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ऑयस्टर प्रजाति के मशरूम की खेती ने दिलाई पहचान

Mon, 07 Dec 2020 10:41 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 07 Dec 2020 10:41 PM IST
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Cultivation of mushroom of oyster species brought recognition
डिलवा गांव में आयस्टर प्रजाति की मशरूम की खेती करता युवक। - फोटो : SRAWASTI
जमुनहा (श्रावस्ती)। इरादे नेक हों तो सपने भी साकार होते हैं। अगर सच्ची लगन हो तो रास्ते आसान होते हैं। इस कहावत को चरितार्थ कर रहा है डिलवा निवासी एक युवा किसान। जिसके द्वारा मात्र 6500 रुपये की लागत से रोजगार शुरू कर न सिर्फ अपनी माली हालत सुधारी गई। बल्कि आज वह किसानों के लिए रोल मॉडल भी बन चुका है। जिसके द्वारा उक्त रक्तचाप व मोटापे को कम करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ऑयस्टर प्रजाति के मशरूम की खेती कर जिले में अपनी पहचान बनाई गई।
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जमुनहा विकास क्षेत्र का ग्राम बरगदहा का मजरा डिलवा चौराहा राप्ती नदी की कछार में स्थित है। जहां प्रतिवर्ष राप्ती की लहरें अपना कहर बरपाती हैं। गांव के ज्यादातर किसान अपनी खेती से मायूस हो चुके हैं। ऐसे में गांव निवासी किसान राम चंदर मौर्या पुत्र केनू प्रसाद मौर्या ने पहले केले की खेती शुरू किया। जिसे देख अन्य किसानों ने भी इसे अपनाया। लेकिन धीरे धीरे यह खेती भी घाटे का सौदा बन गई। जिससे किसानों का केले की खेती से भी मोह भंग हो गया। इसके बाद रामचंदर ने अपने घर के एक कमरे में मशरूम की खेती की शुरूआत किया। उसके द्वारा कमरे के अंदर पॉलीथिन में उर्वरक व अन्य प्रदार्थ भर कर उसमें आयस्टर प्रजाति के मशरूम की खेती की शुरुआत की गई।
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मात्र छह हजार पांच सौ रुपये की लागत से शुरू हुई मशरूम की खेती से आज वह हजारों रुपये प्रतिमाह कमा रहा है। इतना ही नहीं उसे सरकारी अनुदान भी नहीं मिला। जिसकी कामयाबी देख अब आसपास के किसान भी इस अभिनय प्रयोग को करके अपनी माली हालत सुधारने में जुट गए हैं। रामचंदर ने बताया कि गांव बगल में राप्ती नदी है। जिससे किसानों को डर सा लगा रहता है। बाढ़ से फसल भी नष्ट होती रहती है। इस मौसम में गेहूं की मात्र एक ही खेती हो पाती है। मशरूम में अधिक लागत नही लगती। कम लागत में अच्छी आमदनी होती है।
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मशरूम की दो प्रजाति होती है। एक प्रजाति बटन व दूसरी ऑयस्टर है। बटन प्रजाति बाजारों में अधिक बिकती है। जबकि ऑयस्टर प्रजाति का मशरूम खाने में काफी फायदेमंद होता है। एगेरिकस प्रजाति की जितनी भी सब्जियां खाने के योग्य हैं वह मधुमेह रोगियों के वरदान है। इसमें ऑयस्टर प्रजाति का मशरूम भी शामिल है। उसके सेवन से उच्च रक्तचाप व मोटापे के रोगियों को लाभ मिलता है।
-डॉ. बंशराज, राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय जमुनहा
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