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48 घंटे में एसएनसीयू में भर्ती चार मासूमों ने तोड़ा दम
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संयुक्त जिला चिकित्सालय स्थित एसएनसीयू कक्ष
- फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा के एसएनसीयू में इलाज को भर्ती चार मासूमों ने बीते 48 घंटे में दम तोड़ दिया। परिवारजन जहां इसके लिए चिकित्सकों की लापरवाही को जिम्मेदार बता रहे हैं वहीं स्वास्थ्य विभाग के लोग बच्चों को इलाज के लिए देरी से एसएनसीयू में भर्ती कराए जाने को कारण बता पूरे मामले में चुप्पी साधे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिरसिया क्षेत्र के ग्राम भरथा कला के मजरा गोरवा निवासिनी रेखा पत्नी बबलू ने सोमवार को बच्चे को जन्म दिया था। जिसकी हालत नाजुक होने के कारण उसे सीएचसी सिरसिया से संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा स्थित एसएनसीयू कक्ष में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी देर रात मौत हो गई। इसी रात बलरामपुर जिले के शिवपुरा ब्लाक अंतर्गत महादेवा बाकी निवासिनी जुबेदा पत्नी गब्बन के बच्चे को भी भर्ती कराया गया था, उसकी भी मौत हो गई। इससे पहले बीते मंगलवार को शंकरपुर पिपरहवा निवासिनी सुधा पत्नी आशाराम व गौहनिया निवासिनी आमिना पत्नी फिरोज के नवजात शिशु को भी भर्ती कराया गया था। जिनकी मौत इलाज के दौरान हो गयी।
मृतक बच्चों के परिवारजनों ने इसके लिए ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की लापरवाही को कारण बता कार्रवाई की मांग भी की है। वर्ष वार आंकड़ों पर गौर किया जाए तो एक जनवरी 2020 से 31 दिसंबर 2020 तक एसएनसीयू में कुल 1392 नवजात शिशुओं को भर्ती कराया गया था। इनमें से 356 नवजात शिशुओं की मौत हुई। वहीं एक जनवरी 2021 से 31 मार्च 2021 तक कुल 462 नवजात शिशुओं को एसएनसीयू कक्ष में भर्ती कराया गया। इनमें से 89 नवजात शिशुओं की मौत हुई है।
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इस संबंध में मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. जेतीलाल का कहना है कि एसएनसीयू में प्री-मेच्योर व कम वजन के जन्में बच्चों के साथ ही प्रसव के दौरान गंदा पानी पी जाने वाले बच्चों को इलाज के लिए गंभीर हालत में लाया जाता है। इसी कारण तमाम प्रयास के बाद भी इनमें से कई को बचा पाना संभव नहीं हो पाता। जिले में एसएनसीयू में भर्ती बच्चों की मौत का कुल प्रतिशत 17.1 है। बीते 48 घंटे में जिन चार बच्चों की मौत की बात कही जा रही तो इसमें से एक बच्चे की मौत एसएनसीयू पहुंचने से पहले हो चुकी थी जबकि तीन की हालत काफी नाजुक होने के कारण हर संभव प्रयास बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिरसिया क्षेत्र के ग्राम भरथा कला के मजरा गोरवा निवासिनी रेखा पत्नी बबलू ने सोमवार को बच्चे को जन्म दिया था। जिसकी हालत नाजुक होने के कारण उसे सीएचसी सिरसिया से संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा स्थित एसएनसीयू कक्ष में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी देर रात मौत हो गई। इसी रात बलरामपुर जिले के शिवपुरा ब्लाक अंतर्गत महादेवा बाकी निवासिनी जुबेदा पत्नी गब्बन के बच्चे को भी भर्ती कराया गया था, उसकी भी मौत हो गई। इससे पहले बीते मंगलवार को शंकरपुर पिपरहवा निवासिनी सुधा पत्नी आशाराम व गौहनिया निवासिनी आमिना पत्नी फिरोज के नवजात शिशु को भी भर्ती कराया गया था। जिनकी मौत इलाज के दौरान हो गयी।
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मृतक बच्चों के परिवारजनों ने इसके लिए ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की लापरवाही को कारण बता कार्रवाई की मांग भी की है। वर्ष वार आंकड़ों पर गौर किया जाए तो एक जनवरी 2020 से 31 दिसंबर 2020 तक एसएनसीयू में कुल 1392 नवजात शिशुओं को भर्ती कराया गया था। इनमें से 356 नवजात शिशुओं की मौत हुई। वहीं एक जनवरी 2021 से 31 मार्च 2021 तक कुल 462 नवजात शिशुओं को एसएनसीयू कक्ष में भर्ती कराया गया। इनमें से 89 नवजात शिशुओं की मौत हुई है।
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इस संबंध में मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. जेतीलाल का कहना है कि एसएनसीयू में प्री-मेच्योर व कम वजन के जन्में बच्चों के साथ ही प्रसव के दौरान गंदा पानी पी जाने वाले बच्चों को इलाज के लिए गंभीर हालत में लाया जाता है। इसी कारण तमाम प्रयास के बाद भी इनमें से कई को बचा पाना संभव नहीं हो पाता। जिले में एसएनसीयू में भर्ती बच्चों की मौत का कुल प्रतिशत 17.1 है। बीते 48 घंटे में जिन चार बच्चों की मौत की बात कही जा रही तो इसमें से एक बच्चे की मौत एसएनसीयू पहुंचने से पहले हो चुकी थी जबकि तीन की हालत काफी नाजुक होने के कारण हर संभव प्रयास बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका।