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Shamli News: स्मॉग ने बढ़ाई बेचैनी, आंखों में रही जलन
Mon, 06 Nov 2023 12:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 06 Nov 2023 12:29 AM IST
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शामली के छाया स्मॉग। संवाद
शामली। जिले में स्मॉग का असर लगातार बढ़ रहा है। स्मॉग से आंखों में जलन से लोग परेशान हो रहे हैं। आंखों के साथ ही दिल व श्वास के रोगी सरकारी व निजी अस्पताल में पहुंच रहे हैं। रविवार सुबह भी स्मॉग की चादर छाई रही। चिकित्सक स्मॉग से बचाव की सलाह दे रहे हैं। सरकारी अस्पताल में प्रतिदिन 20 से अधिक रोगी सांस और आंखों में जलन के पहुंच रहे हैं। अब तक जिले में पांच मामले पराली जलाने के सामने आ चुके हैं।
दिल्ली एनसीआर में शामिल जनपद शामली स्मॉग की चपेट में है। जिले का एक्यूआई भी 220 से ऊपर चल रहा है। रविवार सुबह के समय आसमान में स्मॉग की चादर तनी रहने से धुंध सी बनी रही। सड़काें पर सुबह के समय वाहन लाइट जलाकर ही चले। स्मॉग से लोगों की आंखों में जलन हो रही है। शाम होते ही फिर से स्मॉग छाने लगा। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ रही है। फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग ने बताया कि दिल व श्वास के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ओपीडी में आठ से दस मरीज इस तरह के आ रहे हैं। उनका कहना है कि स्मॉग के कारण दिल और श्वास के मरीजों को परेशानी होती है। उन्हें सुबह व शाम को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों को घर पर ही रहना चाहिए। घर से बाहर निकलना जरूरी हो तो फेस मास्क लगाकर जाएं। इस मौसम में अगर दिल व श्वास के रोगी अगर लापरवाही बरतते है तो उनके लिए खतरनाक हो सकता है। इसमें सांस फूलने की समस्या और ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या हो सकती है। नेत्र परीक्षण अधिकारी राजकुमार ने बताया कि आंखों में जलन होने की समस्या वाले मरीज आ रहे हैं। यह वायु प्रदूषण स्मॉग के कारण माना जा रहा है। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास का कहना है कि स्मॉग के कारण लोगों को आंखों में जलन व एलर्जी की समस्या बन सकती है। इसलिए इस मौसम में अपना बचाव करें। सुबह व शाम को घर से बाहर जरूरी होने पर ही निकले।
पराली जलाने के पांच मामले आ चुके सामने
शामली। जिले में पराली जलाने के मामले भी सामने आ रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने जिले में पांच स्थानों पर पराली जलाने के मामले पकड़े हैं। इन पर जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर कूड़ा जलाया जा रहा है लेकिन अधिकारी इससे अनजान बने हुए हैं। शहर के तहसील रोड, बुढ़ाना रोड पर आए दिन कूडा जला हुआ देखा जा सकता है मगर विभागीय अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
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वायु प्रदूषण नहीं फैलाएं
एडीएम संतोष कुमार सिंह ने कहा कि एनजीटी की गाइडलाइन की अवहेलना करने पर नियमानुसार दंडनीय कार्रवाई अमल लाने के संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। वायु प्रदूषण नियंत्रण करने में सभी लोग सक्रिय रूप से भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कार्य न करें जिससे धूल व धुंआ वायुमंडल में न फैले। ऐसा करना एनजीटी की गाइडलाइन की अवहेलना है और दंडनीय भी है।
वायु प्रदूषण रोकने के लिए यह करें
स्वयं के बजाए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें।
निर्माणाधीन कार्यों पर लगातार पानी का छिड़काव जरूरी है ताकि धूल न पैदा हो।
खुले में कूड़ा या अन्य तरह की आग लगाना जिससे धुआं उत्पन्न होता है, वह प्रतिबंधित है।
डस्ट या निर्माण सामग्री वाले वाहन चालक निमार्ण सामग्री को ढककर आवागमन करें।
