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Shamli News: किडनी देकर बचाया सुहाग, करवा चौथ को बनाया खास
Thu, 29 Oct 2026 01:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 29 Oct 2026 01:21 AM IST
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करवा चौथ की खबर संबंधी फोटो- बिडौली के गांव मस्तगढ़ की महिला संतोष देवी पति जितेंद्र के साथ। पर
बिडौली। मेरठ के चर्चित मुस्कान और रविता घटनाक्रम ने पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते पर तमाम सवाल भले ही खड़े किए हो, लेकिन शामली के मस्तगढ़ की संतोष देवी का त्याग इन सभी सवालों का जवाब दे रहा है, जो पति-पत्नी के रिश्ते को लेकर आजकल लोगों के मन में उठ रहे हैं। संतोष देवी ने पति को अपनी किडनी देकर प्रेम और समर्पण की मिसाल पेश की।
करीब 15 साल पहले वर्ष 2010 में पति जितेंद्र कुमार की दोनों किडनियां खराब हो गई थीं। ऐसे मुश्किल समय में संतोष देवी ने अपनी एक किडनी दान कर उन्हें नया जीवन दिया। करवा चौथ पर उनकी यह कहानी बताती है कि जीवनसाथी के प्रति प्रेम केवल परंपराओं तक सीमित नहीं, बल्कि संकट में साथ निभाने और त्याग करने में भी दिखाई देता है।
n पति की जिंदगी बचाने के लिए लिया फैसला : वर्ष 2010 में जितेंद्र कुमार की दोनों किडनियां खराब होने के बाद परिवार के सामने संकट खड़ा हो गया था। कई अस्पतालों में उपचार कराने के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। चिकित्सकों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी। ऐसे में संतोष देवी ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी एक किडनी पति को देने का फैसला किया। उनके इस निर्णय से जितेंद्र को नया जीवन मिला।
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n प्रेम और समर्पण की मिसाल : डीएम आलोक यादव का कहना है कि करवाचौथ पर पति की लंबी उम्र की कामना के साथ व्रत रखने वाली महिलाओं के बीच संतोष देवी त्याग की अलग मिसाल है।
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करीब 15 साल पहले वर्ष 2010 में पति जितेंद्र कुमार की दोनों किडनियां खराब हो गई थीं। ऐसे मुश्किल समय में संतोष देवी ने अपनी एक किडनी दान कर उन्हें नया जीवन दिया। करवा चौथ पर उनकी यह कहानी बताती है कि जीवनसाथी के प्रति प्रेम केवल परंपराओं तक सीमित नहीं, बल्कि संकट में साथ निभाने और त्याग करने में भी दिखाई देता है।
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n पति की जिंदगी बचाने के लिए लिया फैसला : वर्ष 2010 में जितेंद्र कुमार की दोनों किडनियां खराब होने के बाद परिवार के सामने संकट खड़ा हो गया था। कई अस्पतालों में उपचार कराने के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। चिकित्सकों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी। ऐसे में संतोष देवी ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी एक किडनी पति को देने का फैसला किया। उनके इस निर्णय से जितेंद्र को नया जीवन मिला।
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n प्रेम और समर्पण की मिसाल : डीएम आलोक यादव का कहना है कि करवाचौथ पर पति की लंबी उम्र की कामना के साथ व्रत रखने वाली महिलाओं के बीच संतोष देवी त्याग की अलग मिसाल है।