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हत्या के दो आरोपियों को उम्रकैद
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श्रावस्ती। इकौना क्षेत्र के दहावर कला गांव निवासी एक अधेड़ की 21 वर्ष पूर्व गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में वांछित चार लोगों में से दो लोगों की दौरान मुकदमा मौत हो गई। शेष दो आरोपियों पर गुरुवार को अपर जिला जज त्वरित न्यायालय ने दोष सिद्ध करते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उन पर 52500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
इकौना थाना क्षेत्र के दहावर कला गांव निवासी अयोध्या प्रसाद ने इकौना पुलिस को तहरीर दी थी। जिसमें उसका आरोप था कि गांव निवासी रंगीलाल उर्फ श्रवण कुमार पुत्र शोभाराम एवं मनोराम के बीच रंजिश चल रही थी। इसी बीच 28 सितंबर 2000 को अमृत लाल की 12 बोल्ट बैट्री खो गई थी। जिसको लेकर दोनों में विवाद और बढ़ गया। इसी दिन शाम चार बजे रंगीलाल पुत्र शोभाराम, राजितराम पुत्र महादेव, अमृत लाल पुत्र राजितराम व शोभाराम पुत्र महादेव तथा मोहम्मद कलीम तमंचा व बंदूक लेकर पीड़ित की ढाबली पर पहुंच गए और गालीगलौज करने लगे। उन लोगों को देख पीड़ित अपने घर की ओर भागा।
पीड़ित जब अपने बड़े दादा राधिका प्रसाद के दरवाजे पर पहुंचा, तब तक पीड़ित का पिता मनोराम पुत्र सेवक भी मौके पर पहुंच गया। तभी शोभाराम की ललकार पर आरोपियों ने तमंचा व बंदूक से फायर कर दिया। गोली लगने के कारण पीड़ित के पिता मनोराम की सियाराम के दरवाजे पर मौत हो गई। इस मामले में आरोपी अमृत लाल व शोभाराम की दौरान मुकदमा मौत हो गई।
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मामले में अभियोजन की पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिकारी पंकज कुमार गुप्ता की दलीलों व गवाहों के बयान के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय अजय सिंह ने रंगीलाल उर्फ श्रवण कुमार तथा राजितराम पर आरोप सिद्ध करते हुए को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 52500 रुपये अर्थदंड लगाया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी केपी सिंह ने बताया कि आरोपियों की ओर से यदि अर्थदंड का भुगतान नहीं किया गया तो उन्हें दो वर्ष अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं शानू उर्फ मोहम्मद कलीम पुत्र अब्बास अली के नाबलिग होने के कारण मामला किशोर न्याय बोर्ड स्थानांतरित कर दिया गया है।
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इकौना थाना क्षेत्र के दहावर कला गांव निवासी अयोध्या प्रसाद ने इकौना पुलिस को तहरीर दी थी। जिसमें उसका आरोप था कि गांव निवासी रंगीलाल उर्फ श्रवण कुमार पुत्र शोभाराम एवं मनोराम के बीच रंजिश चल रही थी। इसी बीच 28 सितंबर 2000 को अमृत लाल की 12 बोल्ट बैट्री खो गई थी। जिसको लेकर दोनों में विवाद और बढ़ गया। इसी दिन शाम चार बजे रंगीलाल पुत्र शोभाराम, राजितराम पुत्र महादेव, अमृत लाल पुत्र राजितराम व शोभाराम पुत्र महादेव तथा मोहम्मद कलीम तमंचा व बंदूक लेकर पीड़ित की ढाबली पर पहुंच गए और गालीगलौज करने लगे। उन लोगों को देख पीड़ित अपने घर की ओर भागा।
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पीड़ित जब अपने बड़े दादा राधिका प्रसाद के दरवाजे पर पहुंचा, तब तक पीड़ित का पिता मनोराम पुत्र सेवक भी मौके पर पहुंच गया। तभी शोभाराम की ललकार पर आरोपियों ने तमंचा व बंदूक से फायर कर दिया। गोली लगने के कारण पीड़ित के पिता मनोराम की सियाराम के दरवाजे पर मौत हो गई। इस मामले में आरोपी अमृत लाल व शोभाराम की दौरान मुकदमा मौत हो गई।
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मामले में अभियोजन की पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिकारी पंकज कुमार गुप्ता की दलीलों व गवाहों के बयान के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय अजय सिंह ने रंगीलाल उर्फ श्रवण कुमार तथा राजितराम पर आरोप सिद्ध करते हुए को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 52500 रुपये अर्थदंड लगाया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी केपी सिंह ने बताया कि आरोपियों की ओर से यदि अर्थदंड का भुगतान नहीं किया गया तो उन्हें दो वर्ष अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं शानू उर्फ मोहम्मद कलीम पुत्र अब्बास अली के नाबलिग होने के कारण मामला किशोर न्याय बोर्ड स्थानांतरित कर दिया गया है।