फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shravasti News ›   bahraich

मड़ाई से पहले ही खेत में अंकुरित हो रहा धान

Fri, 22 Oct 2021 11:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 11:39 PM IST
विज्ञापन
bahraich
श्रावस्ती। बीते दिनों हुई अतिवृष्टि के कारण राप्ती नदी सहित पहाड़ी नाले उफनाए हुए हैं। तेज हवाओं के साथ हुई बरसात के कारण खेतों में लगी धान की फसल गिरी पड़ी है और खेतों में अभी भी पानी भरा है। इसके चलते खेतों में काट कर रखी धान की फसल मड़ाई से पहले ही अंकुरित होने लगी है। इससे किसानों के लिए फसल की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन

विगत वर्ष धान की फसल खराब होने के बाद इस वर्ष किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद थी। जिले में 75,500 हेक्टेयर भूमि में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके इतर किसानों ने इस वर्ष 77,553 हेक्टेअर क्षेत्र में धान की रोपाई की थी। इसमें 42,112 हेक्टेयर में हाइब्रिड, 2142 हेक्टेयर में बासमती व 31498 हेक्टयर में सामान्य धान की खेती की गई थी। धान की नर्सरी डालने से लेकर अब तक अच्छी बरसात होने के कारण इस वर्ष बेहतर पैदावार की संभावना से किसानों के चेहरों पर खुशी दिख रही थी। लेकिन बीते दिनों हुई अतिवृष्टि व तेज हवाओं ने किसानों के उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
विज्ञापन

तेज हवा के कारण खेत में लगी फसल गिर गई। वहीं अतिवृष्टि के कारण खेत खलिहान भी जलमग्न हो गए। ऐसे में एक तरफ खेतों में लगी धान की फसल खराब हो रही है तो वहीं जिन किसानों ने धान की फसल काट ली थी, वह भी बिना मड़ाई के ही अंकुरित होने लगी है। इससे किसानों को फसल की लागत भी वापस न लौट पाने की चिंता सताने लगी है। कृषि विभाग के अफसरों की माने तो तेज हवाओं व अतिवृष्टि के कारण करीब 50 फीसदी फसल का नुकसान हुआ है। खेतों में पानी होने के कारण जहां धान की कटाई व मड़ाई का कार्य बाधित है। वहीं खेत व खलिहानों के जलमग्न होने के कारण किसानों के सामने पानी में खराब हो रही फसल को सुखाना भी बड़ी चुनौती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जलभराव के कारण धान की फसल में सबसे अधिक नुकसान सिरसिया में और इसके बाद जमुनहा में हुआ है। यहां बाढ़ के पानी का असर सबसे ज्यादा रहा। जबकि हरिहरपुररानी, इकौना व गिलौला में आंशिक नुकसान देखा गया है। औसतन जिले में धान की 40 से 45 फीसदी फसल के नुकसान की आशंका है।
-डॉ. अवधेश कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed