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दिल के इलाज से समीर और शिवांश को मिली नई जिंदगी

Fri, 05 Feb 2021 10:29 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 05 Feb 2021 10:29 PM IST
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Sameer and Shivansh get new life due to heart treatment
आरबीएसके द्वारा इलाज कराकर बच्चें को दी गई नई जिंदगी। - फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है। आरबीएसके की टीम गंभीर रूप से बीमार बच्चों का मुफ्त इलाज कर उन्हें नया जीवन दे रही है। यह टीम सरकारी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर हृदय, गला, मिर्गी रोग व कैंसर जैसे गंभीर रोगों से ग्रसित बच्चों का मुफ्त इलाज करा रही है। हृदय रोग से जूझ रहे जिले के दो नौनिहालों को चिह्नित कर टीम ने उनका इलाज कराया और उन्हें नया जीवन प्रदान किया।
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सिरसिया ब्लॉक के समीर (3) और शिवांश (8) दोनों बच्चों के दिल में बचपन से ही छेद था। जिस कारण यह बच्चे सामान्य जिंदगी नहीं जी पा रहे थे। आरबीएसके की टीम इस ब्लॉक में कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण करने के लिए अभियान चलाया। आरबीएसके की मोबाइल हेल्थ टीम की डॉ. शगुफ्ता और डॉ. प्रतिभा ने इन बच्चों को इसी अभियान के दौरान चिह्नित किया। बच्चों का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। स्क्रीनिंग के दौरान उसमें हृदय रोग के लक्षण पाए गए। इसके बाद आरबीएसके टीम ने अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज से संपर्क कर इन दोनों बच्चों का सरकारी खर्च पर ऑपरेशन व इलाज कराया। अब दोनों बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं ।
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आरबीएसके के जिला समन्वयक प्रतीक शाक्य ने बताया कि इन दिनों स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं। ऐसे में टीम गांवों का दौरा कर कुपोषित और बीमार बच्चों को चिह्नितत कर रही है। इस तरह के जो भी बच्चे मिलते हैं उनका उपचार सरकार द्वारा कराया जाता है। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी और उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संत कुमार बताते हैं कि केंद्र सरकार की यह योजना गरीब परिवारों के लिए एक वरदान है। हमारी टीम का पूरा प्रयास है कि इस तरह से यदि और भी कोई बच्चा है जो गंभीर बीमारी से जूझ रहा है तो उसका उपचार करा कर उसे पूरी तरह से स्वस्थ बनाया जाए। समीर के पिता जबरील और शिवांश के पिता अशोक बताते हैं कि इस योजना से हमारे बच्चों को नया जीवन मिला है। यह योजना गरीबों के आंगन में तमाम खुशियां बिखेर रही हैं।
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