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सामान्य जनसंख्या शून्य पर सीट कर दी आरक्षित

Sun, 21 Mar 2021 10:37 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 21 Mar 2021 10:37 PM IST
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General population reserved
श्रावस्ती। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आंकड़ों का चमत्कार फिर देखने को मिला। जनगणना के अनुसार जिस वर्ग की संख्या गांव में शून्य है, वहां प्रधान पद के लिए सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण लागू हुआ। वहीं जिन गांवों में जिस वर्ग की बहुलता है वहां उसके विपरीत आरक्षण लागू हुआ।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जनगणना 2011 के आंकड़ों ने कई चमत्कार किए है। इस चमत्कार का असर यह भी रहा कि जिस गांव में जिस वर्ग का एक भी व्यक्ति नहीं है, वहां उसी वर्ग के लिए सीट आरक्षित हो गई। ऐसा ही कुछ सिरसिया के मोतीपुर कला में देखने को मिला। यहां की कुल जनसंख्या 3755 है। इसमें से 3015 अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति हैं। जबकि अनुसूचित जाति के नौ व अन्य पिछड़ा वर्ग के 731 लोग यहां दर्ज हैं।
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इस ग्राम पंचायत में सामान्य वर्ग की संख्या शून्य है, लेकिन इस बार यह गांव अनारक्षित श्रेणी में चला गया। ऐसे ही गिलौला के उत्तमापुर का मामला भी चर्चा में है। यहां 2011 की जनगणना के अनुसार सामान्य वर्ग की जनसंख्या 511 बताई जाती है। जबकि मौके पर सामान्य वर्ग की संख्या शून्य है। यह पंचायत भी अनारक्षित है।
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ऐसे ही सिरसिया के खैरीतराई व रामपुर देवमन का मामला है। यहां अनुसूचित जनजाति की संख्या शून्य है फिर भी उसी वर्ग के लिए सीट आरक्षित है। सिरसिया के बेनीडिहवा में कुल जनसंख्या 1155 है। यहां अनुसूचित जाति के 164, पिछड़ी जाति के 988 व सामान्य वर्ग के मात्र 3 व्यक्तियों के बावजूद सीट अनारक्षित है। सिरसिया के ही परिसिया राजा में 1856 जनसंख्या के सापेक्ष अनुसूचित जाति 145, पिछड़ा वर्ग 1696 तो सामान्य वर्ग के मात्र 15 लोगों के बाद सीट अनारक्षित है।
तो क्या प्रशासकों से चलाना होगा काम
जनगणना 2011 में की गई एक चूक का खामियाजा अनुसूचित जनजाति बाहुल्य गांव व दो अनुसूचित जनजाति शून्य गांवों को भुगतना पड़ रहा है। नए आरक्षण रोस्टर में भी इन गांवों को कोई लाभ नहीं हुआ। इसका असर यह दिखेगा कि सिरसिया विकास खंड की दो पंचायतों को इस बार अपना प्रधान नहीं मिल पाएगा। यहां लोगों को प्रशासकों के भरोसे ही पांच वर्ष तक काम चलाना होगा। देखा जाए तो इस नए रोस्टर में आरक्षण को लेकर कुछ आंशिक परिवर्तन हुआ है, लेकिन उस परिवर्तन से अनुसूचित जातियों की श्रेणी को कोई लाभ नहीं मिलेगा।
संख्या न के बराबर फिर भी एसटी के लिए आरक्षण
2011 की जनगणना के अनुसार सिरसिया के खैरीतराई में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या दो है। जबकि रामपुर देवमन में इस वर्ग के सात व्यक्तियों के निवास का डाटा है। मौके पर यहां अनुसूचित जनजाति का एक व्यक्ति निवास नहीं करता। इसके बावजूद रामपुर देवमन को अनुसूचित जनजाति महिला तो खैरीतराई को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया है। देखा जाए तो खैरीतराई में कुल जनसंख्या 1189 है। यहां सामान्य वर्ग के 405, अन्य पिछड़ा वर्ग के 723 व अनुसूचित जाति वर्ग से 59 लोग है। रामपुर देवमन में कुल जनसंख्या 3532 में सामान्य वर्ग के 943, पिछड़े वर्ग 1806 व अनुसूचित जाति के 776 लोग निवास करते हैं।

अनुसूचित जनजाति बाहुल्य गांव हुआ सामान्य
सिरसिया में अनुसूचित जनजाति बाहुल्य गांव भचकाही, कटकुइयां, मोतीपुर कला है। यहां 90 फीसदी आबादी इसी वर्ग की है। इसके बावजूद 2011 की जनगणना को आधार मानते हुए कटकुइयां कला को अनुसचित जाति, मोतीपुर कला को सामान्य वर्ग व मसहा कला को पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
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