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मौसम विभाग की चेतावनी के बाद बढ़ी कछार वासियों की धड़कन
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श्रावस्ती। नेपाल के पहाड़ों पर हुई बरसात के बाद खतरे का निशान पार कर चुकी राप्ती नदी का जलस्तर अब सामान्य हो चुका है। इसके साथ ही राप्ती अपने किनारों पर बसे गांवों में कटान कर रही है। जिससे कई बीघा कृषि भूमि नदी की धारा में विलीन हो रही है। ऐसे में जब मौसम विभाग की ओर से तीन दिन और भारी बरसात की चेतावनी जारी की गई है तो कछार वासियों की धड़कने तेज हो गई हैं। उनका मानना है कि यदि ऐसा हुआ तो न सिर्फ कछार में बसे 72 गांव टापू बन जाएंगे। बल्कि लोगों के घर मकान व खेत खलिहान के कटने का खतरा भी बढ़ेगा।
तराई में मेघ मेहरबान हैं। विगत एक सप्ताह से जिले में रुक रुक कर बरसात हो रही है। वहीं नेपाल सहित पहाड़ों पर हुई बरसात के कारण राप्ती नदी का जलस्तर खतरे का निशान पार कर 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। जिससे राप्ती अपने कछार में बसे गांव व खेतों को जलमग्न करते हुए आगे बढ़ने लगी थी। वहीं विगत दो दिनों से नेपाल के पहाड़ों पर बरसात न होने के कारण राप्ती नदी का जलस्तर घटकर अब सामान्य हो चुका है। घटते जल स्तर के साथ राप्ती की लहरें अपने किनारों पर तेजी से कटान कर रही है। इससे कछार में बसे कई गांवों में लोगों के खेत व कृषि भूमि कट कर नदी की धारा में विलीन हो रही है। इतना ही नहीं मधवापुर, भगवानपुर, सर्रा, अशरफ नगर सहित अन्य गांवों में नदी कटान कर रही है। जिससे दहशत में आए ग्रामीण न सिर्फ अपने आशियाने उजाड़ कर सुरक्षित स्थान पर निकल गए। बल्कि कटान थमने के लिए मौसम सामान्य होने का इंतजार भी कर रहे हैं।
ऐसे में शनिवार को मौसम विभाग की ओर से तीन दिन और भारी बरसात होने की चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद एक बार पुन: कछारवासियों की धड़कनें काफी तेज हो गई हैं। कछारवासियों का मानना है कि यदि तेज बरसात हुई तो राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ेगा यहां बसे 72 गांव टापू बन जाएंगे। इसके साथ ही जिन लोगों के घर मकान व खेत खलिहान के कटने का खतरा टल गया था। वहां पुन: कटान हो सकती है।
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बादलों की लुकाछिपी देख आशान्वित हैं किसान
जिले में शनिवार भोर से ही बादलों की लुकाछिपी जारी है। जहां घने काले बादल तो कहीं बदली व धूप के बीच चल रही पछुआ हवाएं बरसात की संभावनाओं को बल दे रही हैं। इसे देख किसान बेहतर बरसात को लेकर आशान्वित नजर आ रहे हैं। विगत दो दिनों से बरसात न होने के कारण जिन खेतों में पानी कम होने से धान की रोपाई का कार्य बाधित हो गया था। उन किसानों को उम्मीद है कि यदि झमाझम बरसात हुई तो रोपाई के कार्य में तेजी आ जाएगी। वहीं जो किसान धान की रोपाई कर चुके हैं उनको भी फायदा होने की उम्मीद है।
यहां दें बाढ़ से संबंधित सूचना
उपजिलाधिकारी भिनगा राजेश कुमार मिश्रा ने बाढ़ पीड़ितों से अपील की है कि उनकी सहायता के लिए बाढ़ चौकियों का संचालन किया जा रहा है। साथ ही जिलास्तर पर बाढ़ कंट्रोल रूम भी स्थापित है। यदि किसी को बाढ़ से संबंधित कोई भी समस्या है अथवा सूचना देना है तो वह नजदीकी बाढ़ चौकी अथवा जिलाधिकारी कार्यालय में स्थापित बाढ़ कंट्रोल रूम के नंबर 9454417485 एवं 9454417486 पर संपर्क कर सूचित कर सकते हैं।
अभी भी मुख्य मार्ग पर बह रहा बाढ़ का पानी
भंगहा मल्हीपुर मार्ग पर दो दिन पूर्व राप्ती नदी के बाढ़ का पानी आ जाने से मार्ग पर आवागमन अवरुद्ध हो गया था। इतना ही नहीं पानी के तेज बहाव के कारण मुख्य मार्ग की पटरियां भी कट रही थीं। इसके चलते प्रशासन की ओर से मार्ग पर वाहनों का आवागमन भी प्रतिबंधित कर दिया गया था। राप्ती नदी का जलस्तर सामान्य होने के बावजूद अभी भी मार्ग पर बाढ़ का पानी बह रहा है। हालांकि पानी कम होने के कारण पैदल साइकिल व मोटरसाइकिल से लोग आने जाने लगे हैं। लेकिन भंगहा चौकी पुलिस की ओर से चौपहिया व भारी वाहनों का आवागमन अब भी प्रतिबंधित रखा गया है।
मौसम विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि आगामी तीन दिन 19 से 22 जून तक जिले में घने बादल छाए रहेंगे। इसके साथ ही गरज चमक के साथ तेज हवाओं के चलने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस बीच मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना जताई जा रही है। इस सप्ताह आर्द्रता सामान्य से अधिक रहगी। पूर्वी हवाओं के सामान्य से मध्यम गति में चलने की संभावना है।
