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कोविड 19 हास्पिटल के चिकित्सक भी होंगे क्वारंटीन
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श्रावस्ती। कोरोना (कोविड-19) से निपटने के लिए अब जिले में तीस बेड का अलग हास्पिटल बनाया गया है। यहां तैनात चिकित्सक व अन्य मेडिकल स्टाफ को चौदह दिन की ड्यूटी के बाद चौदह दिन क्वारंटीन में रहना होगा। ऐसे में स्टाफ को अब 28 दिन कम से कम परिवार से अलग रहना होगा। इसके लिए जमुनहा तहसील आवास को इनके लिए तैयार किया गया है।
कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान चिकित्सक व अन्य मेडिकल स्टाफ लोगोें के लिए देवदूत बन कर आगे आए हैं लेकिन ये लोग भी सेवा के दौरान कोरोना से प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए सरकार ने कोविड-19 के लिए एक अलग अस्पताल ही तैयार कराया है। भंगहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को कोविड-19 अस्पताल में परिवर्तित किया गया है जबकि यहां आने वाले मरीजों की देखरेख के लिए 25 कर्मियों का स्टाफ तैनात किया गया है। इसमें छह चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट, दो वार्डब्वाय, आठ स्टाफ नर्स व चार स्वीपर होंगे। यहां कोरोना से प्रभावित मरीजों को भर्ती किया जाएगा जिनकी देखरेख ये चिकित्सक व अन्य स्टाफ करेंगे।
इनकी ड्यूटी लगातार चौदह दिनों की होगी। इस दौरान ये अपने घर नहीं जा सकेंगे। इन्हें जमुनहा तहसील परिसर में बनाए गए आवासों में रखा जाएगा ताकि यदि कोई भी स्टाफ वायरस से प्रभावित हो तो उसके परिवार के लोग इसकी चपेट में न आएं। वहीं चौदह दिन की ड्यूटी के बाद इन्हें चौदह दिन यहीं पर क्वारंटीन में रहना होगा। चौदह दिन के बाद यदि सभी स्वस्थ रहे तो उन्हें फिर से सेवा में भेजा जाएगा। अन्यथा की स्थिति में आगे की कार्यवाही होगी।
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इस प्रकार कोविड हास्पिटल में काम करने के लिए दो टीम तैयार है जब एक टीम सेवा में रहेगी तो दूसरी क्वारंटीन। जो लोग कोरोना वायरस से प्रभावित होंगे। उनके लिए तीस बेड का भंगाहा में कोविड-19 हास्पिटल बनाया गया है। इस अस्पताल में केवल कोरोना से प्रभावित या फिर संदिग्ध की ही देखरेख होगी। इसके लिए चिकित्सकों को भी अलग रहना होगा। यह सब आम जनता की सेवा के लिए है लेकिन आम जनता को चाहिए कि वह चौदह अप्रैल तक घर से बाहर न निकलें।
इस बारे में जानकारी देते हुए सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि यह दौर अत्यंत संवेदनशील है। यदि सुरक्षा चक्र टूटा तो कोई भी व्यक्ति वायरस से प्रभावित हो सकता है। इसलिए मेरी फिर से अपील है कि स्वास्थ्य विभाग उनकी सेवा के लिए है। वह अपने बच्चाें, रिश्तेदारों को इस संक्रमण से बचाने के लिए स्वयं घर में रहें। किसी को घर में आने न दें। इसके अतिरिक्त अन्य लोगों को घर में ही रहने की सलाह दें।
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कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान चिकित्सक व अन्य मेडिकल स्टाफ लोगोें के लिए देवदूत बन कर आगे आए हैं लेकिन ये लोग भी सेवा के दौरान कोरोना से प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए सरकार ने कोविड-19 के लिए एक अलग अस्पताल ही तैयार कराया है। भंगहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को कोविड-19 अस्पताल में परिवर्तित किया गया है जबकि यहां आने वाले मरीजों की देखरेख के लिए 25 कर्मियों का स्टाफ तैनात किया गया है। इसमें छह चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट, दो वार्डब्वाय, आठ स्टाफ नर्स व चार स्वीपर होंगे। यहां कोरोना से प्रभावित मरीजों को भर्ती किया जाएगा जिनकी देखरेख ये चिकित्सक व अन्य स्टाफ करेंगे।
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इनकी ड्यूटी लगातार चौदह दिनों की होगी। इस दौरान ये अपने घर नहीं जा सकेंगे। इन्हें जमुनहा तहसील परिसर में बनाए गए आवासों में रखा जाएगा ताकि यदि कोई भी स्टाफ वायरस से प्रभावित हो तो उसके परिवार के लोग इसकी चपेट में न आएं। वहीं चौदह दिन की ड्यूटी के बाद इन्हें चौदह दिन यहीं पर क्वारंटीन में रहना होगा। चौदह दिन के बाद यदि सभी स्वस्थ रहे तो उन्हें फिर से सेवा में भेजा जाएगा। अन्यथा की स्थिति में आगे की कार्यवाही होगी।
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इस प्रकार कोविड हास्पिटल में काम करने के लिए दो टीम तैयार है जब एक टीम सेवा में रहेगी तो दूसरी क्वारंटीन। जो लोग कोरोना वायरस से प्रभावित होंगे। उनके लिए तीस बेड का भंगाहा में कोविड-19 हास्पिटल बनाया गया है। इस अस्पताल में केवल कोरोना से प्रभावित या फिर संदिग्ध की ही देखरेख होगी। इसके लिए चिकित्सकों को भी अलग रहना होगा। यह सब आम जनता की सेवा के लिए है लेकिन आम जनता को चाहिए कि वह चौदह अप्रैल तक घर से बाहर न निकलें।
इस बारे में जानकारी देते हुए सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि यह दौर अत्यंत संवेदनशील है। यदि सुरक्षा चक्र टूटा तो कोई भी व्यक्ति वायरस से प्रभावित हो सकता है। इसलिए मेरी फिर से अपील है कि स्वास्थ्य विभाग उनकी सेवा के लिए है। वह अपने बच्चाें, रिश्तेदारों को इस संक्रमण से बचाने के लिए स्वयं घर में रहें। किसी को घर में आने न दें। इसके अतिरिक्त अन्य लोगों को घर में ही रहने की सलाह दें।