टाइम बम पर इमराना का खुलासा: दंगों में मिला दर्द तो दिल में घर कर गई नफरत, बनवाए थे 55 बम, अब ये था प्लान
टाइम बोतल बम (आईईडी) के लिए 10 हजार रुपये देकर ऑर्डर देने वाली इमराना को एसटीएफ व शहर कोतवाली की संयुक्त पुलिस टीम ने उसे घर से गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब साजिशों का खुलासा होगा। अभी तक की पूछताछ में इमराना ने कई बड़े खुलासे किए हैं।
विस्तार
टाइमर बोतल बम (आईईडी) का आर्डर देने वाली इमराना ने एसटीएफ की पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं। इमराना अपने परिवार के साथ शामली कोतवाली के मोहल्ला प्रेमपुरी में वर्ष 2000 से रहती है। उसका दो मंजिला मकान है। एक अन्य घेर बनाकर उसमें परिजनों ने पशु पाल रखे हैं, जिनका दूध बेचा जाता है। वहीं परिवार के सदस्यों ने जावेद पर इमराना को फंसाने का आरोप लगाया है। बताया कि जावेद के एक परिचित ने इमराना के बेटे सोनू के खाते में दस हजार रुपये भेजे थे।
धारा बढ़ाने की तैयारी
एसटीएफ एवं शहर कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई इमराना से आईबी की टीम पूछताछ कर रही है। इस मामले में पुलिस ने षडयंत्र रचने की धारा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। तीन दिन पहले एसटीएफ एवं शहर कोतवाली पुलिस ने मिमलाना रोड निवासी जावेद को पकड़ा था। उससे चार टाइमर बोतल बम बरामद हुए थे उसने इमराना से मिले ऑर्डर के आधार पर बम बनाना बताया था। इमराना को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। आईबी की टीम इमराना से पूछताछ कर रही है।
भावुक हुआ पति बोला-उसके परिवार ने अपराध नहीं किया
इमराना का पति आजाद अपनी पत्नी को फंसाने की बात बताते हुए भावुक हो गया। आजाद का कहना था कि वह मेहनत मजदूरी करता है। तीन बेटियों की शादी कर चुका है। एक बेटे की कुछ माह पहले मौत हो गई थी। छोटा बेटा कक्षा बारह तक की पढ़ाई पूरी कर घर पर पशु पालता है और दूध बेचता है। संपत्ति के नाम पर उनके पास एक मकान, घेर व एक छोटी कार है।
बताया कि दंगे के दौरान उनके मकान में आग लगा दी गई थी। वह बंतीखेड़ा का रहने वाला है, उसकी ससुराल शाहपुर के गांव निरमानी में है। उसके परिवार ने कोई अपराध नही किया है। जावेद के बारे में उससे पूछा गया तो बताया कि जावेद पिता की मौत के बाद से अपने चाचा के घर रहता था।
इमराना की बेटी रुकसार का कहना है कि उन्होंने मम्मी को पुलिस को सौंप दिया है, क्योंकि उनका परिवार गलत नहीं है।
बम बनवाने का इमराना का क्या था उद्देश्य?
किसने दिया था बम बनवाने का आर्डर?
जिन्हें दिए जाने थे बम, क्या करना चाहते थे वह ?
अब से पहले जेल तो नहीं गई है इमराना ?
किसी परिजन का कोई अपराधिक इतिहास तो नहीं?
इमराना के पास कितनी है संपत्ति?
तंत्र-मंत्र व दवाई के बहाने किसी बड़े गिरोह से तो नहीं जुड़ी है इमराना?
क्या कोई आतंकी संगठन इमराना के सहारे जिले में पैर तो नहीं पसार रहा?
धन देकर युवाओं को बनाया तो नही जा रहा स्लीपर सेल का मॉड्यूल्स?
यदि सूत्रों की मानें तो इमराना ने पुलिस को बताया है कि जावेद से 2009-2014 में भी बम बनवाए थे, अभी पूछताछ चल रही है।
पूछताछ में इमराना ने बताया कि दंगों के दौरान उसका घर मुजफ्फरनगर में जला दिया गया था। जिस पर वह कुछ समय के लिए शामली के मकान में भी रही।
मेरठ एसटीएफ के एसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि इमराना ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि जावेद के पिता हकीम थे। इमराना उनके पास दवा लेने जाती थी। इस दौरान वर्ष 2009 में उसकी मुलाकात जावेद से हु।
बताया कि 2014 के दंगों में इमराना का घर जला दिया गया। इसके बाद से उसके मन में नफरत भर गई थी। उसने दंगों में इस्तेमाल के लिए जावेद से 55 बम बनवाए थे। कुछ बम लोगों को बांट दिए थे, जबकि कुछ को तालाब में फेंक दिया था। अब वह फिर से किसी नई साजिश का तानाबाना बुन रही थी। एसपी ने बताया कि ये प्रथम पूछताछ में जानकारी इमराना ने दी है। उससे पूछताछ की जा रही है।