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मिले बोरा व गेहूं की हो उठान तो और हो खरीदारी
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श्रावस्ती। सहालग में किसान को तत्काल पैसे की आवश्यकता है। इसके विपरीत गेहूं लेकर क्रय केंद्र जाने वाले किसानों के गेहूं का तौल नहीं हो रहा है। कहीं बोरे की कमी तो कहीं बोरा सिलने की मशीन न होने व कहीं उठान न होने की बात कह क्रय केंद्र प्रभारी गेहूं खरीदने से कतरा रहे हैं। ऐसे में किसान परेशान है। ऐसा ही कुछ मंगलवार को गिलौला व जमुनहा के क्रय केंद्र पर देखने को मिला। जहां एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी किसानों के गेहूं का तौल नहीं हो सका है।
जिले में गेहूं खरीद की रफ्तार काफी धीमी है। शासन द्वारा जिले को 32900 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है। डेढ़ माह बीतने के बाद भी अब तक मात्र 10317.630 मीट्रिक टन ही खरीद की गई हैं। जो लक्ष्य का 31.36 प्रतिशत ही है। गेहूं की खरीद मात्र एक माह ही शेष है। ऐसे में यह लक्ष्य पूरा होगा इस पर अभी से सवालिया निशान लग रहे हैं। इसका कारण अब तक अधिकारियों की चुनाव में व्यस्तता व क्रय केंद्र प्रभारियों द्वारा गेहूं खरीद में रुचि न लिया जाना है। मंगलवार को अमर उजाला ने जब गिलौला व जमुनहा क्षेत्र के क्रय केंद्र की पड़ताल किया तो सच्चाई उजागर हुई।
वर्जन
डीएम द्वारा सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्धारित समयावधि में शत प्रतिशत गेहूं खरीद का निर्देश दिया जा चुका है। डीएम, सीडीओ सहित अन्य अधिकारी व मेरे द्वारा भी क्रय केंद्रों की जांच की जा रही है। ऐसा कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। फिर भी इसकी जांच कराई जाएगी।
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-राजेश कुमार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
केस-1
जमुनहा। जमुनहा विकास क्षेत्र के साधन सहकारी समिति कथरा माफी में पांच हजार क्विंटल के सापेक्ष अब तक तीन हजार क्विंटल ही गेहूं खरीद हुआ है। जबकि 1510 क्विंटल गेहूं का उठान हो सका है। अभी क्रय केंद्र पर 1490 क्विंटल गेहूं डंप है। इसमें से 1770 बोरी गेहूं गोदाम में रखा गया है। जबकि 1210 बोरी गेहूं बाहर रखा है। जिसे पल्ली से ढका गया है। यहां गेहूं खरीद ठप है। किसानों को 45 लाख के सापेक्ष 17 लाख रुपये ही भुगतान किया गया है। शेष 28 लाख रुपये किसानों का अब तक बकाया है। क्रय केंद्र प्रभारी केशवराम वर्मा बताते हैं कि बोरा न होने व उठान न होने के कारण गेहूं की खरीद नहीं हो पा रही है।
केस-2
गिलौला। खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से संचालित गेहूं क्रय केंद्र दमावा पर दस दिनों से किसान गेहूं तौल का इंतजार कर रहे हैं। जिन्हें पास में लगी बांस की कोठरी के छाया का ही सहारा है। यहां पेयजल का भी कोई प्रबंध नहीं है। किसान मनिकापुर खुर्द निवासी राम कुबेर मिश्र ने बताया कि वह तीन मई को अपने टोकन पर गेहूं बिक्री करने आया था पर अभी तक तौल नही हुआ। क्रय केंद्र प्रभारी आकाश सितारे ने बताया कि 7800 क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 2000 क्विंटल की खरीद की गई है। खरीदे गये गेहूं का उठान नहीं हो रहा है और न ही यहां बोरा सिलने की मशीन उपलब्ध है। इस कारण गेहूं खरीद नहीं किया जा रहा है।
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जिले में गेहूं खरीद की रफ्तार काफी धीमी है। शासन द्वारा जिले को 32900 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है। डेढ़ माह बीतने के बाद भी अब तक मात्र 10317.630 मीट्रिक टन ही खरीद की गई हैं। जो लक्ष्य का 31.36 प्रतिशत ही है। गेहूं की खरीद मात्र एक माह ही शेष है। ऐसे में यह लक्ष्य पूरा होगा इस पर अभी से सवालिया निशान लग रहे हैं। इसका कारण अब तक अधिकारियों की चुनाव में व्यस्तता व क्रय केंद्र प्रभारियों द्वारा गेहूं खरीद में रुचि न लिया जाना है। मंगलवार को अमर उजाला ने जब गिलौला व जमुनहा क्षेत्र के क्रय केंद्र की पड़ताल किया तो सच्चाई उजागर हुई।
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डीएम द्वारा सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्धारित समयावधि में शत प्रतिशत गेहूं खरीद का निर्देश दिया जा चुका है। डीएम, सीडीओ सहित अन्य अधिकारी व मेरे द्वारा भी क्रय केंद्रों की जांच की जा रही है। ऐसा कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। फिर भी इसकी जांच कराई जाएगी।
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-राजेश कुमार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
केस-1
जमुनहा। जमुनहा विकास क्षेत्र के साधन सहकारी समिति कथरा माफी में पांच हजार क्विंटल के सापेक्ष अब तक तीन हजार क्विंटल ही गेहूं खरीद हुआ है। जबकि 1510 क्विंटल गेहूं का उठान हो सका है। अभी क्रय केंद्र पर 1490 क्विंटल गेहूं डंप है। इसमें से 1770 बोरी गेहूं गोदाम में रखा गया है। जबकि 1210 बोरी गेहूं बाहर रखा है। जिसे पल्ली से ढका गया है। यहां गेहूं खरीद ठप है। किसानों को 45 लाख के सापेक्ष 17 लाख रुपये ही भुगतान किया गया है। शेष 28 लाख रुपये किसानों का अब तक बकाया है। क्रय केंद्र प्रभारी केशवराम वर्मा बताते हैं कि बोरा न होने व उठान न होने के कारण गेहूं की खरीद नहीं हो पा रही है।
केस-2
गिलौला। खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से संचालित गेहूं क्रय केंद्र दमावा पर दस दिनों से किसान गेहूं तौल का इंतजार कर रहे हैं। जिन्हें पास में लगी बांस की कोठरी के छाया का ही सहारा है। यहां पेयजल का भी कोई प्रबंध नहीं है। किसान मनिकापुर खुर्द निवासी राम कुबेर मिश्र ने बताया कि वह तीन मई को अपने टोकन पर गेहूं बिक्री करने आया था पर अभी तक तौल नही हुआ। क्रय केंद्र प्रभारी आकाश सितारे ने बताया कि 7800 क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 2000 क्विंटल की खरीद की गई है। खरीदे गये गेहूं का उठान नहीं हो रहा है और न ही यहां बोरा सिलने की मशीन उपलब्ध है। इस कारण गेहूं खरीद नहीं किया जा रहा है।