{"_id":"60329c968ebc3ee90e381f8e","slug":"not-a-letter-which-country-shamli-news-mrt5265283128","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिट्ठी न कोई संदेश, वो कौन सा देश...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिट्ठी न कोई संदेश, वो कौन सा देश...
विज्ञापन
शामली हनुमान धाम पर आयोजित भजन संध्या में मौजूद श्रद्धालु।
- फोटो : SHAMLI
चिट्ठी न कोई संदेश, वो कौन सा देश...
शामली। सिद्धपीठ मंदिर हनुमान धाम पर प्रसिद्ध भजन गायक नरेंद्र चंचल, अजय पाठक और रामप्रसाद सुलानिया की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कलाकारों ने दिवंगत भजन गायकों को भजनों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की। भजन गायक नीरज तूफानी ने तीनों भजन गायकों को ‘चिट्ठी न कोई संदेश, वो कौन सा देश’ सुनाकर अपनी श्रद्धांजलि दी।
रविवार को प्रसिद्ध भजन गायक स्व. नरेंद्र चंचल, शामली के मोहल्ला पंजाबी कॉलोनी निवासी स्व. अजय पाठक और रामप्रसाद सुलानिया को कलाकारों ने अपने भजनों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें याद किया। कार्यक्रम की शुरूआत मंदिर के प्रधान सलिल द्विवेदी, मंत्री राजकुमार मित्तल, आदेश शर्मा व डॉ. अनुराग शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर की । गणेश वंदना उत्तम नामदेव ने और सरस्वती वंदना लालसिंह लचक ने प्रस्तुत की। इसके बाद लक्की चंडीगढ़ ने ‘ना फनकार तुझसा तेरे बाद आया, नरेंद्र चंचल तू बहुत याद आया’ सुनाकर मौजूद लोगों को भावविभोर कर दिया।
भगवत निशांत पाठक ने ‘सितारे जागरण के हमने खोए हैं, जिन्हें याद करके आंखें रोई हैं’ सुनाया। इनके अलावा नरेंद्र नादान, विजय वशिष्ठ, लाल सिंह लचक, रीतू रुहेला दिल्ली, माही कटारिया शाहपुर, वासु भंवरा, पंकज नामदेव, शालू चौधरी, मुकेश बजरंगी, योगेश वत्स, प्रयागदत्त शर्मा, कृष्णकांत कपूर, योगेंद्र कुमार, राजेंद्र, कुलदीप भगतजी, अमर भारद्वाज, लोकेश शर्मा ने अपने भजनों के माध्यम से तीनों महान गायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मंदिर के प्रधान सलिल द्विवेदी ने कहा कि बीते एक साल में तीन महान कलाकारों को खोया है। इन कलाकारों ने न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी शामली जनपद व अपने देश का नाम ऊंचा किया। भजनों और गीतों के माध्यम से उनकी यादें हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेगी। कार्यक्रम में फैंस म्यूजिकल ग्रुप और दश म्यूजिकल ग्रुप का सहयोग रहा। इस अवसर पर मनोज मित्तल, पुनीत द्विवेदी, उपेंद्र द्विवेदी, वंश नामदेव, सचिन नामदेव, प्रमोद कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। सिद्धपीठ मंदिर हनुमान धाम पर प्रसिद्ध भजन गायक नरेंद्र चंचल, अजय पाठक और रामप्रसाद सुलानिया की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कलाकारों ने दिवंगत भजन गायकों को भजनों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की। भजन गायक नीरज तूफानी ने तीनों भजन गायकों को ‘चिट्ठी न कोई संदेश, वो कौन सा देश’ सुनाकर अपनी श्रद्धांजलि दी।
रविवार को प्रसिद्ध भजन गायक स्व. नरेंद्र चंचल, शामली के मोहल्ला पंजाबी कॉलोनी निवासी स्व. अजय पाठक और रामप्रसाद सुलानिया को कलाकारों ने अपने भजनों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें याद किया। कार्यक्रम की शुरूआत मंदिर के प्रधान सलिल द्विवेदी, मंत्री राजकुमार मित्तल, आदेश शर्मा व डॉ. अनुराग शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर की । गणेश वंदना उत्तम नामदेव ने और सरस्वती वंदना लालसिंह लचक ने प्रस्तुत की। इसके बाद लक्की चंडीगढ़ ने ‘ना फनकार तुझसा तेरे बाद आया, नरेंद्र चंचल तू बहुत याद आया’ सुनाकर मौजूद लोगों को भावविभोर कर दिया।
विज्ञापन
भगवत निशांत पाठक ने ‘सितारे जागरण के हमने खोए हैं, जिन्हें याद करके आंखें रोई हैं’ सुनाया। इनके अलावा नरेंद्र नादान, विजय वशिष्ठ, लाल सिंह लचक, रीतू रुहेला दिल्ली, माही कटारिया शाहपुर, वासु भंवरा, पंकज नामदेव, शालू चौधरी, मुकेश बजरंगी, योगेश वत्स, प्रयागदत्त शर्मा, कृष्णकांत कपूर, योगेंद्र कुमार, राजेंद्र, कुलदीप भगतजी, अमर भारद्वाज, लोकेश शर्मा ने अपने भजनों के माध्यम से तीनों महान गायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मंदिर के प्रधान सलिल द्विवेदी ने कहा कि बीते एक साल में तीन महान कलाकारों को खोया है। इन कलाकारों ने न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी शामली जनपद व अपने देश का नाम ऊंचा किया। भजनों और गीतों के माध्यम से उनकी यादें हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेगी। कार्यक्रम में फैंस म्यूजिकल ग्रुप और दश म्यूजिकल ग्रुप का सहयोग रहा। इस अवसर पर मनोज मित्तल, पुनीत द्विवेदी, उपेंद्र द्विवेदी, वंश नामदेव, सचिन नामदेव, प्रमोद कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन