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तीस साल में पानी की आवश्यकता और खर्च का बनेगा प्लान
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शामली कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में भाग लेते अधिकारी
- फोटो : SHAMLI
तीस साल में पानी की आवश्यकता और खर्च का बनेगा प्लान
शामली। जिले में गिरते भूूजल स्तर में सुधार लाने के लिए अटल भूजल योजना के तहत वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार किया गया है। जिले में कांधला ब्लाक के चयनित 14 ग्राम पंचायतों में आने वाले तीस सालों में पानी की आवश्यकता और कितना पानी खर्च होगा इसे प्लान में शामिल किया गया है। योजना में हर घर जल के लिए चलाई जा रही पाइप योजना शामिल करने और महिला सहायता समूह की महिलाओं को जोड़कर जिम्मेदारी देने पर चर्चा हुई।
मंगलवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में अटल भूजल योजना के निदेशक वीरेंद्र उपाध्याय ने शामली पहुंचकर योजना की समीक्षा की। उन्होंने अटल भूजल योजना के तहत योजना में जुड़े कृषि, उद्यान,भूमि संरक्षण, गन्ना, सिंचाई, जल निगम, लघु सिंचाई विभागों से सिंचित-असिंचित भूमि क्षेत्रों, तालाबों, हैडपंप, नहरों व फसलों का आंकड़ा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। डीएम जसजीत कौर ने योजना में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जिम्मेदारी दिए जाने का सुझाव दिया। डीएम जसजीत कौर की अध्यक्षता में अटल भूजल योजना की बैठक में सहारनपुुुर मंडल के भूगर्भ वैज्ञानिक एवं नोडल अधिकारी आशीष कुमार चौधरी ने प्रोजेक्टर पर अटल भूजल योजना की प्रगति की जानकारी दी।
योजना के निदेशक वीरेंद्र उपाध्याय ने कांधला ब्लाक में चयनित 14 गांवों की योजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मौजूद संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि योजना में शामिल कांधला ब्लाक के 14 गांवों का घर घर जाकर सर्वे कर लिया गया है। वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार किया जा रहा है। योजना के विशेष अधिकारी शोकेंद्र सिंह ने बताया कि वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार करने के लिए योजना में शामिल कृषि, उद्यान, भूमि संरक्षण, गन्ना, सिंचाई, जल निगम, लघु सिंचाई विभागों से सिंचित-असिंचित भूमि क्षेत्रों, तालाबों, हैडपंप, नहरों व फसलों का आंकड़ा अभी प्राप्त नहीं हुआ है।
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निदेशक वीरेंद्र उपाध्याय ने संस्थाओं के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि योजना में जिले में कांधला ब्लाक के चयनित 14 ग्राम पंचायतों में आने वाले तीस सालों में कुल पानी की आवश्यकता और कितना पानी खर्च होगा। इस संबंध में वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार होने के बाद स्वीकृति हेतु जिलास्तर के बाद राज्य स्तर पर भेजा जाएगा। बैठक में सीडीओ शंभू नाथ तिवारी ने कहा कि जिले में गिरते भूजल स्तर को रोकने और पानी दोहन का दुरुपयोग रोकने के लिए हर स्कूल में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए जाए। हर गांव में जल उपलब्ध कराने के लिए जलजीवन मिशन योजना में पाइप लाइनसे जोड़ा जाए। बैठक में लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आमोद कुमार, लद्यु सिचाई विभाग के अवर अभियंता गौरव भारद्वाज, डीएफओ, कांधला ब्लाक के बीडीओ मौजूद रहे।
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शामली। जिले में गिरते भूूजल स्तर में सुधार लाने के लिए अटल भूजल योजना के तहत वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार किया गया है। जिले में कांधला ब्लाक के चयनित 14 ग्राम पंचायतों में आने वाले तीस सालों में पानी की आवश्यकता और कितना पानी खर्च होगा इसे प्लान में शामिल किया गया है। योजना में हर घर जल के लिए चलाई जा रही पाइप योजना शामिल करने और महिला सहायता समूह की महिलाओं को जोड़कर जिम्मेदारी देने पर चर्चा हुई।
मंगलवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में अटल भूजल योजना के निदेशक वीरेंद्र उपाध्याय ने शामली पहुंचकर योजना की समीक्षा की। उन्होंने अटल भूजल योजना के तहत योजना में जुड़े कृषि, उद्यान,भूमि संरक्षण, गन्ना, सिंचाई, जल निगम, लघु सिंचाई विभागों से सिंचित-असिंचित भूमि क्षेत्रों, तालाबों, हैडपंप, नहरों व फसलों का आंकड़ा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। डीएम जसजीत कौर ने योजना में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जिम्मेदारी दिए जाने का सुझाव दिया। डीएम जसजीत कौर की अध्यक्षता में अटल भूजल योजना की बैठक में सहारनपुुुर मंडल के भूगर्भ वैज्ञानिक एवं नोडल अधिकारी आशीष कुमार चौधरी ने प्रोजेक्टर पर अटल भूजल योजना की प्रगति की जानकारी दी।
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योजना के निदेशक वीरेंद्र उपाध्याय ने कांधला ब्लाक में चयनित 14 गांवों की योजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मौजूद संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि योजना में शामिल कांधला ब्लाक के 14 गांवों का घर घर जाकर सर्वे कर लिया गया है। वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार किया जा रहा है। योजना के विशेष अधिकारी शोकेंद्र सिंह ने बताया कि वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार करने के लिए योजना में शामिल कृषि, उद्यान, भूमि संरक्षण, गन्ना, सिंचाई, जल निगम, लघु सिंचाई विभागों से सिंचित-असिंचित भूमि क्षेत्रों, तालाबों, हैडपंप, नहरों व फसलों का आंकड़ा अभी प्राप्त नहीं हुआ है।
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निदेशक वीरेंद्र उपाध्याय ने संस्थाओं के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि योजना में जिले में कांधला ब्लाक के चयनित 14 ग्राम पंचायतों में आने वाले तीस सालों में कुल पानी की आवश्यकता और कितना पानी खर्च होगा। इस संबंध में वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार होने के बाद स्वीकृति हेतु जिलास्तर के बाद राज्य स्तर पर भेजा जाएगा। बैठक में सीडीओ शंभू नाथ तिवारी ने कहा कि जिले में गिरते भूजल स्तर को रोकने और पानी दोहन का दुरुपयोग रोकने के लिए हर स्कूल में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए जाए। हर गांव में जल उपलब्ध कराने के लिए जलजीवन मिशन योजना में पाइप लाइनसे जोड़ा जाए। बैठक में लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आमोद कुमार, लद्यु सिचाई विभाग के अवर अभियंता गौरव भारद्वाज, डीएफओ, कांधला ब्लाक के बीडीओ मौजूद रहे।

शामली कलक्ट्रेट सभागार में बैठक लेती डीएम जसजीत कौर- फोटो : SHAMLI