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सीखने से पीछे छूटे बच्चों की करें मदद....
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श्रावस्ती। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान इकौना में शिक्षकों को कौशल आधारित शिक्षा का पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिलाया जा रहा था। इसके अंतिम दिन रविवार को डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को आवश्यक टिप्स दिए गए।
प्रशिक्षण के समापन पर डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता कौशल किशोर ने बाल केंद्रित शिक्षण की तुलना में कौशलों पर ध्यान देने की आवश्यकता क्यों है।
इसके बारे में जानकारी दिया। साथ ही उन्होंने सीखने के प्रमुख सिद्धांतों पर समझ बनाने, कक्षा कक्ष में घर की भाषा का प्रयोग करने, कक्षा में संवाद की भूमिका, भाषा की उच्चस्तरीय दक्षता हासिल करने, पूर्व ज्ञान, सीखने में पीछे छूट गए बच्चों की मदद करने व कक्षा कक्ष में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने आदि पर चर्चा करते हुए उसकी बारीकियों को समझाया।
साथ ही बुनियादी गणित क्या है, इसके कौशल, उपयुक्त दृष्टिकोण और पद्धति को समझना, उपयुक्त दृष्टिकोण व पद्धति के अनुसार गतिविधियों का निर्माण करना, आकलन क्या है, आकलन के तरीके, आकलन से प्राप्त आंकड़े का उपयोग, मूलभूत साक्षरता, संतुलित भाषा शिक्षण पद्धति एवं भाषा शिक्षण के घटक निपुण भारत के संदर्भ में डिकोडिंग से संबंधित कक्षा कक्ष की गतिविधियों और सामग्रियों को समझना, गतिविधियों का अभ्यास पाठन, अभ्यास लेखन, विकास आकलन के आधार पर बच्चों की मदद करने के बारे में बताया।
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इस दौरान नंद कुमार पाठक, प्रशांत मिश्रा, डायट प्रवक्ता आदर्श कुमार सिंह, संत कुमार, प्रवक्ता गिरीश कुमार मिश्रा, संतोष कुमार सोनी, चांद बाबू, राहुल, दिनेश प्रजापति, अनूप श्रीवास्तव, अकबाल, वंदना सिंह, राकेश सिंह सहित अन्य ब्लॉकों से आए हुए सभी प्रतिभागी मौजूद रहे। जिन्हें अपने ब्लाक के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की बात कही गई।
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प्रशिक्षण के समापन पर डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता कौशल किशोर ने बाल केंद्रित शिक्षण की तुलना में कौशलों पर ध्यान देने की आवश्यकता क्यों है।
इसके बारे में जानकारी दिया। साथ ही उन्होंने सीखने के प्रमुख सिद्धांतों पर समझ बनाने, कक्षा कक्ष में घर की भाषा का प्रयोग करने, कक्षा में संवाद की भूमिका, भाषा की उच्चस्तरीय दक्षता हासिल करने, पूर्व ज्ञान, सीखने में पीछे छूट गए बच्चों की मदद करने व कक्षा कक्ष में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने आदि पर चर्चा करते हुए उसकी बारीकियों को समझाया।
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साथ ही बुनियादी गणित क्या है, इसके कौशल, उपयुक्त दृष्टिकोण और पद्धति को समझना, उपयुक्त दृष्टिकोण व पद्धति के अनुसार गतिविधियों का निर्माण करना, आकलन क्या है, आकलन के तरीके, आकलन से प्राप्त आंकड़े का उपयोग, मूलभूत साक्षरता, संतुलित भाषा शिक्षण पद्धति एवं भाषा शिक्षण के घटक निपुण भारत के संदर्भ में डिकोडिंग से संबंधित कक्षा कक्ष की गतिविधियों और सामग्रियों को समझना, गतिविधियों का अभ्यास पाठन, अभ्यास लेखन, विकास आकलन के आधार पर बच्चों की मदद करने के बारे में बताया।
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इस दौरान नंद कुमार पाठक, प्रशांत मिश्रा, डायट प्रवक्ता आदर्श कुमार सिंह, संत कुमार, प्रवक्ता गिरीश कुमार मिश्रा, संतोष कुमार सोनी, चांद बाबू, राहुल, दिनेश प्रजापति, अनूप श्रीवास्तव, अकबाल, वंदना सिंह, राकेश सिंह सहित अन्य ब्लॉकों से आए हुए सभी प्रतिभागी मौजूद रहे। जिन्हें अपने ब्लाक के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की बात कही गई।