शहरी क्षेत्रों में यातायात जाम न लगे, इसलिए सड़क मार्गों पर अतिक्रमण नहीं करे।
इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर सेट का उपयोग नहीं करे।
खुले में रखी निर्माण सामग्री को ढककर रखे।
सड़कों की सफाई करने से पहले पानी छिड़काव करना होगा।
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दिल्ली एनसीआर में शामिल जनपद शामली स्मॉग की चपेट में है। जिले का एक्यूआई भी 220 से ऊपर चल रहा है। रविवार सुबह के समय आसमान में स्मॉग की चादर तनी रहने से धुंध सी बनी रही। सड़काें पर सुबह के समय वाहन लाइट जलाकर ही चले। स्मॉग से लोगों की आंखों में जलन हो रही है। शाम होते ही फिर से स्मॉग छाने लगा। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ रही है। फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग ने बताया कि दिल व श्वास के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ओपीडी में आठ से दस मरीज इस तरह के आ रहे हैं। उनका कहना है कि स्मॉग के कारण दिल और श्वास के मरीजों को परेशानी होती है। उन्हें सुबह व शाम को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों को घर पर ही रहना चाहिए। घर से बाहर निकलना जरूरी हो तो फेस मास्क लगाकर जाएं। इस मौसम में अगर दिल व श्वास के रोगी अगर लापरवाही बरतते है तो उनके लिए खतरनाक हो सकता है। इसमें सांस फूलने की समस्या और ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या हो सकती है। नेत्र परीक्षण अधिकारी राजकुमार ने बताया कि आंखों में जलन होने की समस्या वाले मरीज आ रहे हैं। यह वायु प्रदूषण स्मॉग के कारण माना जा रहा है। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास का कहना है कि स्मॉग के कारण लोगों को आंखों में जलन व एलर्जी की समस्या बन सकती है। इसलिए इस मौसम में अपना बचाव करें। सुबह व शाम को घर से बाहर जरूरी होने पर ही निकले।
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पराली जलाने के पांच मामले आ चुके सामने
शामली। जिले में पराली जलाने के मामले भी सामने आ रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने जिले में पांच स्थानों पर पराली जलाने के मामले पकड़े हैं। इन पर जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर कूड़ा जलाया जा रहा है लेकिन अधिकारी इससे अनजान बने हुए हैं। शहर के तहसील रोड, बुढ़ाना रोड पर आए दिन कूडा जला हुआ देखा जा सकता है मगर विभागीय अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
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वायु प्रदूषण नहीं फैलाएं
एडीएम संतोष कुमार सिंह ने कहा कि एनजीटी की गाइडलाइन की अवहेलना करने पर नियमानुसार दंडनीय कार्रवाई अमल लाने के संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। वायु प्रदूषण नियंत्रण करने में सभी लोग सक्रिय रूप से भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कार्य न करें जिससे धूल व धुंआ वायुमंडल में न फैले। ऐसा करना एनजीटी की गाइडलाइन की अवहेलना है और दंडनीय भी है।
वायु प्रदूषण रोकने के लिए यह करें
स्वयं के बजाए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें।
निर्माणाधीन कार्यों पर लगातार पानी का छिड़काव जरूरी है ताकि धूल न पैदा हो।
खुले में कूड़ा या अन्य तरह की आग लगाना जिससे धुआं उत्पन्न होता है, वह प्रतिबंधित है।
डस्ट या निर्माण सामग्री वाले वाहन चालक निमार्ण सामग्री को ढककर आवागमन करें।
शहरी क्षेत्रों में यातायात जाम न लगे, इसलिए सड़क मार्गों पर अतिक्रमण नहीं करे।
इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर सेट का उपयोग नहीं करे।
खुले में रखी निर्माण सामग्री को ढककर रखे।
सड़कों की सफाई करने से पहले पानी छिड़काव करना होगा।