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Shravasti News: समितियों पर ताला, यूरिया के लिए भटकते रहे किसान
Fri, 29 Aug 2025 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 29 Aug 2025 12:44 AM IST
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साधन सहकारी समिति नासिरगंज में लटक रहा ताला। -संवाद
श्रावस्ती/गिरंट बाजार/तुलसीपुर। तराई में यूरिया संकट अभी भी बरकरार है। बृहस्पतिवार को गिलौला विकासखंड के हुसैनपुर खुररूहरी, जमुनहा और नासिरगंज समिति पर ताला लटकता मिला। यूरिया के इंतजार में किसान भटकते नजर आए। खाद खरीदने के लिए निजी दुकानों पर भारी भीड़ दिखी।
तराई में बृहस्पतिवार को जमुनहा के बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर ताला लटकता मिला। किसान ताला देखकर मायूस होकर लौटते मिले। पास में टहल रहे चौकीदार ने बताया कि समिति पर 100 बोरी डीएपी आई थी, जिसमें से 55 बोरी डीएपी मौजूद है। यूरिया के संबंध में चौकीदार ने कुछ भी जानकारी होने से मना कर दिया।
सहकारी संघ नासिरगंज स्थित साधन सहकारी समिति पर भी ताला लटकता मिला। पास के आवास पर मौजूद चौकीदार राधेश्याम ने बताया शनिवार को ही यूरिया खत्म हो गई थी और अभी आई नहीं है, जिसके चलते समिति पर ताला लटक रहा है।
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यही हाल बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति हरदत्त नगर गिरंट पर भी देखने को मिला। यहां भी ताला लटका रहा। विकास क्षेत्र गिलौला के हुसैनपुर खुरुहरी स्थिति बी-पैक्स सहकारी समिति पर भी किसानों का स्वागत ताले ने किया। यूरिया की लालसा में किसान समितियों का चक्कर काटते रहे और मायूस होकर लौटते रहे।
निजी दुकानों पर 350 रुपये बोरी मिल रही यूरिया
समितियों पर खाद नदारद होने से किसान निजी दुकानों की दौड़ लगाते दिखे। किसान मनोज कुमार, पंकज मिश्रा, सोहेल, नजमुद्दीन, रमेश कुमार व मनोहर आदि ने आरोप लगाते हुए बताया कि हफ्तों से समिति के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन यूरिया नहीं मिली। अब निजी दुकान से खाद खरीदना मजबूरी है। निजी दुकानों पर एक बोरी यूरिया 350 रुपये तक मिल रही है।
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तराई में बृहस्पतिवार को जमुनहा के बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर ताला लटकता मिला। किसान ताला देखकर मायूस होकर लौटते मिले। पास में टहल रहे चौकीदार ने बताया कि समिति पर 100 बोरी डीएपी आई थी, जिसमें से 55 बोरी डीएपी मौजूद है। यूरिया के संबंध में चौकीदार ने कुछ भी जानकारी होने से मना कर दिया।
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सहकारी संघ नासिरगंज स्थित साधन सहकारी समिति पर भी ताला लटकता मिला। पास के आवास पर मौजूद चौकीदार राधेश्याम ने बताया शनिवार को ही यूरिया खत्म हो गई थी और अभी आई नहीं है, जिसके चलते समिति पर ताला लटक रहा है।
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यही हाल बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति हरदत्त नगर गिरंट पर भी देखने को मिला। यहां भी ताला लटका रहा। विकास क्षेत्र गिलौला के हुसैनपुर खुरुहरी स्थिति बी-पैक्स सहकारी समिति पर भी किसानों का स्वागत ताले ने किया। यूरिया की लालसा में किसान समितियों का चक्कर काटते रहे और मायूस होकर लौटते रहे।
निजी दुकानों पर 350 रुपये बोरी मिल रही यूरिया
समितियों पर खाद नदारद होने से किसान निजी दुकानों की दौड़ लगाते दिखे। किसान मनोज कुमार, पंकज मिश्रा, सोहेल, नजमुद्दीन, रमेश कुमार व मनोहर आदि ने आरोप लगाते हुए बताया कि हफ्तों से समिति के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन यूरिया नहीं मिली। अब निजी दुकान से खाद खरीदना मजबूरी है। निजी दुकानों पर एक बोरी यूरिया 350 रुपये तक मिल रही है।