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जिले में जरूरत छह लाख पुस्तकों की पहुंची एक लाख
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अगले सप्ताह विद्यालयों में शुरू होगा वितरण
चार माह बाद विद्यार्थियों के हाथों में पहुंचेगी नई किताबें
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को नई किताबों का इंतजार खत्म हो गया है। जिले में पहली खेप में करीब एक लाख पुस्तकें पहुंच गई हैं। हालांकि जिले में जरूरत छह लाख किताबों की है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी पुस्तकें भी पहुंच जाएंगी और अगले सप्ताह से विद्यालयों में पुस्तकों का वितरण शुरू हो जाएगा।
बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जिले में संचालित कक्षा एक से आठ तक के 596 विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में करीब 86 हजार 500 विद्यार्थी नामांकित हैं। शासन की तरफ से विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नि:शुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं। इस बार अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हुआ था, लेकिन शासन से नई किताबें नहीं पहुंची थीं। पिछले साल की पुरानी किताबों को इकट्ठा कर विद्यार्थियों को दी गई थीं। जिनमें सभी विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिल पाई थीं। जिन विद्यार्थियों को मिली थीं, उन्हें कटी-फटी और आधी अधूरी किताबें मिली थीं। शिक्षक पुरानी किताबों से जैसे तैसे शिक्षण कार्य करा रहे थे।
विद्यार्थी और शिक्षक नई किताबों का इंतजार कर रहे थे। करीब चार माह बाद यह इंतजार पूरा हुआ है। बुधवार को जिले में नई किताबों की पहली खेप पहुंची। जिनमें करीब एक लाख किताबें हैं। हालांकि जिले को छह लाख किताबों की जरूरत है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी किताबें भी मिलेंगी। बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक अमित कुमार ने बताया कि जिले में करीब एक लाख नई किताबें पहुंच चुकी हैं जल्द ही बाकी किताबें पहुंच जाएंगी। अगले सप्ताह से विद्यालयों में किताबों का वितरण शुरू हो जाएगा।
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चार माह बाद विद्यार्थियों के हाथों में पहुंचेगी नई किताबें
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को नई किताबों का इंतजार खत्म हो गया है। जिले में पहली खेप में करीब एक लाख पुस्तकें पहुंच गई हैं। हालांकि जिले में जरूरत छह लाख किताबों की है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी पुस्तकें भी पहुंच जाएंगी और अगले सप्ताह से विद्यालयों में पुस्तकों का वितरण शुरू हो जाएगा।
बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जिले में संचालित कक्षा एक से आठ तक के 596 विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में करीब 86 हजार 500 विद्यार्थी नामांकित हैं। शासन की तरफ से विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नि:शुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं। इस बार अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हुआ था, लेकिन शासन से नई किताबें नहीं पहुंची थीं। पिछले साल की पुरानी किताबों को इकट्ठा कर विद्यार्थियों को दी गई थीं। जिनमें सभी विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिल पाई थीं। जिन विद्यार्थियों को मिली थीं, उन्हें कटी-फटी और आधी अधूरी किताबें मिली थीं। शिक्षक पुरानी किताबों से जैसे तैसे शिक्षण कार्य करा रहे थे।
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विद्यार्थी और शिक्षक नई किताबों का इंतजार कर रहे थे। करीब चार माह बाद यह इंतजार पूरा हुआ है। बुधवार को जिले में नई किताबों की पहली खेप पहुंची। जिनमें करीब एक लाख किताबें हैं। हालांकि जिले को छह लाख किताबों की जरूरत है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी किताबें भी मिलेंगी। बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक अमित कुमार ने बताया कि जिले में करीब एक लाख नई किताबें पहुंच चुकी हैं जल्द ही बाकी किताबें पहुंच जाएंगी। अगले सप्ताह से विद्यालयों में किताबों का वितरण शुरू हो जाएगा।
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