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बैठक में अनुपस्थित बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी से जवाब तलब
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श्रावस्ती। कलक्ट्रेट सभागार में गुरुवार शाम डीएम ने राजस्व वसूली की समीक्षा की। उन्होंने वसूली में शिथिलता को अक्षम्य बताते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। इस दौरान बैठक में अनुपस्थित रहने पर उन्होंने बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि राजस्व वसूली से ही सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन करती है। वसूली से जुडे़ अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे व्यक्तिगत रुचि लेकर वसूली सुनिश्चित करें। इसमें शिथिलता कदापि न बरतें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक से बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी नदारद रहे।
जानकारी करने पर पता चला कि उनके पास बहराइच का भी प्रभार है। इसलिए वह कभी बैठक में नहीं आते हैं जिससे चकबंदी प्रकरणों की समीक्षा नहीं हो पाती है। साथ ही सीओ चकबंदी का पद भी रिक्त है। इससे किसानों की चकबंदी से संबंधित समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाता है। इस पर बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी के न बैठने तथा सीओ चकबंदी की तैनाती के लिए चकबंदी आयुक्त को पत्र भेजने का निर्देश दिया।
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नगर पंचायत इकौना में पेयजल समस्या के लिए अधिशाषी अधिकारी को फटकार लगाई। साथ ही समस्या दूर करने का निर्देश भी दिया। जिला आबकारी अधिकारी से माह में हुई छापेमारी व कार्रवाई की रिपोर्ट देने को कहा। तहसीलदारों को निर्देश दिया है कि जिन बकायेदारों के विरुद्ध आरसी जारी की गई है, उनसे क्षेत्र में जाकर वसूली करें।
विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान 30 जून 2018 के बाद कोई आरसी न जारी करने पर नाराजगी जताई। अवैध खनन किसी भी दशा में न होने पाए, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में जाकर व्यापक निगरानी रखने का निर्देश दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडे, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, अधिशाषी अभियंता विद्युत व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि राजस्व वसूली से ही सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन करती है। वसूली से जुडे़ अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे व्यक्तिगत रुचि लेकर वसूली सुनिश्चित करें। इसमें शिथिलता कदापि न बरतें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक से बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी नदारद रहे।
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जानकारी करने पर पता चला कि उनके पास बहराइच का भी प्रभार है। इसलिए वह कभी बैठक में नहीं आते हैं जिससे चकबंदी प्रकरणों की समीक्षा नहीं हो पाती है। साथ ही सीओ चकबंदी का पद भी रिक्त है। इससे किसानों की चकबंदी से संबंधित समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाता है। इस पर बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी के न बैठने तथा सीओ चकबंदी की तैनाती के लिए चकबंदी आयुक्त को पत्र भेजने का निर्देश दिया।
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नगर पंचायत इकौना में पेयजल समस्या के लिए अधिशाषी अधिकारी को फटकार लगाई। साथ ही समस्या दूर करने का निर्देश भी दिया। जिला आबकारी अधिकारी से माह में हुई छापेमारी व कार्रवाई की रिपोर्ट देने को कहा। तहसीलदारों को निर्देश दिया है कि जिन बकायेदारों के विरुद्ध आरसी जारी की गई है, उनसे क्षेत्र में जाकर वसूली करें।
विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान 30 जून 2018 के बाद कोई आरसी न जारी करने पर नाराजगी जताई। अवैध खनन किसी भी दशा में न होने पाए, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में जाकर व्यापक निगरानी रखने का निर्देश दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडे, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, अधिशाषी अभियंता विद्युत व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।