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श्रीराम जन्म की लीला का मंचन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sat, 01 Oct 2016 12:23 AM IST
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ramleela
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली/गढ़ीपुख्ता। श्री मंदिर हनुमान धाम के रंगमंच पर श्रीराम जन्म की लीला का मंचन किया गया। संचालन लोकेश शर्मा व अनुराग ने किया। मुख्य अतिथि प्रसन्न चौधरी रहे।
बृहस्पतिवार रात हनुमान धाम में रामलीला में पहले दृश्य में माता कौशल्या को भगवान विष्णु दर्शन देते हुए कहते हैं कि हे माता अब उठो तुम्हारी अभिलाषा पूरी करने के लिए मै तुम्हारा बेटा बनकर आ रहा हूं। मैं तुम्हें सुख प्रदान करूंगा। उन्होंने कहा कि तुमने जो पूर्व जन्म मेें मेरे जैसे पुत्र की कामना की। उस जन्म में तुम्हारा नाम सतरूपा और तुम्हारे पति का नाम शंभू मनु था। वहीं तुमने घोर तपस्या भी की थी। जिसके बाद भगवान श्रीराम जी का अवतरण होता है।
इसके साथ ही चारो भाई राम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न जी की दिव्य झांकी का प्रस्तुतिकरण होता है। मुख्य अतिथि प्रसन्न चौधरी ने श्रीराम व तीनों भाइयों को तिलक करते हैं। संस्था के अध्यक्ष सलील द्विवेदी व महामंत्री राजकुमार ने मुख्य अतिथि को पटका पहनाकर स्वागत किया। उन्होंने बताया कि भगवान राम हमारे आदर्श हैं हमें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि राम का नाम लेने से सभी संकट दूर हो जाते हैं। इस दौरान उपेंद्र द्विवेदी, राजकुमार मित्तल, जोगेंद्र पाल, लोकेश शर्मा, रमेश धीमान, राकेश शर्मा, सुखचैन वालिया, सुशील संगल, दीपक सैनी, अजय पाठक, राकेश, मदनलाल, जयप्रकाश, सन्नी सहगल आदि मौजूद रहे।
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उधर, गढ़ीपुख्ता में मोहल्ला सुभाषपुरी में श्रीराम लीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में दूसरे दिन रावण, कुंभकरण व विभीषण ने श्री ब्रह्मा से वरदान मांगे। रावण ने नर व वानर को छोड़कर किसी से भी मृत्यु न होने और कुंभकरण ने छह माह सोने व एक दिन जागने का वरदान मांगा। इसके अलावा विभीषण ने प्रभु भक्ति वरदान प्राप्त किये। रावण लंका के राजा कुबेर से लंका छीनकर स्वयं राजा बन गया। रावन ने दानव को पंजे में हराकर उसकी पुत्री मंदोदरी से शादी की और उसके बाद रावण वेदवंती संवाद का सुंदर मंचन किया गया। रावण का अभिनय डॉ. श्रीनिवास बागडी ने किया, वेदवंती का देवी सिंह, विभीषण का ऋषिपाल सिंह ने किया। श्रीपाल जैन, नरेश सैनी, नीरज, रामपाल सिंह, राजबीर सैनी, चरन, नरेश गिरी आदि उपस्थित रहे।
श्रीराम ने किया ताड़का का वध
कैराना। कस्बा कैराना स्थित गऊशाला में चल रही श्रीराम लीला मंचन के दौरान राजा जनक सीता के स्वयंवर की घोषणा करते हैं। उधर, गुरू विश्वामित्र के आदेश पर प्रभु श्रीराम ताड़का का वध करते हैं।
ताड़का वध के पश्चात राम लक्ष्मण हवन यज्ञ के लिए मां दुर्गा के मंदिर से फूल लेने जाते हैं। फूल तोड़ते समय स्त्रियों की आवाज सुनकर दोनो भाई एक ओर खडे़ हो जाते हैं। सीताजी अपनी सखियों के साथ दुर्गा मंदिर में मां की पूजा करने आती हैं। वहां पर श्रीराम को देखकर सीताजी मन ही मन खुश होती है और मां दुर्गा से प्रार्थना करती हैं कि स्वयंवर में श्रीराम की उन्हें वरमाला पहनाएं। भगवान श्रीराम का पाठ सतीश प्रजापति, लक्ष्मण का पाठ रोहित, विश्वामित्र का पाठ आशु गर्ग, राजा जनक का पाठ रिशीपाल, ताड़का का पाठ राकेश सपरेटा ने किया। रामलीला के दौरान सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन भी गऊशाला पहुंचे तथा रामलीला का आनंद लिया।
रामलीला में हुआ रावण वेदवती संवाद का मंचन
कांधला। नगर के कैराना रोड स्थित रामलीला कमेटी मंडप पंचवटी के मंचन स्थल पर भगवान गणेश और विष्णु की आरती के पश्चात लीला मंचन का शुभारंभ हुआ। रात्रि लीला मंचन में रावण वेदवती संवाद की लीला का मंचन दिखाया गया।
रावण वन में तपस्या कर रही वेदवती को स्पर्श करने का प्रयास करता है। वेदवती उसे श्राप देकर अग्नि प्रवेश कर जाती है। राजा दशरथ के वाण से श्रवण कुमार की मृत्यु और उसके माता-पिता द्वारा राजा को पुत्र वियोग में मृत्यु का श्राप दिया गया। इस दौरान रामकुमार सिंघल, जोनी शर्मा, श्याम कुमार सिंघल, धनप्रकाश, अशोक महेश्वरी आदि मौजूद रहे।
वहीं पंजाबी धर्मशाला में आयोजित वीडियो रामायण में भगवान राम को चौदह वर्ष का बनवास, दशरथ मरण, भरत का अयोध्या में आगमन, कैकेई भरत संवाद, निषाद राज भेट, कैकेई संवाद की लीला का प्रसारण प्रोजेक्टर पर दिखाया गया। इस दौरान मोहनलाल चावला, अनिल मित्तल, महावीर प्रसाद अग्रवाल, रामरिछपाल गोयल, प्रदीप सिंघल आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार रात हनुमान धाम में रामलीला में पहले दृश्य में माता कौशल्या को भगवान विष्णु दर्शन देते हुए कहते हैं कि हे माता अब उठो तुम्हारी अभिलाषा पूरी करने के लिए मै तुम्हारा बेटा बनकर आ रहा हूं। मैं तुम्हें सुख प्रदान करूंगा। उन्होंने कहा कि तुमने जो पूर्व जन्म मेें मेरे जैसे पुत्र की कामना की। उस जन्म में तुम्हारा नाम सतरूपा और तुम्हारे पति का नाम शंभू मनु था। वहीं तुमने घोर तपस्या भी की थी। जिसके बाद भगवान श्रीराम जी का अवतरण होता है।
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इसके साथ ही चारो भाई राम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न जी की दिव्य झांकी का प्रस्तुतिकरण होता है। मुख्य अतिथि प्रसन्न चौधरी ने श्रीराम व तीनों भाइयों को तिलक करते हैं। संस्था के अध्यक्ष सलील द्विवेदी व महामंत्री राजकुमार ने मुख्य अतिथि को पटका पहनाकर स्वागत किया। उन्होंने बताया कि भगवान राम हमारे आदर्श हैं हमें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि राम का नाम लेने से सभी संकट दूर हो जाते हैं। इस दौरान उपेंद्र द्विवेदी, राजकुमार मित्तल, जोगेंद्र पाल, लोकेश शर्मा, रमेश धीमान, राकेश शर्मा, सुखचैन वालिया, सुशील संगल, दीपक सैनी, अजय पाठक, राकेश, मदनलाल, जयप्रकाश, सन्नी सहगल आदि मौजूद रहे।