-डॉ. आरपीएस रघुवंशी, वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र श्रावस्ती
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तराई में मेघ मेहरबान हैं। विगत एक सप्ताह से जिले में रुक रुक कर बरसात हो रही है। वहीं नेपाल सहित पहाड़ों पर हुई बरसात के कारण राप्ती नदी का जलस्तर खतरे का निशान पार कर 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। जिससे राप्ती अपने कछार में बसे गांव व खेतों को जलमग्न करते हुए आगे बढ़ने लगी थी। वहीं विगत दो दिनों से नेपाल के पहाड़ों पर बरसात न होने के कारण राप्ती नदी का जलस्तर घटकर अब सामान्य हो चुका है। घटते जल स्तर के साथ राप्ती की लहरें अपने किनारों पर तेजी से कटान कर रही है। इससे कछार में बसे कई गांवों में लोगों के खेत व कृषि भूमि कट कर नदी की धारा में विलीन हो रही है। इतना ही नहीं मधवापुर, भगवानपुर, सर्रा, अशरफ नगर सहित अन्य गांवों में नदी कटान कर रही है। जिससे दहशत में आए ग्रामीण न सिर्फ अपने आशियाने उजाड़ कर सुरक्षित स्थान पर निकल गए। बल्कि कटान थमने के लिए मौसम सामान्य होने का इंतजार भी कर रहे हैं।
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ऐसे में शनिवार को मौसम विभाग की ओर से तीन दिन और भारी बरसात होने की चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद एक बार पुन: कछारवासियों की धड़कनें काफी तेज हो गई हैं। कछारवासियों का मानना है कि यदि तेज बरसात हुई तो राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ेगा यहां बसे 72 गांव टापू बन जाएंगे। इसके साथ ही जिन लोगों के घर मकान व खेत खलिहान के कटने का खतरा टल गया था। वहां पुन: कटान हो सकती है।
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बादलों की लुकाछिपी देख आशान्वित हैं किसान
जिले में शनिवार भोर से ही बादलों की लुकाछिपी जारी है। जहां घने काले बादल तो कहीं बदली व धूप के बीच चल रही पछुआ हवाएं बरसात की संभावनाओं को बल दे रही हैं। इसे देख किसान बेहतर बरसात को लेकर आशान्वित नजर आ रहे हैं। विगत दो दिनों से बरसात न होने के कारण जिन खेतों में पानी कम होने से धान की रोपाई का कार्य बाधित हो गया था। उन किसानों को उम्मीद है कि यदि झमाझम बरसात हुई तो रोपाई के कार्य में तेजी आ जाएगी। वहीं जो किसान धान की रोपाई कर चुके हैं उनको भी फायदा होने की उम्मीद है।
यहां दें बाढ़ से संबंधित सूचना
उपजिलाधिकारी भिनगा राजेश कुमार मिश्रा ने बाढ़ पीड़ितों से अपील की है कि उनकी सहायता के लिए बाढ़ चौकियों का संचालन किया जा रहा है। साथ ही जिलास्तर पर बाढ़ कंट्रोल रूम भी स्थापित है। यदि किसी को बाढ़ से संबंधित कोई भी समस्या है अथवा सूचना देना है तो वह नजदीकी बाढ़ चौकी अथवा जिलाधिकारी कार्यालय में स्थापित बाढ़ कंट्रोल रूम के नंबर 9454417485 एवं 9454417486 पर संपर्क कर सूचित कर सकते हैं।
अभी भी मुख्य मार्ग पर बह रहा बाढ़ का पानी
भंगहा मल्हीपुर मार्ग पर दो दिन पूर्व राप्ती नदी के बाढ़ का पानी आ जाने से मार्ग पर आवागमन अवरुद्ध हो गया था। इतना ही नहीं पानी के तेज बहाव के कारण मुख्य मार्ग की पटरियां भी कट रही थीं। इसके चलते प्रशासन की ओर से मार्ग पर वाहनों का आवागमन भी प्रतिबंधित कर दिया गया था। राप्ती नदी का जलस्तर सामान्य होने के बावजूद अभी भी मार्ग पर बाढ़ का पानी बह रहा है। हालांकि पानी कम होने के कारण पैदल साइकिल व मोटरसाइकिल से लोग आने जाने लगे हैं। लेकिन भंगहा चौकी पुलिस की ओर से चौपहिया व भारी वाहनों का आवागमन अब भी प्रतिबंधित रखा गया है।
मौसम विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि आगामी तीन दिन 19 से 22 जून तक जिले में घने बादल छाए रहेंगे। इसके साथ ही गरज चमक के साथ तेज हवाओं के चलने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस बीच मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना जताई जा रही है। इस सप्ताह आर्द्रता सामान्य से अधिक रहगी। पूर्वी हवाओं के सामान्य से मध्यम गति में चलने की संभावना है।
-डॉ. आरपीएस रघुवंशी, वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र श्रावस्ती