फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shravasti News ›   carelessness

सीएम के आदेश के बावजूद दस बजे तक अधिकारियों की कुर्सी रहती खाली

Wed, 26 Jun 2019 11:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2019 11:45 PM IST
विज्ञापन
carelessness
श्रावस्ती। मुख्यमंत्री ने जिले में कार्यरत अधिकारियों को सुबह नौ बजे से 11 बजे तक कार्यालय में बैठ जन समस्याएं सुनने का निर्देश दिया है। इस आदेश के बावजूद दस बजे तक अफसरों की अधिकांश कुर्सियां जिले में खाली रहती हैं।
विज्ञापन

बुधवार को ऐसे ही विकास भवन में संचालित कई जिला स्तरीय अधिकारियों के कमरे में ताला लगा था। कुछ के कमरे तो खुले थे लेकिन कुर्सियां खाली थी। जिसके चलते फरियादी तो घूमते रहेे लेकिन उनकी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं था।
विज्ञापन

जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय कार्यालय जिला पंचायत भवन के पीछे हैं। आसपास किसी अन्य अफसरों का कार्यालय नहीं है। यहां सुबह दस बजे बीएसए ओमकार राणा का कमरा तो खुला था। लेकिन वह उपस्थिति नहीं थे। कार्यालय में उपस्थित कर्मियों ने बताया कि साहब अभी तक नहीं आए हैं। जबकि यहां सिरसिया के राम नारायण व देवी दयाल प्राथमिक स्कूल से संबंधित शिकायत लेकर आए थे और वह उनका इंतजार कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विकास भवन में संचालित जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी का कार्यालय बुधवार सुबह 10:15 पर खुला तो था। लेकिन अधिकारी की कुर्सी ,खाली थरी। वहां नि:शक्त जन पेंशन के लिए आए हरिहरपुररानी के ओमकार का कहना था कि वह सुबह 9:30 बजे ही आ गया था। लेकिन अभी तक साहब नहीं आए। इसलिए इंतजार कर रहा हूं।
विकास भवन में संचालित सहायक अभियंता लघु सिंचाई राजेंद्र सिंह के कार्यालय में ताला लगा हुआ था। यहां यह भी बताने वाला कोई नहीं था कि साहब आएंगे कि नहीं। जबकि कार्यालय के बाहर इकौना के दशरथ व तुलसीराम विभाग की योजनाओं की जानकारी के लिए आए हुए थे।
विकास भवन में संचालित अपर परियोजना प्रबंधक निर्माण निगम हेमंत श्रीवासतव के कार्यालय में ताला लगा हुआ था। वहां मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि 9 से 11 बैठना तो दूर वह कभी कभी ही जिले में आते हैं। जबकि यहां दीवानी न्यायालय, इकौना में भारत दर्शन प्रोजेक्ट व एयर पोर्ट डेवलेपमेंट का कार्य इन्हीं के जिम्मे हैं। आए दिन इन प्रोजेक्टों को लेकर शिकायतें लेकर लोग आते हैं।
विकास भवन में ही संचालित जिला पंचायत राज अधिकारी रणविजय सिंह का कार्यालय है। यहां गेट तो खुला था लेकिन कुर्सी खाली थी। जबकि कार्यालय में फरियादी घूम रहे थे। इस विभाग पर ग्राम पंचायतों की पूरी जिम्मेदारी है।
विकास भवन के पहली मंजिल पर स्थित सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के कमरे का ताला तो खुला था। लेकिन साहब गायब थें। उनके दरवाजे पर ठेकेदारों से मिलने का समय लिखा था। लेकिन जन सामान्य के मिलने का समय कहीं भी अंकित नहीं था।

सीडीओ अवनीश राय ने बताया कि मैं अभी बाहर हूं। लेकिन सभी विभागाध्यक्षों को नौ बजे से 11 बजे तक कार्यालय में बैठ कर जन शिकायत सुनने का निर्देश है। इस दौरान यदि कोई अधिकारी विषम परिस्थिति में कहीं जाना चाहता है तो उसकी अनुमति जिलाधिकारी से लेनी होगी। इसके साथ ही अपने स्थापन पर किसी को जन सुनवाई के लिए बैठाना होगा। यदि कोई बिना सूचना गायब है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed