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बिजली आपूर्ति ध्वस्त, पानी के लिए कोहराम
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श्रावस्ती। गर्मी से निजात के लिए लोगों को बिजली का ही सहारा है। वहीं इसके विपरीत मांग बढ़ने के साथ बिजली कटौती का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। इससे जहां लोगों का रात में सोना मुश्किल हो गया है। वहीं बिजली के नए रोस्टर ने किसानों की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
किसान धान की नर्सरी डालने के लिए परेशान है। वहीं जिले की बिजली किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर रही है। किसानों की बढ़ी आवश्यकता के विपरीत ग्रामीण क्षेत्रों को 12 घंटे से अधिक विद्युत आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। रात में 9 बजे से 12 बजे तक की जा रही बिजली कटौती से नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का सोना दूभर हो चुका है। जरूरत के वक्त आपूर्ति बाधित रहने के कारण हर वर्ग के उपभोक्ता बेहाल हैं। वहीं अघोषित विद्युत कटौती के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
जरूरत के वक्त आपूर्ति बाधित रहने से खेतों में लगे ट्यूबवेल शोपीस बन चुके हैं। बिजली की आवाजाही के कारण किसान चाह कर भी धान की नर्सरी नहीं तैयार कर पा रहे हैं। इस समय खेतों को पानी के लिए बिजली की बेहद आवश्यकता है। इसके बाद भी बिजली नहीं मिल रही। ऐसे में बिजली के अभाव में धान की नर्सरी न पडने से खेती दिन प्रतिदिन पिछड़ती जा रही है। अधिशाषी अभियंता विद्युत डीपी सिंह बताते हैं कि रोस्टर के अनुरूप आपूर्ति दिलाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
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किसान धान की नर्सरी डालने के लिए परेशान है। वहीं जिले की बिजली किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर रही है। किसानों की बढ़ी आवश्यकता के विपरीत ग्रामीण क्षेत्रों को 12 घंटे से अधिक विद्युत आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। रात में 9 बजे से 12 बजे तक की जा रही बिजली कटौती से नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का सोना दूभर हो चुका है। जरूरत के वक्त आपूर्ति बाधित रहने के कारण हर वर्ग के उपभोक्ता बेहाल हैं। वहीं अघोषित विद्युत कटौती के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
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जरूरत के वक्त आपूर्ति बाधित रहने से खेतों में लगे ट्यूबवेल शोपीस बन चुके हैं। बिजली की आवाजाही के कारण किसान चाह कर भी धान की नर्सरी नहीं तैयार कर पा रहे हैं। इस समय खेतों को पानी के लिए बिजली की बेहद आवश्यकता है। इसके बाद भी बिजली नहीं मिल रही। ऐसे में बिजली के अभाव में धान की नर्सरी न पडने से खेती दिन प्रतिदिन पिछड़ती जा रही है। अधिशाषी अभियंता विद्युत डीपी सिंह बताते हैं कि रोस्टर के अनुरूप आपूर्ति दिलाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
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