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Shravasti News: धान में कीट प्रकोप से बचाव को सलाह
Fri, 25 Sep 2026 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 25 Sep 2026 11:48 PM IST
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श्रावस्ती। कृषि विभाग ने शुक्रवार को धान की फसल को रोग व कीटों से बचाने के लिए किसानों को सलाह जारी की। जिला कृषि रक्षा अधिकारी नत्थू लाल ने बताया कि इस समय धान में बालियां निकल रही हैं। ऐसे में भूरा फुदका व गंधी कीट का प्रकोप बढ़ सकता है। किसानों को फसल की नियमित निगरानी करनी चाहिए। भूरा फुदका तने से रस चूसकर पौधों को सुखा देता है, जिससे खेत जला हुआ दिखाई देता है। प्रकोप होने पर यूरिया का प्रयोग बंद करें। 500 लीटर पानी में इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल 50 मिलीलीटर प्रति एकड़ या थायामेथोक्साम 25 प्रतिशत डब्ल्यूजी 40 ग्राम मिलाकर छिड़काव करें। गंधी बग बालियों से रस चूसता है, जिससे दाने नहीं बनते और उत्पादन प्रभावित होता है। इससे बचाव के लिए मिथाइल पैराथियान पांच प्रतिशत धूल या फेनवेलरेट 0.4 प्रतिशत डीपी 25 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
बॉक्स में
समस्या होने पर करें संपर्क
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि फसल में कीट व रोग तथा खरपतवार की समस्या होने पर ब्लॉक स्तर पर स्थापित राजकीय कृषि रक्षा इकाई पर संपर्क करें। साथ ही किसान कृषि विभाग के अपने पंजीकरण नंबर, नाम, ग्राम का नाम, विकास खंड व जिले का नाम लिखते हुए कीट व रोग के फोटो के साथ मोबाइल नंबर 9452247111 तथा 9452257111 पर एसएमएस करें साथ ही व्हाट्सएप भी भेज सकते हैं। मैसेज मिलने के 48 घंटे के भीतर किसानों की समस्या का समाधान मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से भेजा जाएगा।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि फसल में कीट व रोग तथा खरपतवार की समस्या होने पर ब्लॉक स्तर पर स्थापित राजकीय कृषि रक्षा इकाई पर संपर्क करें। साथ ही किसान कृषि विभाग के अपने पंजीकरण नंबर, नाम, ग्राम का नाम, विकास खंड व जिले का नाम लिखते हुए कीट व रोग के फोटो के साथ मोबाइल नंबर 9452247111 तथा 9452257111 पर एसएमएस करें साथ ही व्हाट्सएप भी भेज सकते हैं। मैसेज मिलने के 48 घंटे के भीतर किसानों की समस्या का समाधान मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से भेजा जाएगा।
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