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निपुण भारत मिशन का प्रशिक्षण प्रारंभ
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श्रावस्ती। सिरसिया क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों व शिक्षामित्रों को सोमवार से निपुण भारत मिशन का चार दिवसीय प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। बीआरसी में शुरू हुए इस प्रशिक्षण की शुरुआत बीईओ ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
निपुण भारत मिशन प्रशिक्षण के दौरान खंड शिक्षाधिकारी फूलचंद्र मौर्य ने कहा कि श्रावस्ती का सिरसिया विकास क्षेत्र शिक्षा के मामले में काफी पिछड़ा हुआ है। ऐसे में आवश्यकता है कि शिक्षक व शिक्षामित्र पूर्ण मनोयोग के साथ शिक्षण कार्य करें ताकि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने आने वाले बच्चे भी कॉन्वेंट स्कूल के बच्चों की तरह दक्ष हो सके। श्रावस्ती भारत सरकार के महत्वाकांक्षी जिलों में शामिल है। निपुण भारत मिशन भारत सरकार का महत्वाकांक्षी अभियान है।
शिक्षकों को निर्धारित कार्यक्रम के तहत कालांश के हिसाब से प्रतिदिन बच्चों को पढ़ाना है। जिसके लिए आप लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। क्योंकि इसके तहत बेसिक शिक्षा में प्रत्येक कक्षा के पठन के लक्ष्य को निर्धारित किया गया है। अब कोई भी शिक्षक मनमाने तौर पर बच्चों को नहीं पढ़ा सकेगा। इसके लिए शेड्यूल निर्धारित कर दिया गया है। इस मौके पर एआरपी आशुतोष आजाद, दिनेश कुमार प्रजापति, संतोष कुमार सोनी व चांद बाबू सहित कई अन्य प्रशिक्षक व शिक्षक तथा शिक्षामित्र मौजूद रहे। (संवाद)
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निपुण भारत मिशन प्रशिक्षण के दौरान खंड शिक्षाधिकारी फूलचंद्र मौर्य ने कहा कि श्रावस्ती का सिरसिया विकास क्षेत्र शिक्षा के मामले में काफी पिछड़ा हुआ है। ऐसे में आवश्यकता है कि शिक्षक व शिक्षामित्र पूर्ण मनोयोग के साथ शिक्षण कार्य करें ताकि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने आने वाले बच्चे भी कॉन्वेंट स्कूल के बच्चों की तरह दक्ष हो सके। श्रावस्ती भारत सरकार के महत्वाकांक्षी जिलों में शामिल है। निपुण भारत मिशन भारत सरकार का महत्वाकांक्षी अभियान है।
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शिक्षकों को निर्धारित कार्यक्रम के तहत कालांश के हिसाब से प्रतिदिन बच्चों को पढ़ाना है। जिसके लिए आप लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। क्योंकि इसके तहत बेसिक शिक्षा में प्रत्येक कक्षा के पठन के लक्ष्य को निर्धारित किया गया है। अब कोई भी शिक्षक मनमाने तौर पर बच्चों को नहीं पढ़ा सकेगा। इसके लिए शेड्यूल निर्धारित कर दिया गया है। इस मौके पर एआरपी आशुतोष आजाद, दिनेश कुमार प्रजापति, संतोष कुमार सोनी व चांद बाबू सहित कई अन्य प्रशिक्षक व शिक्षक तथा शिक्षामित्र मौजूद रहे। (संवाद)
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