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योगी तीसरी बार सीएम न बनें : ओवैसी
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-तितरवाड़ा रोड पर आयोजित जनसभा में भाजपा, सपा, कांग्रेस, बसपा पर साधा निशाना
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना (शामली)। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बसपा और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब तक अल्पसंख्यक समाज का अपना नेता नहीं बनेगा, तब तक उनके मसलों का हल नहीं होगा। ओवैसी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनते नहीं देखना चाहती।
ओवैसी ने कहा कि जो दल योगी आदित्यनाथ को दोबारा मुख्यमंत्री बनने से रोकना चाहते हैं, एआईएमआईएम उनके साथ जाने के लिए तैयार है। उन्होंने तितरवाड़ा रोड पर एक जनसभा में अल्पसंख्यक समाज की राजनीतिक भागीदारी पर जोर दिया। ओवैसी ने तर्क दिया कि समाज के अपने राजनीतिक नेतृत्व के बिना रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों की समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने पिछले विधानसभा चुनावों का जिक्र किया। सपा ने करीब 380, कांग्रेस ने 400, बसपा ने 400 और आम आदमी पार्टी ने करीब 300 उम्मीदवार उतारे थे। ओवैसी ने सवाल किया कि इन पार्टियों से उनके चुनाव लड़ने के फायदे पर सवाल क्यों नहीं होता। उन्होंने कहा कि केवल एआईएमआईएम के चुनाव लड़ने पर ही उसे निशाना बनाया जाता है। ओवैसी ने भाजपा की लगातार चुनावी जीत पर भी विपक्षी दलों की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने बिहार में एआईएमआईएम के चार विधायकों के दूसरे दल में जाने और महाराष्ट्र में शिवसेना के विभाजन का जिक्र भी किया।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल अलग-अलग घटनाओं पर अपनी सुविधा के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं। उन्होंने चुनावी राजनीति में सभी दलों के लिए एक समान मापदंड की मांग की। ओवैसी ने कहा कि कुछ दल चाहते हैं कि अल्पसंख्यक समाज उन्हें वोट दे। लेकिन वे अपने अन्य मुद्दों पर सवाल न उठाएं। उन्होंने मकानों पर कार्रवाई, मस्जिदों से जुड़े विवाद और लोगों को जेल भेजे जाने के मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने रामपुर में आजम खान का भी उल्लेख किया। ओवैसी ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज के मुद्दों को केवल चुनाव तक सीमित नहीं रखना चाहिए। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों की समस्याओं और जमीन के विवादों पर भी राजनीतिक दलों को आवाज उठानी चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना (शामली)। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बसपा और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब तक अल्पसंख्यक समाज का अपना नेता नहीं बनेगा, तब तक उनके मसलों का हल नहीं होगा। ओवैसी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनते नहीं देखना चाहती।
ओवैसी ने कहा कि जो दल योगी आदित्यनाथ को दोबारा मुख्यमंत्री बनने से रोकना चाहते हैं, एआईएमआईएम उनके साथ जाने के लिए तैयार है। उन्होंने तितरवाड़ा रोड पर एक जनसभा में अल्पसंख्यक समाज की राजनीतिक भागीदारी पर जोर दिया। ओवैसी ने तर्क दिया कि समाज के अपने राजनीतिक नेतृत्व के बिना रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों की समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने पिछले विधानसभा चुनावों का जिक्र किया। सपा ने करीब 380, कांग्रेस ने 400, बसपा ने 400 और आम आदमी पार्टी ने करीब 300 उम्मीदवार उतारे थे। ओवैसी ने सवाल किया कि इन पार्टियों से उनके चुनाव लड़ने के फायदे पर सवाल क्यों नहीं होता। उन्होंने कहा कि केवल एआईएमआईएम के चुनाव लड़ने पर ही उसे निशाना बनाया जाता है। ओवैसी ने भाजपा की लगातार चुनावी जीत पर भी विपक्षी दलों की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने बिहार में एआईएमआईएम के चार विधायकों के दूसरे दल में जाने और महाराष्ट्र में शिवसेना के विभाजन का जिक्र भी किया।
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ओवैसी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल अलग-अलग घटनाओं पर अपनी सुविधा के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं। उन्होंने चुनावी राजनीति में सभी दलों के लिए एक समान मापदंड की मांग की। ओवैसी ने कहा कि कुछ दल चाहते हैं कि अल्पसंख्यक समाज उन्हें वोट दे। लेकिन वे अपने अन्य मुद्दों पर सवाल न उठाएं। उन्होंने मकानों पर कार्रवाई, मस्जिदों से जुड़े विवाद और लोगों को जेल भेजे जाने के मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने रामपुर में आजम खान का भी उल्लेख किया। ओवैसी ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज के मुद्दों को केवल चुनाव तक सीमित नहीं रखना चाहिए। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों की समस्याओं और जमीन के विवादों पर भी राजनीतिक दलों को आवाज उठानी चाहिए।
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