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भगवान बुद्ध कर सकते थे सत्य व असत्य में भेद : देवानंद
Sat, 29 Nov 2025 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 29 Nov 2025 12:31 AM IST
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जेतवन परिसर में पूजा करते वियतनाम के अनुयायी।- संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती शुक्रवार को वियतनाम व श्रीलंका से आए अनुयायियों के 60 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में बोधि वृक्ष की पारंपरिक ढंग से पूजा-अर्चना की। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु देवानंद ने बताया कि भगवान बुद्ध की शक्तियां अनुभव, ज्ञान, विवेक, प्रज्ञा और करुणा के रूप में प्रकट होती हैं, जो लोगों को मुक्ति की ओर ले जाने में सक्षम बनाती हैं। भगवान बुद्ध ने अपना जीवन अज्ञानता को दूर करने और लोगों को सच्चाई का मार्ग दिखाने के लिए समर्पित कर दिया था।
देवानंद ने आगे बताया कि बुद्ध के पास प्रज्ञा थी, जिससे वह सत्य और असत्य में भेद कर पाते थे। गहन ध्यान और आत्म-अनुशासन के माध्यम से भगवान बुद्ध ने उन अनुभवों को प्राप्त किया, जो सामान्य मनुष्यों के लिए संभव नहीं थे।
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सभा के बाद अनुयायियों ने गंध कुटी, शिवली स्तूप, राहुल कुटी, सूर्यकुंड, सभा मंडप, कच्ची कुटी-पक्की कुटी, राहुल कुटी, संघमित्रा कुटी, संघाराम बुद्ध विहार व जेतवन परिसर का भ्रमण कर इतिहास की जानकारी ली।
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बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु देवानंद ने बताया कि भगवान बुद्ध की शक्तियां अनुभव, ज्ञान, विवेक, प्रज्ञा और करुणा के रूप में प्रकट होती हैं, जो लोगों को मुक्ति की ओर ले जाने में सक्षम बनाती हैं। भगवान बुद्ध ने अपना जीवन अज्ञानता को दूर करने और लोगों को सच्चाई का मार्ग दिखाने के लिए समर्पित कर दिया था।
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देवानंद ने आगे बताया कि बुद्ध के पास प्रज्ञा थी, जिससे वह सत्य और असत्य में भेद कर पाते थे। गहन ध्यान और आत्म-अनुशासन के माध्यम से भगवान बुद्ध ने उन अनुभवों को प्राप्त किया, जो सामान्य मनुष्यों के लिए संभव नहीं थे।
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सभा के बाद अनुयायियों ने गंध कुटी, शिवली स्तूप, राहुल कुटी, सूर्यकुंड, सभा मंडप, कच्ची कुटी-पक्की कुटी, राहुल कुटी, संघमित्रा कुटी, संघाराम बुद्ध विहार व जेतवन परिसर का भ्रमण कर इतिहास की जानकारी ली।