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शामली में राम ने धनुष भंग कर स्वयंवर जीता, राम बारात निकाली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 04 Oct 2016 04:23 PM IST
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ramleela
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। श्रीहनुमान धाम की श्रीराम लीला रंगमंच पर सीता स्वयंवर और धनुष यज्ञ की लीला का मंचन किया गया। सोमवार को हनुमान धाम से भव्य श्रीराम बारात निकाली गई। श्रीराम बारात का शहर में भव्य स्वागत किया गया।
रविवार रात 9.00 बजे श्री हनुमान धाम के श्रीराम लीला रंगमंच पर सीता स्वयंवर में राजा महाराजा आए हुए हैं। ऋषि विश्वामित्र श्रीराम लक्ष्मण के साथ वहा विराजमान है। मिथला के राजा जनक घोषणा करते हैं कि जो शिवजी के धनुष को तोडे़गा, उसी के साथ सीता का विवाह किया जाएगा। देश-प्रदेश से आए राजा धनुष को उठाने का प्रयास करते हैं, उसे नहीं उठा पाते हैं।
बाणासुर-रावण भी आते हैं। दोनों का संवाद होता है, वह वापस लौट जाते हैं। ऋषि विश्वामित्र के आदेश पर श्रीराम राज्य सभा से उठकर शिवजी के धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाते हैं। खेल-खेल में धनुष को तोड़ देते है। शिवजी के धनुष टूट जाने के बाद सीता श्रीराम के गले में जयमाला डाल देती है। शिवजी के धनुष के टूटने की गर्जना से परशुराम जनकपुरी आते है। लक्ष्मण-परशुराम के बीच संवाद होता है। अंत में परशुराम श्रीराम को ब्रह्म अवतार मानकर नतमस्तक होकर वापस लौट जाते है। श्रीराम का शानदार अभिनय रवि पाठक, लक्ष्मण का अभिनय निशांत पाठक, परशुराम ब्रिजेश पाठक, सीता आशु निर्वाल ने किया।
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सोमवार को अपराह्न चार बजे श्रीहनुमान धाम से श्रीराम बारात सुंदर झांकियों, एवं बैंड बाजो के साथ निकाली गई। श्रीहनुमान धाम से श्रीराम बारात चलकर हनुमान रोड, अग्रसेन पार्क, मिल रोड तालाब रोड, रेलवे रोड, सुभाष चौक, गांधी चौक, बडा बाजार अजुध्या चौक कबाड़ी बाजार, फव्वारा चौक, वीवी इंटर कालेज रोड होते हुए हनुमान धाम पर समाप्त हुई।
मौके पर हनुमान धाम के प्रधान सलील द्विवेदी, सचिव राजकुमार मित्तल,कोषाध्यक्ष जोगेंद्र पाल सेठी, दिनेश पाठक, आदेश शर्मा वैद्व उपेंद्र द्विवेदी, निकुंज, रमेश, धर्मेंद्र कांबोज, सुशील, राजकुमार मलिक, विजय, शरद, अनुराग शर्मा, सुरेशचंद शर्मा, राजेश, ब्रजमोहन, अजय पाठक, तरुण, अमित, मुकेश, संदीप, नामदेव, मनोज, राजकुमार संगल, पुनीत द्विवेदी, लोकेश शर्मा, हरिओम पांचाल, दीपक सैनी आदि रहे।
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रविवार रात 9.00 बजे श्री हनुमान धाम के श्रीराम लीला रंगमंच पर सीता स्वयंवर में राजा महाराजा आए हुए हैं। ऋषि विश्वामित्र श्रीराम लक्ष्मण के साथ वहा विराजमान है। मिथला के राजा जनक घोषणा करते हैं कि जो शिवजी के धनुष को तोडे़गा, उसी के साथ सीता का विवाह किया जाएगा। देश-प्रदेश से आए राजा धनुष को उठाने का प्रयास करते हैं, उसे नहीं उठा पाते हैं।
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बाणासुर-रावण भी आते हैं। दोनों का संवाद होता है, वह वापस लौट जाते हैं। ऋषि विश्वामित्र के आदेश पर श्रीराम राज्य सभा से उठकर शिवजी के धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाते हैं। खेल-खेल में धनुष को तोड़ देते है। शिवजी के धनुष टूट जाने के बाद सीता श्रीराम के गले में जयमाला डाल देती है। शिवजी के धनुष के टूटने की गर्जना से परशुराम जनकपुरी आते है। लक्ष्मण-परशुराम के बीच संवाद होता है। अंत में परशुराम श्रीराम को ब्रह्म अवतार मानकर नतमस्तक होकर वापस लौट जाते है। श्रीराम का शानदार अभिनय रवि पाठक, लक्ष्मण का अभिनय निशांत पाठक, परशुराम ब्रिजेश पाठक, सीता आशु निर्वाल ने किया।
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सोमवार को अपराह्न चार बजे श्रीहनुमान धाम से श्रीराम बारात सुंदर झांकियों, एवं बैंड बाजो के साथ निकाली गई। श्रीहनुमान धाम से श्रीराम बारात चलकर हनुमान रोड, अग्रसेन पार्क, मिल रोड तालाब रोड, रेलवे रोड, सुभाष चौक, गांधी चौक, बडा बाजार अजुध्या चौक कबाड़ी बाजार, फव्वारा चौक, वीवी इंटर कालेज रोड होते हुए हनुमान धाम पर समाप्त हुई।
मौके पर हनुमान धाम के प्रधान सलील द्विवेदी, सचिव राजकुमार मित्तल,कोषाध्यक्ष जोगेंद्र पाल सेठी, दिनेश पाठक, आदेश शर्मा वैद्व उपेंद्र द्विवेदी, निकुंज, रमेश, धर्मेंद्र कांबोज, सुशील, राजकुमार मलिक, विजय, शरद, अनुराग शर्मा, सुरेशचंद शर्मा, राजेश, ब्रजमोहन, अजय पाठक, तरुण, अमित, मुकेश, संदीप, नामदेव, मनोज, राजकुमार संगल, पुनीत द्विवेदी, लोकेश शर्मा, हरिओम पांचाल, दीपक सैनी आदि रहे।