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आलू बीज पर सब्सिडी नहीं, मंहगे दाम पर खरीदने को मजबूर

Thu, 08 Oct 2020 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2020 11:36 PM IST
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No subsidy on potato seeds, forced to buy at expensive price
जलालाबाद में जानकारी देते आलू उत्पादक किसान कययूम खान - फोटो : SHAMLI
आलू बीज पर सब्सिडी नहीं, मंहगे दाम पर खरीदने को मजबूर
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शामली/जलालाबाद। इस बार दाम अच्छे मिले तो किसानों का रुझान आलू की खेती की ओर हो गया, लेकिन उद्यान विभाग आलू का बीज उपलब्ध नहीं करा पाया। विभाग की ओर से किसानों को आलू के बीज पर सब्सिडी भी नहीं दी जाती। मजबूरन उन्हें महंगे दामों पर बाजार से बीज खरीदना पड़ रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस बार आलू बीज के दाम दोगुने तक बढ़ गए हैं। इससे किसानों की उत्पादन लागत काफी बढ़ जाएगी।
जिले में करीब 1200 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर आलू की खेती होती है। इस बार अच्छे दाम मिलने से आलू के रकबे में बढ़ोतरी की उम्मीद है। थानाभवन, जलालाबाद क्षेत्र में आलू काफी मात्रा में उगाया जाता है। इस बार आलू उत्पादकों को बीज 3700 से चार हजार रुपये प्रति क्विंटल तक लेना पड़ रहा है। किसानों ने अपने खेत आलू की बुवाई के लिए तैयार कर लिए हैं, लेकिन बड़ी समस्या बीज को लेकर है। किसान आलू का बीज पंजाब और कृषि अनुसंधान केंद्र मोदीपुरम से मंगाते हैं।
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किसानों का कहना है कि आलू किसान के लिए इस बार फायदे का सौदा साबित हो रहा है। इससे पहले आलू उगाने वाले किसानों को नुकसान ही हुआ है। दखोड़ी निवासी आलू उत्पादक प्रदीप राणा, नरेंद्र चौधरी नागल, दर्शन रावड़ा जलालाबाद और पंडित ओमप्रकाश शर्मा जलालाबाद का कहना है कि इस बार महंगा बीज लेने के लिए मजबूर हैं। इससे फसल की लागत बढ़ रही है।
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100 क्विंटल का लक्ष्य, 500 की जरूरत
उद्यान विभाग को आलू के बीज का मात्र 100 क्विंटल का ही लक्ष्य मिला है। वह भी अभी प्राप्त नहीं हुआ है। उद्यान विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 17 सितंबर तक आलू का बीज मिलने की उम्मीद है। जनपद को 100 क्विंटल बीज मिलेगा, जबकि जिले के किसानों की मांग ज्यादा है। जरूरत लगभग 500 क्विंटल की है। कम बीज मिलने के कारण लाटरी सिस्टम से वितरण किया जाएगा।
केवल बीज तैयार करने को देता है विभाग
उद्यान विभाग किसानों को केवल आलू का बीज तैयार करने के लिए एफ-वन बीज देता है। जनपद में आलू की कुफरी ख्याति और पुखराज की बुवाई होती है। विभाग इस बार 3150 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बीज देगा जबकि पिछले वर्ष 1700 रुपये क्विंटल की दर से मिला था। बीज पर कोई सब्सिडी नहीं दी जाती है।
नई वैैरायटी का आलू उगाएंगे
जिले के बड़े आलू उत्पादकों में शामिल जलालाबाद क्षेत्र के गांव दखोड़ी निवासी किसान प्रदीप राणा इस बार आलू की नई वैरायटी 39 संगम, फ्राई ओम, थार 1, 2, 3 एवं मोहन की बुवाई करेंगे। इसे दाम और भी ज्यादा हैं। करीब 200 बीघा आलू की फसल लगाने के लिए तैयारी की है। अक्तूबर से नवंबर के आखिरी सप्ताह तक आलू लगेगा। इस पर प्रति बीघा 8000 से लेकर 12000 तक की लागत आएगी। उसके बाद किसान आलू की फसल को पाले एवं रोगों से बचाने के लिए कड़ी मेहनत करता है। सरकार को आलू बीज पर सब्सिडी देनी चाहिए।
बोले किसान...
किसानों को इस बार आलू का बीज बहुत महंगा मिल रहा है। उद्यान विभाग को किसानों को सब्सिडी पर बीज उपलब्ध कराना चाहिए। - कय्यूम खान, किसान।
इस बार आलू के अच्छे दाम मिले हैं। इससे किसानों को लाभ हुआ है और वे आगे आलू की खेती करना चाहते हैं लेकिन बीज बहुत महंगा मिल रहा है। किसान महंगे दाम पर बीज लाकर बुवाई करने को मजबूर हैं। - राकेश सैनी, किसान।

बोले अधिकारी...
17 सितंबर तक आलू का बीज उपलब्ध हो जाएगा। आलू बीज पर सब्सिडी नहीं है। इस बार 100 क्विंटल की मांग की गई है। उद्यान विभाग केवल बीज तैयार करने के लिए ही आलू बीज उपलब्ध कराता है। - डा. हरित कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।

जलालाबाद में जानकारी देते आलू उत्पादक किसान राकेश सैनी

जलालाबाद में जानकारी देते आलू उत्पादक किसान राकेश सैनी- फोटो : SHAMLI

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