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Shravasti News: आनंद बोधि पहुंचे थाईलैंड के अनुयायियों ने की प्रार्थना
Tue, 18 Mar 2025 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Tue, 18 Mar 2025 11:51 PM IST
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तपोस्थली का भ्रमण करते अनुयायी।
कटरा (श्रावस्ती)। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती मंगलवार को अनुयायियों से गुलजार रही। थाईलैंड से 45 सदस्यीय दल बुद्ध की तपोस्थली पहुंचा। इस दौरान दल के सदस्यों ने भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में आनंद बोधि पर प्रार्थना की।
भिक्षु देवानंद ने कहा कि की एक बार भगवान बुद्ध अपने अनुयायियों के साथ किसी गांव में उपदेश देने जा रहे थे। उस गांव से पूर्व ही मार्ग में उन लोगों को जगह-जगह बहुत सारे गड्ढे खुदे हुए मिले। बुद्ध के एक शिष्य ने उन गड्ढों को देखकर जिज्ञासा प्रकट की, आखिर इस तरह गड्ढों का खुदे होने का तात्पर्य क्या है। बुद्ध बोले, पानी की तलाश में किसी व्यक्ति ने इतने गड्ढे खोदे हैं। यदि वह धैर्यपूर्वक एक ही स्थान पर गड्ढा खोदता तो उसे पानी अवश्य मिल जाता, पर वह थोड़ी देर गड्ढा खोदता और पानी न मिलने पर दूसरा गड्ढा खोदना शुरू कर देता। व्यक्ति को परिश्रम करने के साथ धैर्य भी रखना चाहिए। इसके बाद दल के सदस्यों ने तपोस्थली का भ्रमण किया। इस दौरान काफी संख्या में अनुयायी मौजूद रहे।
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भिक्षु देवानंद ने कहा कि की एक बार भगवान बुद्ध अपने अनुयायियों के साथ किसी गांव में उपदेश देने जा रहे थे। उस गांव से पूर्व ही मार्ग में उन लोगों को जगह-जगह बहुत सारे गड्ढे खुदे हुए मिले। बुद्ध के एक शिष्य ने उन गड्ढों को देखकर जिज्ञासा प्रकट की, आखिर इस तरह गड्ढों का खुदे होने का तात्पर्य क्या है। बुद्ध बोले, पानी की तलाश में किसी व्यक्ति ने इतने गड्ढे खोदे हैं। यदि वह धैर्यपूर्वक एक ही स्थान पर गड्ढा खोदता तो उसे पानी अवश्य मिल जाता, पर वह थोड़ी देर गड्ढा खोदता और पानी न मिलने पर दूसरा गड्ढा खोदना शुरू कर देता। व्यक्ति को परिश्रम करने के साथ धैर्य भी रखना चाहिए। इसके बाद दल के सदस्यों ने तपोस्थली का भ्रमण किया। इस दौरान काफी संख्या में अनुयायी मौजूद रहे।
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