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उधर, गढ़ीपुख्ता में मोहल्ला सुभाषपुरी में श्रीराम लीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में दूसरे दिन रावण, कुंभकरण व विभीषण ने श्री ब्रह्मा से वरदान मांगे। रावण ने नर व वानर को छोड़कर किसी से भी मृत्यु न होने और कुंभकरण ने छह माह सोने व एक दिन जागने का वरदान मांगा। इसके अलावा विभीषण ने प्रभु भक्ति वरदान प्राप्त किये। रावण लंका के राजा कुबेर से लंका छीनकर स्वयं राजा बन गया। रावन ने दानव को पंजे में हराकर उसकी पुत्री मंदोदरी से शादी की और उसके बाद रावण वेदवंती संवाद का सुंदर मंचन किया गया। रावण का अभिनय डॉ. श्रीनिवास बागडी ने किया, वेदवंती का देवी सिंह, विभीषण का ऋषिपाल सिंह ने किया। श्रीपाल जैन, नरेश सैनी, नीरज, रामपाल सिंह, राजबीर सैनी, चरन, नरेश गिरी आदि उपस्थित रहे।
श्रीराम ने किया ताड़का का वध
कैराना। कस्बा कैराना स्थित गऊशाला में चल रही श्रीराम लीला मंचन के दौरान राजा जनक सीता के स्वयंवर की घोषणा करते हैं। उधर, गुरू विश्वामित्र के आदेश पर प्रभु श्रीराम ताड़का का वध करते हैं।
ताड़का वध के पश्चात राम लक्ष्मण हवन यज्ञ के लिए मां दुर्गा के मंदिर से फूल लेने जाते हैं। फूल तोड़ते समय स्त्रियों की आवाज सुनकर दोनो भाई एक ओर खडे़ हो जाते हैं। सीताजी अपनी सखियों के साथ दुर्गा मंदिर में मां की पूजा करने आती हैं। वहां पर श्रीराम को देखकर सीताजी मन ही मन खुश होती है और मां दुर्गा से प्रार्थना करती हैं कि स्वयंवर में श्रीराम की उन्हें वरमाला पहनाएं। भगवान श्रीराम का पाठ सतीश प्रजापति, लक्ष्मण का पाठ रोहित, विश्वामित्र का पाठ आशु गर्ग, राजा जनक का पाठ रिशीपाल, ताड़का का पाठ राकेश सपरेटा ने किया। रामलीला के दौरान सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन भी गऊशाला पहुंचे तथा रामलीला का आनंद लिया।
रामलीला में हुआ रावण वेदवती संवाद का मंचन
कांधला। नगर के कैराना रोड स्थित रामलीला कमेटी मंडप पंचवटी के मंचन स्थल पर भगवान गणेश और विष्णु की आरती के पश्चात लीला मंचन का शुभारंभ हुआ। रात्रि लीला मंचन में रावण वेदवती संवाद की लीला का मंचन दिखाया गया।
रावण वन में तपस्या कर रही वेदवती को स्पर्श करने का प्रयास करता है। वेदवती उसे श्राप देकर अग्नि प्रवेश कर जाती है। राजा दशरथ के वाण से श्रवण कुमार की मृत्यु और उसके माता-पिता द्वारा राजा को पुत्र वियोग में मृत्यु का श्राप दिया गया। इस दौरान रामकुमार सिंघल, जोनी शर्मा, श्याम कुमार सिंघल, धनप्रकाश, अशोक महेश्वरी आदि मौजूद रहे।
वहीं पंजाबी धर्मशाला में आयोजित वीडियो रामायण में भगवान राम को चौदह वर्ष का बनवास, दशरथ मरण, भरत का अयोध्या में आगमन, कैकेई भरत संवाद, निषाद राज भेट, कैकेई संवाद की लीला का प्रसारण प्रोजेक्टर पर दिखाया गया। इस दौरान मोहनलाल चावला, अनिल मित्तल, महावीर प्रसाद अग्रवाल, रामरिछपाल गोयल, प्रदीप सिंघल आदि मौजूद रहे।