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होम क्वारंटीन प्रवासी की बिगड़ी हालत, भेजा सैंपल
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जमुनहा (श्रावस्ती)। मुंबई से बारह दिन पूर्व बरगदहा गांव स्थित घर पहुंचा प्रवासी श्रमिक होम क्वारंटीन था। शुक्रवार को उसकी हालत बिगड़ गई। आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सूचना पर पहुंचे चिकित्सकों ने उसे एंबुलेंस से सीएचसी मल्हीपुर पहुंचाया। जहां से उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया। वहीं युवक की हालत खराब होने की सूचना के बाद ग्रामीणों में दहशत है।
मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बरगदहा निवासी हरिश्चंद्र (20) पुत्र मोंगरे मुंबई के मीरा रोड पर पांच वर्ष से बेकरी में मजदूरी करता था। लॉकडाउन के बाद काम बंद होने व पैसों की किल्लत के चलते वह नौ मई को मुंबई से वापस घर लौटा था। जहां बसाई फरक से छह लोग ट्रक से उसके साथ बाराबंकी आए थे।
बाराबंकी से वह दरवेश गांव निवासी पांच अन्य लोगों के साथ पैदल चल कर बहराइच के आसाम रोड पहुंचा था। जहां से परिवारीजन उसे मोटर साइकिल पर बैठा कर लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज वीरगंज लाए। जहां थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उसे होम क्वारंटीन किया गया था।
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इस बीच तीन दिनों से उसे खांसी, बुखार, पेट दर्द व उल्टी की समस्या हो गई। इसका इलाज उसने स्थानीय चिकित्सक से कराया। शुक्रवार रात उसकी हालत बिगड़ने लगी। इस पर शनिवार भोर राहत न मिलने पर परिवारीजनों ने इसकी जानकारी गांव की आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दी।
आशा ने इसकी जानकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमुनहा के प्रभारी डॉ. सुमन बाबू को दी। गांव पहुंचे पीएचसी प्रभारी ने उसकी जांच की। इसके बाद एंबुलेंस से उसको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर लाया गया। जहां से उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। वहीं युवक की हालत बिगड़ने की सूचना के बाद ग्रामीणों में दहशत है।
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मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बरगदहा निवासी हरिश्चंद्र (20) पुत्र मोंगरे मुंबई के मीरा रोड पर पांच वर्ष से बेकरी में मजदूरी करता था। लॉकडाउन के बाद काम बंद होने व पैसों की किल्लत के चलते वह नौ मई को मुंबई से वापस घर लौटा था। जहां बसाई फरक से छह लोग ट्रक से उसके साथ बाराबंकी आए थे।
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बाराबंकी से वह दरवेश गांव निवासी पांच अन्य लोगों के साथ पैदल चल कर बहराइच के आसाम रोड पहुंचा था। जहां से परिवारीजन उसे मोटर साइकिल पर बैठा कर लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज वीरगंज लाए। जहां थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उसे होम क्वारंटीन किया गया था।
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इस बीच तीन दिनों से उसे खांसी, बुखार, पेट दर्द व उल्टी की समस्या हो गई। इसका इलाज उसने स्थानीय चिकित्सक से कराया। शुक्रवार रात उसकी हालत बिगड़ने लगी। इस पर शनिवार भोर राहत न मिलने पर परिवारीजनों ने इसकी जानकारी गांव की आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दी।
आशा ने इसकी जानकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमुनहा के प्रभारी डॉ. सुमन बाबू को दी। गांव पहुंचे पीएचसी प्रभारी ने उसकी जांच की। इसके बाद एंबुलेंस से उसको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर लाया गया। जहां से उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। वहीं युवक की हालत बिगड़ने की सूचना के बाद ग्रामीणों में दहशत है।