाती कांट्रेक्ट पर है। वहीं डॉ. मोहम्मद अजीम ईएनटी सर्जन, डॉ. फणींद्र तिवारी व डॉ. आलोक कुमार आई सर्जन, डॉ. अजय गौतम व डॉ. इमरान हुसैन आर्थों सर्जन, डॉ. दीप शिखा मिश्रा महिला रोग विशेषज्ञ, डॉ. एचपी शाही सर्जन व डॉ. के विजय महिला रोग विशेषज्ञ हैं। जबकि जर्नल सर्जन डॉ. उदयवीर कांट्रेक्ट पर तैनात हैं। इनमें से महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ ने जहां प्रसव व नसबंदी तक सीमित हैं।
वहीं अन्य सर्जन सामान्य ऑपरेशन ही कर पा रहे हैं। गंभीर मरीजों को आज भी जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज बहराइच या फिर लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। इन चिकित्सकों के ऑपरेशन का औसत देखा जाए तो महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ व आई सर्जन को छोड़ दें तो शेष चिकित्सक माह में पांच ऑपरेशन भी नहीं कर रहे हैं। इससे जहां मरीजों को ऑपरेशन के लिए जिले के मरीजों को कई गुना अधिक पैसा खर्च कर या तो निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है। या फिर उन्हें गैर जिलों में जाना पड़ता है।
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एक जनवरी से अब तक किए गए ऑपरेशन
चिकित्सक सामान्य ऑपरेशन मेजर ऑपरेशन नसबंदी
डॉ. राम गोपाल 154 57 34
डॉ. संध्या चौधरी 65 50 15
डॉ. मोहम्मद अजीम 22 52
डॉ. फणींद्र तिवारी 906 55
डॉ. आलोक कुमार 134 70
डॉ. अजय गौतम 23 70
डॉ. इमरान हुसैन 06 17
डॉ. दीप शिखा मिश्रा 87 41
डॉ. एचपी शाही 27 141
डॉ. के विजय 60 59
डॉ. उदयवीर 42 98
अस्पताल आने वाले मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है। इसके साथ ही कैंप लगाकर नसबंदी व आंख का ऑपरेशन भी किया जाता है। जो ज्यादा गंभीर मरीज होते हैं उन्हें ही रेफर किया जाता है। शेष का हर संभव इलाज जिला अस्पताल में ही होता है। -डॉ. जेता लाल सीएमएस
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संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में दो महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. राम गोपाल सरकारी व डॉ. संध्या चौधरी की तैनाती कांट्रेक्ट पर है। वहीं डॉ. मोहम्मद अजीम ईएनटी सर्जन, डॉ. फणींद्र तिवारी व डॉ. आलोक कुमार आई सर्जन, डॉ. अजय गौतम व डॉ. इमरान हुसैन आर्थों सर्जन, डॉ. दीप शिखा मिश्रा महिला रोग विशेषज्ञ, डॉ. एचपी शाही सर्जन व डॉ. के विजय महिला रोग विशेषज्ञ हैं। जबकि जर्नल सर्जन डॉ. उदयवीर कांट्रेक्ट पर तैनात हैं। इनमें से महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ ने जहां प्रसव व नसबंदी तक सीमित हैं।
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वहीं अन्य सर्जन सामान्य ऑपरेशन ही कर पा रहे हैं। गंभीर मरीजों को आज भी जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज बहराइच या फिर लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। इन चिकित्सकों के ऑपरेशन का औसत देखा जाए तो महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ व आई सर्जन को छोड़ दें तो शेष चिकित्सक माह में पांच ऑपरेशन भी नहीं कर रहे हैं। इससे जहां मरीजों को ऑपरेशन के लिए जिले के मरीजों को कई गुना अधिक पैसा खर्च कर या तो निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है। या फिर उन्हें गैर जिलों में जाना पड़ता है।
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एक जनवरी से अब तक किए गए ऑपरेशन
चिकित्सक सामान्य ऑपरेशन मेजर ऑपरेशन नसबंदी
डॉ. राम गोपाल 154 57 34
डॉ. संध्या चौधरी 65 50 15
डॉ. मोहम्मद अजीम 22 52
डॉ. फणींद्र तिवारी 906 55
डॉ. आलोक कुमार 134 70
डॉ. अजय गौतम 23 70
डॉ. इमरान हुसैन 06 17
डॉ. दीप शिखा मिश्रा 87 41
डॉ. एचपी शाही 27 141
डॉ. के विजय 60 59
डॉ. उदयवीर 42 98
अस्पताल आने वाले मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है। इसके साथ ही कैंप लगाकर नसबंदी व आंख का ऑपरेशन भी किया जाता है। जो ज्यादा गंभीर मरीज होते हैं उन्हें ही रेफर किया जाता है। शेष का हर संभव इलाज जिला अस्पताल में ही होता है। -डॉ. जेता लाल सीएमएस