{"_id":"5c3a3324bdec2273467dbf71","slug":"81547318052-shravasti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूरे दिन बाधित रही मछरिहवा फीडर की विद्युत आपूर्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूरे दिन बाधित रही मछरिहवा फीडर की विद्युत आपूर्ति
विज्ञापन
हाईटेंशन लाइन टूटी, बिना बिजली रहे दो लाख लोग
श्रावस्ती। तहसील के निकट शनिवार को सुबह पांच बजे हाईटेंशन लाइन टूटने से विद्युत उपकेंद्र भिनगा के मछरिहवा फीडर की आपूर्ति पूरे दिन बाधित रही।
इसके चलते 45 गांव के करीब दो लाख लोग बिना बिजली के रहे। पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी पूरे दिन लाइन को दुरुस्त करने में जुटे रहे।
विद्युत उपकेंद्र भिनगा पर अधिभार घटने के बजाय लगातार बढ़ रहा है। इस उपकेंद्र से भिनगा टाऊन प्रथम, द्वितीय, कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल, नवोदय विद्यालय, सेमरी, लक्ष्मनपुर, मछरिहवा, हरिहरपुर फीडर को बिजली आपूर्ति दी जा रही है।
इसमें मछरिहवा फीडर की लाइन न सिर्फ सबसे लंबी है, बल्कि इस फीडर के सहारे सर्वाधिक 45 ग्राम पंचायतों के पांच हजार उपभोक्ताओं को आपूर्ति दी जाती है।
भिनगा व ककरदरी जंगल के मध्य से होकर गुजरी यह लाइन अक्सर अधिभार के कारण टूट कर गिरती रहती है। यह समस्या प्रत्येक मौसम में बनी रहती है।
इस पर अधिभार कम करने के लिए भंगहा में स्थापित विद्युत उपकेंद्र लोकार्पण के बाद भी कर्मचारियों के अभाव के कारण बंद है।
ऐसे में अधिभार के चलते भिनगा परसा मार्ग पर शनिवार सुबह करीब पांच बजे सदर तहसील स्थित ईट भट्ठे के पास हाईटेंशन लाइन टूट गई। इससे नगर पालिका परिषद भिनगा के सिविल लाइंस, कृष्णा नगर, अब्दुल कलाम नगर, वर्गावर्गी, चहलवा, मदरहवा, गोबार, मछरिहवा, पतिझिया सहित करीब 45 गांवों की विद्युत आपूर्ति पूरे दिन ठप रही।
इससे लगभग दो लाख आबादी पूरे दिन विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण बेहाल रहे। इस बारे में अधिशासी अभियंता पावर कार्पोरेशन रमाशंकर मौर्य ने बताया कि तहसील के निकट हाईटेंशन लाइन टूटने से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई थी। कर्मचारियों को लगाकर लाइन की मरम्मत कराई गई है। काम पूरा होते ही आपूर्ति भी बहाल कर दी गई।
विज्ञापन
शुरू हो भंगहा फीडर तो घटे अधिभार
भिनगा उपकेंद्र पर लगभग 45 से 50 हजार उपभोक्ताओं को बिजली पहुंचाने का जिम्मा है। लंबी व जर्जर विद्युत लाइन के चलते आए दिन तार टूट रहे हैं। जबकि भंगहा फीडर बन कर तैयार है, लेकिन वहां कर्मचारी की तैनाती नहीं है।
जिसके चलते उसका संचालन नहीं हो पा रहा है। यदि वहां कर्मचारियों की तैनाती हो तो भंगहा फीडर का अधिभार कम होगा। इस फीडर के चलने से कम से कम 15 हजार उपभोक्ता अलग हो जाएंगे, इससे आबाध विद्युत आपूर्ति में आने वाली समस्याएं कम होंगी।
विज्ञापन
श्रावस्ती। तहसील के निकट शनिवार को सुबह पांच बजे हाईटेंशन लाइन टूटने से विद्युत उपकेंद्र भिनगा के मछरिहवा फीडर की आपूर्ति पूरे दिन बाधित रही।
इसके चलते 45 गांव के करीब दो लाख लोग बिना बिजली के रहे। पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी पूरे दिन लाइन को दुरुस्त करने में जुटे रहे।
विद्युत उपकेंद्र भिनगा पर अधिभार घटने के बजाय लगातार बढ़ रहा है। इस उपकेंद्र से भिनगा टाऊन प्रथम, द्वितीय, कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल, नवोदय विद्यालय, सेमरी, लक्ष्मनपुर, मछरिहवा, हरिहरपुर फीडर को बिजली आपूर्ति दी जा रही है।
इसमें मछरिहवा फीडर की लाइन न सिर्फ सबसे लंबी है, बल्कि इस फीडर के सहारे सर्वाधिक 45 ग्राम पंचायतों के पांच हजार उपभोक्ताओं को आपूर्ति दी जाती है।
भिनगा व ककरदरी जंगल के मध्य से होकर गुजरी यह लाइन अक्सर अधिभार के कारण टूट कर गिरती रहती है। यह समस्या प्रत्येक मौसम में बनी रहती है।
इस पर अधिभार कम करने के लिए भंगहा में स्थापित विद्युत उपकेंद्र लोकार्पण के बाद भी कर्मचारियों के अभाव के कारण बंद है।
ऐसे में अधिभार के चलते भिनगा परसा मार्ग पर शनिवार सुबह करीब पांच बजे सदर तहसील स्थित ईट भट्ठे के पास हाईटेंशन लाइन टूट गई। इससे नगर पालिका परिषद भिनगा के सिविल लाइंस, कृष्णा नगर, अब्दुल कलाम नगर, वर्गावर्गी, चहलवा, मदरहवा, गोबार, मछरिहवा, पतिझिया सहित करीब 45 गांवों की विद्युत आपूर्ति पूरे दिन ठप रही।
विज्ञापन
इससे लगभग दो लाख आबादी पूरे दिन विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण बेहाल रहे। इस बारे में अधिशासी अभियंता पावर कार्पोरेशन रमाशंकर मौर्य ने बताया कि तहसील के निकट हाईटेंशन लाइन टूटने से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई थी। कर्मचारियों को लगाकर लाइन की मरम्मत कराई गई है। काम पूरा होते ही आपूर्ति भी बहाल कर दी गई।
विज्ञापन
शुरू हो भंगहा फीडर तो घटे अधिभार
भिनगा उपकेंद्र पर लगभग 45 से 50 हजार उपभोक्ताओं को बिजली पहुंचाने का जिम्मा है। लंबी व जर्जर विद्युत लाइन के चलते आए दिन तार टूट रहे हैं। जबकि भंगहा फीडर बन कर तैयार है, लेकिन वहां कर्मचारी की तैनाती नहीं है।
जिसके चलते उसका संचालन नहीं हो पा रहा है। यदि वहां कर्मचारियों की तैनाती हो तो भंगहा फीडर का अधिभार कम होगा। इस फीडर के चलने से कम से कम 15 हजार उपभोक्ता अलग हो जाएंगे, इससे आबाध विद्युत आपूर्ति में आने वाली समस्याएं कम होंगी।