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आम बजट में रेलवे परियोजनाओं से रही झोली खाली
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आम बजट में रेलवे परियोजनाओं से रही झोली खाली
शामली। यूपी समेत पांच विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आम बजट 2022 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की रेल परियोजनाओं को बजट नहीं दिया गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा को जोड़ने वाली मेरठ-पानीपत और कैथल-करनाल-शामली-मेरठ लाइन के सर्वे के बाद नई रेलवे बिछाने, भूमि खरीदने और दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलवे मार्ग के दोहरीकरण का बजट जारी नहीं किया गया है। जिससे क्षेत्र को निराशा हुई है।
उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल की ओर से आम बजट 2022 में रेलवे परियोजना के लिए 2022-23 की रेलवे पिंक बुक जारी कर दी है। वर्ष 2016 मे रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आम बजट में मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के लिए 2200 करोड़ रुपये और शाहदरा से लेकर टपरी तक विद्युतीकरण सिग्नल, दोहरी करण कार्यों के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने दिल्ली- शामली-सहारनपुर रेलवे मार्ग के दोहरीकरण, विद्युतीकरण सिगनल कार्यों का शिलान्यास ननौता रेलवे स्टेशन पर किया था। छह साल में विद्युतीकरण व सिग्नल कार्य का ज्यादातर कार्य पूरा हो गया है।
कैथल-करनाल-शामली-मेरठ रेलवे लाइन का सर्वेक्षण हुए दो साल बीत गए। मेरठ-पानीपत और कैथल-करनाल-शामली होकर मेरठ तक नई रेलवे लाइन बिछाने और भूमि खरीदने और दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलवे मार्ग का दोहरीकरण का बजट जारी करने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली समेत कई जिलों के नागरिक उम्मीद लगाए थे।
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रेलवे द्वारा जारी पिंक बुक के अनुसार वर्ष 2022-23 के लिए नया बजट नहीं है। इस साल बजट में एक भी रुपया जारी नहीं किया गया। इसी प्रकार दिल्ली- शामली-सहारनपुर रेलवे मार्ग के दोहरीकरण के लिए कोई बजट नहीं मिला है। पिंक बुक के मुताबिक 2021-22 में दिल्ली-शामली-सहारनपुर बाईपास के 175 किमी के गलियारा के दोहरीकरण के लिए 750 करोड़ रुपये की स्वीकृति हुई थी। पिछले साल 40 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था।
अग्रवाल मित्र मंडल के सचिव अनुज बंसल का कहना है कि पिंक बुक में दोहरीकरण और मेरठ-पानीपत और कैथल- करनाल, शामली और मेरठ नई रेलवे लाइन का बजट जारी न करने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को आम नागरिकों को मायूस किया गया है।
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शामली। यूपी समेत पांच विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आम बजट 2022 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की रेल परियोजनाओं को बजट नहीं दिया गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा को जोड़ने वाली मेरठ-पानीपत और कैथल-करनाल-शामली-मेरठ लाइन के सर्वे के बाद नई रेलवे बिछाने, भूमि खरीदने और दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलवे मार्ग के दोहरीकरण का बजट जारी नहीं किया गया है। जिससे क्षेत्र को निराशा हुई है।
उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल की ओर से आम बजट 2022 में रेलवे परियोजना के लिए 2022-23 की रेलवे पिंक बुक जारी कर दी है। वर्ष 2016 मे रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आम बजट में मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के लिए 2200 करोड़ रुपये और शाहदरा से लेकर टपरी तक विद्युतीकरण सिग्नल, दोहरी करण कार्यों के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने दिल्ली- शामली-सहारनपुर रेलवे मार्ग के दोहरीकरण, विद्युतीकरण सिगनल कार्यों का शिलान्यास ननौता रेलवे स्टेशन पर किया था। छह साल में विद्युतीकरण व सिग्नल कार्य का ज्यादातर कार्य पूरा हो गया है।
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कैथल-करनाल-शामली-मेरठ रेलवे लाइन का सर्वेक्षण हुए दो साल बीत गए। मेरठ-पानीपत और कैथल-करनाल-शामली होकर मेरठ तक नई रेलवे लाइन बिछाने और भूमि खरीदने और दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलवे मार्ग का दोहरीकरण का बजट जारी करने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली समेत कई जिलों के नागरिक उम्मीद लगाए थे।
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रेलवे द्वारा जारी पिंक बुक के अनुसार वर्ष 2022-23 के लिए नया बजट नहीं है। इस साल बजट में एक भी रुपया जारी नहीं किया गया। इसी प्रकार दिल्ली- शामली-सहारनपुर रेलवे मार्ग के दोहरीकरण के लिए कोई बजट नहीं मिला है। पिंक बुक के मुताबिक 2021-22 में दिल्ली-शामली-सहारनपुर बाईपास के 175 किमी के गलियारा के दोहरीकरण के लिए 750 करोड़ रुपये की स्वीकृति हुई थी। पिछले साल 40 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था।
अग्रवाल मित्र मंडल के सचिव अनुज बंसल का कहना है कि पिंक बुक में दोहरीकरण और मेरठ-पानीपत और कैथल- करनाल, शामली और मेरठ नई रेलवे लाइन का बजट जारी न करने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को आम नागरिकों को मायूस किया गया है।