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Shamli News: सर्पदंश... समय पर इलाज से बची किसान की जान
Wed, 10 Jun 2026 01:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 10 Jun 2026 01:03 AM IST
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बिडौली/झिंझाना। क्षेत्र के सूबरी गांव में मंगलवार सुबह खेत में काम करते समय 65 वर्षीय किसान कय्यूम को सांप ने पैर में काट लिया। घटना के बाद कुछ लोगों ने झाड़-फूंक कराने की सलाह दी, लेकिन परिजनों ने समझदारी दिखाते हुए बिना समय गंवाए मरीज को सीधे जिला अस्पताल पहुंचाया।
परिजन करीब 27 किलोमीटर का सफर तय कर किसान को सूबरी से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तुरंत एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन देकर उपचार शुरू किया। समय पर इलाज मिलने से किसान की जान बच गई।
कय्यूम के भतीजे इशरत ने बताया कि उनके ताऊ को खेत पर पानी चलाते समय अचानक सांप ने उनके पैर में काट लिया। परिजनों ने बिना किसी देरी के उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि मरीज को समय पर लाया जाना उसकी जान बचने की सबसे बड़ी वजह रहा। उन्होंने कहा कि सांप काटने के मामलों में झाड़-फूंक या देरी करना जानलेवा साबित हो सकता है।
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जिले में हर माह सर्पदंश के 7 मामले, समय पर इलाज से बच रही जानें
जिले में सर्पदंश के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल प्रशासन के अनुसार हर महीने औसतन 7 मरीज सर्पदंश के उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। सीएमएस डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम की सुविधा उपलब्ध है और समय पर इलाज मिलने से अधिकांश मरीज सुरक्षित बच जाते हैं। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम और खेतों में काम के दौरान सर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या देरी न करें और तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचें।
सांप से बचाव के उपाय
खेत में काम करते समय जूते और पूरे पैर ढकने वाले कपड़े पहनें
रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें
झाड़ियों, लकड़ी या पत्थरों के ढेर में हाथ न डालें
घर के आसपास साफ-सफाई रखें
सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें
सांप दिखने पर दूरी बनाए रखें और छेड़छाड़ न करें
बच्चों को खेत-झाड़ियों से दूर रखें
सर्पदंश होने पर तुरंत अस्पताल जाएं, झाड़-फूंक से बचें
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परिजन करीब 27 किलोमीटर का सफर तय कर किसान को सूबरी से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तुरंत एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन देकर उपचार शुरू किया। समय पर इलाज मिलने से किसान की जान बच गई।
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कय्यूम के भतीजे इशरत ने बताया कि उनके ताऊ को खेत पर पानी चलाते समय अचानक सांप ने उनके पैर में काट लिया। परिजनों ने बिना किसी देरी के उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि मरीज को समय पर लाया जाना उसकी जान बचने की सबसे बड़ी वजह रहा। उन्होंने कहा कि सांप काटने के मामलों में झाड़-फूंक या देरी करना जानलेवा साबित हो सकता है।
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जिले में हर माह सर्पदंश के 7 मामले, समय पर इलाज से बच रही जानें
जिले में सर्पदंश के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल प्रशासन के अनुसार हर महीने औसतन 7 मरीज सर्पदंश के उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। सीएमएस डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम की सुविधा उपलब्ध है और समय पर इलाज मिलने से अधिकांश मरीज सुरक्षित बच जाते हैं। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम और खेतों में काम के दौरान सर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या देरी न करें और तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचें।
सांप से बचाव के उपाय
खेत में काम करते समय जूते और पूरे पैर ढकने वाले कपड़े पहनें
रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें
झाड़ियों, लकड़ी या पत्थरों के ढेर में हाथ न डालें
घर के आसपास साफ-सफाई रखें
सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें
सांप दिखने पर दूरी बनाए रखें और छेड़छाड़ न करें
बच्चों को खेत-झाड़ियों से दूर रखें
सर्पदंश होने पर तुरंत अस्पताल जाएं, झाड़-फूंक से बचें