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जनपद में नहीं थम रहा बुखार का प्रकोप, डेंगू ने भी पांव पसारे
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मृतक महिला मधुबाला का फाइल फोटो।
- फोटो : SHAMLI
शामली। जनपद में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक बुखार से तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है। परिजनों ने दो महिलाओं की मौत डेंगू बुखार से होना बताया है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जनपद में डेंगू बुखार से किसी की मौत नहीं हुई है। उधर, निजी अस्पतालों में मासूम बच्चों में भी डेंगू बुखार के केस सामने आ रहे हैं।
जिले में पिछले कई महीने से वायरल, टायफाइड और मलेरिया बुखार से पीड़ित मरीज सरकारी और निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। अक्तूबर माह के आखिरी सप्ताह से डेंगू बुखार के मामले सामने आ रहे हैं। एक सप्ताह के अंदर बुखार से पीड़ित तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है। इनमें एक सप्ताह पूर्व कस्बा जलालाबाद के मोहल्ला नानू निवासी महमूदा की मौत हुई, दो दिन पूर्व इसी कस्बे के मोहल्ला रामरतन मंडी निवासी कविता की मौत हुई। कविता के परिजनों का कहना है कि निजी चिकित्सक ने डेंगू बुखार होना बताकर दिल्ली रेफर कर दिया था, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा शामली के मोहल्ला धीमानपुरा में 61 वर्षीय मधुबाला की बुखार से मौत हुई। परिजनों ने बताया कि दीपावली के अगले दिन महिला को बुखार हुआ था। शहर में निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराया तो उन्होंने डेंगू होना बताते हुए दिल्ली रेफर कर दिया था। उपचार के दौरान महिला की दिल्ली अस्पताल में मौत हो गई थी।
बड़ों के साथ बच्चों में भी मिल रहे लक्षण
निजी चिकित्सक डाक्टर वेदभानू मलिक ने बताया कि उनके यहां पिछले दस दिन में डेंगू बुखार से पीड़ित 8 बच्चे आ चुके है। हाल ही में बुधवार को राझड़ निवासी तीन माह की लड़की को डेंगू बुखार के कारण रेफर किया गया है। दो दिन पहले गंगोह निवासी दो माह की बच्ची को डेंगू बुखार होना पाया गया। उधर, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि डेंगू बुखार के अभी तक तीन केस सामने आए है, लेकिन किसी की मौत डेंगू से नहीं हुई है।
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- अब तक 26 नमूने डेंगू की जांच को भेजे
स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू बुखार के लक्षण मिलने पर अब तक 26 रक्त नमूने जांच के लिए मेरठ मेडिकल भेजे गए हैं। करीब एक माह पहले थानाभवन के यारपुर में लगाए गए कैंप में छह नमूने डेंगू बुखार की संभावना के चलते लिए गए थे। गांव गंगेरू में 15 दिन में दो बार लगाए कैंप में डेंगू संभावित केस के 18 नमूने जांच को भेजे गए। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक करीब 15 दिन पहले शामली निवासी मां व उसके बेटे में डेंगू पॉजिटिव आया था। उपचार के बाद दोनों स्वस्थ है। मेरठ मेडिकल से बुधवार को कांधला के मोहल्ला शेखजादगान निवासी छह वर्षीय रब्बा को भी डेंगू पॉजीटिव बताया गया है। बालक का उपचार चल रहा है।
कोट
एलाएजा टेस्ट से ही डेंगू बुखार होने का पता चलता है। इसकी जांच मेरठ या दिल्ली में होती है। शामली जिले में एनएच-1 कार्ड से जांच के बाद डेंगू के जो संभावित केस मिलते है, उनकी पुष्टि के लिए रक्त नमूनों को जांच के लिए मेरठ मेडिकल भेजा जाता है। अभी तक जनपद में मात्र डेंगू के तीन केस पॉजीटिव आए हैं, लेकिन बुखार से किसी की मौत नहीं हुई है। - डाक्टर संजय भटनागर, सीएमओ
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जिले में पिछले कई महीने से वायरल, टायफाइड और मलेरिया बुखार से पीड़ित मरीज सरकारी और निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। अक्तूबर माह के आखिरी सप्ताह से डेंगू बुखार के मामले सामने आ रहे हैं। एक सप्ताह के अंदर बुखार से पीड़ित तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है। इनमें एक सप्ताह पूर्व कस्बा जलालाबाद के मोहल्ला नानू निवासी महमूदा की मौत हुई, दो दिन पूर्व इसी कस्बे के मोहल्ला रामरतन मंडी निवासी कविता की मौत हुई। कविता के परिजनों का कहना है कि निजी चिकित्सक ने डेंगू बुखार होना बताकर दिल्ली रेफर कर दिया था, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा शामली के मोहल्ला धीमानपुरा में 61 वर्षीय मधुबाला की बुखार से मौत हुई। परिजनों ने बताया कि दीपावली के अगले दिन महिला को बुखार हुआ था। शहर में निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराया तो उन्होंने डेंगू होना बताते हुए दिल्ली रेफर कर दिया था। उपचार के दौरान महिला की दिल्ली अस्पताल में मौत हो गई थी।
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बड़ों के साथ बच्चों में भी मिल रहे लक्षण
निजी चिकित्सक डाक्टर वेदभानू मलिक ने बताया कि उनके यहां पिछले दस दिन में डेंगू बुखार से पीड़ित 8 बच्चे आ चुके है। हाल ही में बुधवार को राझड़ निवासी तीन माह की लड़की को डेंगू बुखार के कारण रेफर किया गया है। दो दिन पहले गंगोह निवासी दो माह की बच्ची को डेंगू बुखार होना पाया गया। उधर, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि डेंगू बुखार के अभी तक तीन केस सामने आए है, लेकिन किसी की मौत डेंगू से नहीं हुई है।
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- अब तक 26 नमूने डेंगू की जांच को भेजे
स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू बुखार के लक्षण मिलने पर अब तक 26 रक्त नमूने जांच के लिए मेरठ मेडिकल भेजे गए हैं। करीब एक माह पहले थानाभवन के यारपुर में लगाए गए कैंप में छह नमूने डेंगू बुखार की संभावना के चलते लिए गए थे। गांव गंगेरू में 15 दिन में दो बार लगाए कैंप में डेंगू संभावित केस के 18 नमूने जांच को भेजे गए। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक करीब 15 दिन पहले शामली निवासी मां व उसके बेटे में डेंगू पॉजिटिव आया था। उपचार के बाद दोनों स्वस्थ है। मेरठ मेडिकल से बुधवार को कांधला के मोहल्ला शेखजादगान निवासी छह वर्षीय रब्बा को भी डेंगू पॉजीटिव बताया गया है। बालक का उपचार चल रहा है।
कोट
एलाएजा टेस्ट से ही डेंगू बुखार होने का पता चलता है। इसकी जांच मेरठ या दिल्ली में होती है। शामली जिले में एनएच-1 कार्ड से जांच के बाद डेंगू के जो संभावित केस मिलते है, उनकी पुष्टि के लिए रक्त नमूनों को जांच के लिए मेरठ मेडिकल भेजा जाता है। अभी तक जनपद में मात्र डेंगू के तीन केस पॉजीटिव आए हैं, लेकिन बुखार से किसी की मौत नहीं हुई है। - डाक्टर संजय भटनागर, सीएमओ