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UP News: 'मम्मी-पापा मुझे माफ करना...', सुसाइड नोट में लिखी रुला देनी वाली कहानी; फिर फंदे से झूल गई युवती

Fri, 28 Mar 2025 12:21 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, श्रावस्ती
अमर उजाला नेटवर्क, श्रावस्ती Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Fri, 28 Mar 2025 12:21 PM IST
सार

'मम्मी-पापा मुझे माफ करना...', सुसाइड नोट लिखकर युवती ने फांसी लगाकर जान दे दी। एक महीने बाद उसकी शादी होनी थी। लेकिन, डोली उठने से पहले घरवालों को उसकी अर्थी को कंधा देना पड़ा।

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girl committed suicide by writing suicide note in Shravasti
रोते बिलखते परिजन - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

यूपी के श्रावस्ती में शुक्रवार की सुबह सुसाइड नोट लिख युवती ने खुदकुशी कर ली। घरवालों ने फंदे से लटकती लाश देखी तो चीख उठे। एक महीने बाद बरात आनी थी। घर पर इसकी तैयारियां चल रही थीं। युवती ने सुसाइड नोट में दहेज की खातिर जान देनी की बात लिखी। लिखा कि लड़के वाले दहेज में पांच लाख नकद मांग रहे हैं। हमारे मां-बाप गरीब हैं। इसलिए, मैं जान दे रही हूं।

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मामला मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम खांवा खुर्द का है। गांव निवासी रामकुमार वर्मा उर्फ डिप्टी को तीन बेटी एवं एक बेटा है। इनमें लक्ष्मी वर्मा (18), गायत्री (14), सावित्री (12) एवं अमित (9) है। रामकुमार ने अपनी पुत्री लक्ष्मी का विवाह नेपाल राष्ट्र के हुलासपुरवा ककरदरी निवासी अवधेश वर्मा के पुत्र रोहित वर्मा से तय किया था। 29 अप्रैल को लक्ष्मी व रोहित का विवाह होना था। घर में इसकी तैयारी चल रही थीं। 
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शादी के लिए देखा आठ तक पढ़ा लड़का

शुक्रवार सुबह करीब 7.30 बजे लक्ष्मी ने अपने कमरे की छत में लगे कुंडे से दुपट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी। आत्महत्या से पूर्व लक्ष्मी ने एक सुसाइड नोट लिखा। इसमें लिखा कि 'मेरी शादी 29 अप्रैल 2025 को होनी थी। लेकिन, दहेज के लिए हमें यह करना पड़ा। मेरे मां-बाप बहुत गरीब हैं। किसी तरह से बीए तक पढ़ाएं हैं। शादी के लिए लड़का देखे जो केवल आठ तक पढ़ा हुआ है।'

दहेज की खातिर लड़कियों की जिंदगी खराब है

दहेज में पांच लाख रुपये नकद मांगते हैं। मेरे मां-बाप के पास इतना रुपया नहीं है। इसलिए, मैं फांसी लगाने के लिए मजबूर हूं। दहेज की खातिर लड़कियों की जिंदगी खराब है। शादी की सारी व्यवस्था हो गई, इसका रुपया लड़के को देना पड़ेगा। मेरे पापा-मम्मी और दादा जी माफ करना मुझे। लड़के के नाम रोहित वर्मा है। उसके पिता अवधेश वर्मा, ग्राम हुलास पुरवा, ककरदरी, नेपाल हैं। 

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