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जांच में छह लोग पॉजिटिव मिले
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Thu, 04 Aug 2016 12:07 AM IST
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health
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। कांधला क्षेत्र के गांव दुगड्डा में भी हेपेटाईटिस सी कहर बरपा रहा है। यहां दर्जनों लोग बीमार हैं, लेकिन स्वास्थ्य महकमा इनको नजदअंदाज कर रहा है।
बुधवार को दर्जनों की संख्या में लोग शामली अस्पताल में पहुंचे और अपनी जांच कराई। बताया जाता है कि 11 लोगों में से छह लोग पॉजिटिव मिले।
जनपद में हेपेटाईटिस-सी का कहर इस समय लोगों पर बरप रहा है। कैराना क्षेत्र के गांव अलीपुर, मन्नामाजरा हो या फिर कांधला का डांगरोल हो, मरीज इस गंभीर बीमारी से परेशान हैं। अब कांधला के गांव दुगड्डा में भी मरीज सामने आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अभी भी दर्जनों लोग बीमार पड़े हुए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग इस ओर लापरवाह बना हुआ है।
बुधवार को सरकारी अस्पताल में इसी मामले में 11 लोग पहुंचे। अपना चेकअप कराया। इस दौरान उनकी कार्ड से जांच की गई तो 11 लोगों में से छह लोग इस बीमारी से पॉजिटिव मिले। जिनका अस्पताल द्वारा प्रारंभिक इलाज शुरू कर दिया गया है। उधर, अस्पताल प्रभारी डॉ. जगमोहन का कहना है कि जो लोग पॉजिटिव आए उनको दिल्ली भेजा जाएगा और वहीं पर उनका दूसरा टेस्ट होगा।
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जिले में एमडीआर की जांच शुरू
शामली। जिले में बुधवार को सीबी नेट मशीन का शुभारंभ हो गया। पहले दिन चार मरीजों के स्पूटम की जांच की गई, जिनमें से एक मरीज एमडीआर का मिला।
टीबी की दवाइयां खाने के बाद भी यदि मरीज ठीक नहीं हो पाता तो उसकी दोबारा जांच की जाती है। उसके लिए पहले आगरा भेजा जाता था। जिसकी रिपोर्ट आने में 15 दिन से एक माह तक लग जाता था। रिपोर्ट आने के बाद ही मरीज का आगे का इलाज किया जाता था, लेकिन अब सरकार द्वारा शामली में ही एमडीआर जांच के लिए मशीन उपलब्ध करा दी गई है।
इसके लिए हींड में इस मशीन को स्थापित किया गया है। बुधवार को इसका शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मल्टी ड्रग रजिस्टेंस (एमडीआर) टीबी के लिए चार मरीजों के टेस्ट किए गए, जिनमें से एक मरीज का स्पूटम (बलगम) का पॉजिटिव आया।
प्रथम परीक्षण दिल्ली से आए इंजीनियर आरके मिश्रा ने किया। इस दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुशील कुमार ने कहा कि अब मरीजों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। यदि किसी की टीबी ठीक नहीं हो रही है तो वह जांच कराएं हो सकता है कि उनको एमडीआर (बीमारी की दूसरी स्टेज पर पहुंचना) टीबी हो। शामली में अब प्रतिदिन जांच की जाएगी। इस दौरान एलटी सुदीश कुमार की तैनाती की गई। नोडल अधिकारी सुशील कुुमार, राहुल त्यागी पीपीसी, रोहित, विपिन गुप्ता टीबी, एचआईवी कोर्डीनेटर आदि मौजूद रहे।
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बुधवार को दर्जनों की संख्या में लोग शामली अस्पताल में पहुंचे और अपनी जांच कराई। बताया जाता है कि 11 लोगों में से छह लोग पॉजिटिव मिले।
जनपद में हेपेटाईटिस-सी का कहर इस समय लोगों पर बरप रहा है। कैराना क्षेत्र के गांव अलीपुर, मन्नामाजरा हो या फिर कांधला का डांगरोल हो, मरीज इस गंभीर बीमारी से परेशान हैं। अब कांधला के गांव दुगड्डा में भी मरीज सामने आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अभी भी दर्जनों लोग बीमार पड़े हुए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग इस ओर लापरवाह बना हुआ है।
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बुधवार को सरकारी अस्पताल में इसी मामले में 11 लोग पहुंचे। अपना चेकअप कराया। इस दौरान उनकी कार्ड से जांच की गई तो 11 लोगों में से छह लोग इस बीमारी से पॉजिटिव मिले। जिनका अस्पताल द्वारा प्रारंभिक इलाज शुरू कर दिया गया है। उधर, अस्पताल प्रभारी डॉ. जगमोहन का कहना है कि जो लोग पॉजिटिव आए उनको दिल्ली भेजा जाएगा और वहीं पर उनका दूसरा टेस्ट होगा।
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जिले में एमडीआर की जांच शुरू
शामली। जिले में बुधवार को सीबी नेट मशीन का शुभारंभ हो गया। पहले दिन चार मरीजों के स्पूटम की जांच की गई, जिनमें से एक मरीज एमडीआर का मिला।
टीबी की दवाइयां खाने के बाद भी यदि मरीज ठीक नहीं हो पाता तो उसकी दोबारा जांच की जाती है। उसके लिए पहले आगरा भेजा जाता था। जिसकी रिपोर्ट आने में 15 दिन से एक माह तक लग जाता था। रिपोर्ट आने के बाद ही मरीज का आगे का इलाज किया जाता था, लेकिन अब सरकार द्वारा शामली में ही एमडीआर जांच के लिए मशीन उपलब्ध करा दी गई है।
इसके लिए हींड में इस मशीन को स्थापित किया गया है। बुधवार को इसका शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मल्टी ड्रग रजिस्टेंस (एमडीआर) टीबी के लिए चार मरीजों के टेस्ट किए गए, जिनमें से एक मरीज का स्पूटम (बलगम) का पॉजिटिव आया।
प्रथम परीक्षण दिल्ली से आए इंजीनियर आरके मिश्रा ने किया। इस दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुशील कुमार ने कहा कि अब मरीजों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। यदि किसी की टीबी ठीक नहीं हो रही है तो वह जांच कराएं हो सकता है कि उनको एमडीआर (बीमारी की दूसरी स्टेज पर पहुंचना) टीबी हो। शामली में अब प्रतिदिन जांच की जाएगी। इस दौरान एलटी सुदीश कुमार की तैनाती की गई। नोडल अधिकारी सुशील कुुमार, राहुल त्यागी पीपीसी, रोहित, विपिन गुप्ता टीबी, एचआईवी कोर्डीनेटर आदि मौजूद रहे।