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अलीपुर गांव में लखनऊ से पहुंची टीम
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Fri, 15 Jul 2016 12:08 AM IST
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स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर खरी खोटी सुनाते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली के अलीपुर और डांगरोल गांव में हेपेटाइटिस सी का प्रकोप फैलने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद मामला लखनऊ तक पहुंच गया। बृहस्पतिवार को लखनऊ से स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक और सूक्ष्म जीव वैज्ञानिक, सहारनपुर-शामली से चिकित्सकों की टीम गांव में पहुंची।
संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य विभाग डॉ. एके पांडेय, सूक्ष्म जीव वैज्ञानिक सुशील कुमार, सहारनपुर मंडल के संयुक्त निदेशक डॉ. विरेंद्र दत्त, फिजीशियन डॉ. वीएस सोढी, सीएमओ डॉ. विनीता अग्निहोत्री और एसीएमओ डॉ. सफल कुमार सबसे पहले ग्राम प्रधान फरमान के आवास पर पहुंचे।
यहां टीम ने मरीजों से बात की और उनकी जांच रिपोर्ट देखी। इसके बाद टीम प्राथमिक विद्यालय में पहुंची, वहां मरीजों से बात करते हुए उनकी जांच रिपोर्ट का अवलोकन किया। डॉ. एके पांडेय ने बताया कि अमर उजाला की खबर पर संज्ञान लेते हुए वह दोनों गांवों की रिपोर्ट बना कर प्रमुख सचिव को देंगे। उधर,
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डॉ. वीएस सोढी ने ग्रामीणों को बताया कि जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव है, उनके ब्लड की जांच कराई जाएगी। जिस मरीज की कार्ड रिपोर्ट गलत आती है, उसके सैंपल मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा। वहां से पुष्टि होने के बाद सीएमओ की देखरेख में उपचार किया जाएगा।
ग्रामीणों ने टीम को सुनाई खरीखोटी
कांधला। डांगरौल में हेपेटाइटिस सी के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। बृहस्पतिवार को लखनऊ और सहारनपुर से पहुंचे चिकित्सकों की टीम ने ग्रामीणों के खून की जांच कर दवाई वितरित की।
इस दौरान टीम को ग्रामीणों के गुस्से का भी सामना करना पड़ा। 15 दिन पूर्व गांव डांगरौल में एक सामाजिक संस्था ने कैंप लगाकर 85 मरीजों के खून की जांच की थी, जिसमें 35 लोगों को हेपेटाइटिस सी होने की पुष्टि हुई थी। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के पास इस बीमारी का इलाज नहीं है और लोगों के पास बाहर जाकर इलाज कराने के लिए पैसा नहीं है। बृहस्पतिवार को जिस समय चिकित्सकों की टीम मरीजों के खून की जांच कर रही थी, उसी समय ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया।
लोगों ने टीम पर खानापूर्ति करने का आरोप लगाते हुए नारे लगाए। जय कुमार, सतेंद्र, संसार सिंह, अंकित, सोनू, छोटा आदि का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ग्रामीणों के साथ खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने लखनऊ से आई टीम का रास्ता रोक लिया और चेतावनी दी कि जब तक इस बीमारी के इलाज का पूर्ण समाधान नहीं दिया जाता, वह उन्हें जाने नहीं देंगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें इस बीमारी के इलाज के लिए कभी सहारनपुर तो कभी मुजफ्फरनगर भेज दिया जाता है।
जहां पर चिकित्सकों के द्वारा उनके साथ गलत व्यवहार करते हुए उन्हें अस्पतालों से बाहर निकाल दिया जाता है। मामला बढ़ता देख सीएमओ डॉक्टर विनीता अग्निहोत्री ने ग्रामीणों को उचित उपचार दिलाए जाने का आश्वासन देकर शांत किया।
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संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य विभाग डॉ. एके पांडेय, सूक्ष्म जीव वैज्ञानिक सुशील कुमार, सहारनपुर मंडल के संयुक्त निदेशक डॉ. विरेंद्र दत्त, फिजीशियन डॉ. वीएस सोढी, सीएमओ डॉ. विनीता अग्निहोत्री और एसीएमओ डॉ. सफल कुमार सबसे पहले ग्राम प्रधान फरमान के आवास पर पहुंचे।
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यहां टीम ने मरीजों से बात की और उनकी जांच रिपोर्ट देखी। इसके बाद टीम प्राथमिक विद्यालय में पहुंची, वहां मरीजों से बात करते हुए उनकी जांच रिपोर्ट का अवलोकन किया। डॉ. एके पांडेय ने बताया कि अमर उजाला की खबर पर संज्ञान लेते हुए वह दोनों गांवों की रिपोर्ट बना कर प्रमुख सचिव को देंगे। उधर,
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डॉ. वीएस सोढी ने ग्रामीणों को बताया कि जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव है, उनके ब्लड की जांच कराई जाएगी। जिस मरीज की कार्ड रिपोर्ट गलत आती है, उसके सैंपल मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा। वहां से पुष्टि होने के बाद सीएमओ की देखरेख में उपचार किया जाएगा।
ग्रामीणों ने टीम को सुनाई खरीखोटी
कांधला। डांगरौल में हेपेटाइटिस सी के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। बृहस्पतिवार को लखनऊ और सहारनपुर से पहुंचे चिकित्सकों की टीम ने ग्रामीणों के खून की जांच कर दवाई वितरित की।
इस दौरान टीम को ग्रामीणों के गुस्से का भी सामना करना पड़ा। 15 दिन पूर्व गांव डांगरौल में एक सामाजिक संस्था ने कैंप लगाकर 85 मरीजों के खून की जांच की थी, जिसमें 35 लोगों को हेपेटाइटिस सी होने की पुष्टि हुई थी। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के पास इस बीमारी का इलाज नहीं है और लोगों के पास बाहर जाकर इलाज कराने के लिए पैसा नहीं है। बृहस्पतिवार को जिस समय चिकित्सकों की टीम मरीजों के खून की जांच कर रही थी, उसी समय ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया।
लोगों ने टीम पर खानापूर्ति करने का आरोप लगाते हुए नारे लगाए। जय कुमार, सतेंद्र, संसार सिंह, अंकित, सोनू, छोटा आदि का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ग्रामीणों के साथ खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने लखनऊ से आई टीम का रास्ता रोक लिया और चेतावनी दी कि जब तक इस बीमारी के इलाज का पूर्ण समाधान नहीं दिया जाता, वह उन्हें जाने नहीं देंगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें इस बीमारी के इलाज के लिए कभी सहारनपुर तो कभी मुजफ्फरनगर भेज दिया जाता है।
जहां पर चिकित्सकों के द्वारा उनके साथ गलत व्यवहार करते हुए उन्हें अस्पतालों से बाहर निकाल दिया जाता है। मामला बढ़ता देख सीएमओ डॉक्टर विनीता अग्निहोत्री ने ग्रामीणों को उचित उपचार दिलाए जाने का आश्वासन देकर शांत किया।