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माता देती है बच्चे को सुसंस्कार
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Fri, 04 Mar 2016 01:49 AM IST
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कांधला। श्री दिगंबर जैन समाज की ओर से आयोजित पंचकल्याणक महोत्सव अपने चरम पर पहुंच रहा है। जिसमें कई राज्यों से आए हजारों लोगों ने गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर जैन संत नयन सागर जी महाराज ने कहा कि मां ही अपने बच्चे को सुसंस्कार देती है।
बुधवार रात अयोध्या नगरी रामलीला मैदान में भोपाल, राजस्थान से आए कलाकारों के साथ स्थानीय पात्रों के द्वारा गर्भ कल्याण, नाटकीय दर्शन प्रथम भाग के मनमोहक दृश्यों की प्रस्तुति की गई। गर्भ कल्याण उत्तर रुप तीन मार्च की प्रात: से ही अयोध्या नगरी में शुरू हुआ। जिसमें देव स्वतन, जिनाभिषेक नित्यार्चन मंडल विधान मंदिर वेदी शुद्धि कलश यात्रा वेदी वास्तु तथा माता मरुदेवी गोदभराई उत्सव में सैकड़ों महिलाओं ने भाग लेकर पंच कल्याणक महोत्सव में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम के महत्व को ब़ताते हुए रात्रि शास्त्र सभा के साथ गर्भ कल्याण के दूसरे भाग में प्रवेश किया। महोत्सव में मुख्य अतिथि अमित जैन नागपुर और बिजेंद्र कुमार जैन, अनुराग जैन, पराग जैन प्रीतमपुरा दिल्ली आदि रहे। जैन संत उपाध्याय 108 श्री नयन सागर जी महाराज ने प्रवचन के दौरान कहा कि अयोध्या नरेश की पत्नी मरु देवी माता ने हाथी, बैल, सूर्य, चंद्रमा, दो माला, सरोवर, शेर, कलश, धनेंद्र विमान आदि सोलह स्वप्न देखे।
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ऐसी माता के गर्भ में आने वाला जीव चारों तरफ शांति फैलाने वाला होता है। माता केवल मां ही नहीं होती बल्कि बच्चे को सुसंस्कार देने वाली होती है। तीर्थंकरों को जन्म देने माताएं 24 होती हैं। जिनमें से प्रथम तीर्थकर श्री ऋषभ देव भगवान को जन्म देने का सौभाग्य माता मरु देवी को जाता है।
भगवान ऋषभदेव का जन्म 04 मार्च की सुबह 09 बजे होगा। जिसके मातृ दर्शन से आत्म कल्याण के दरवाजे खुल जाएंगे। इस दौरान नत्थूमल जैन, कुलदीप जैन, प्रवीण जैन जसाला वाले, दीपक जैन, नरेंद्र जैन, हंस कुमार जैन, मनोज जैन, अतुल जैन, दीविक जैन आदि लोग मौजूद रहे।
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बुधवार रात अयोध्या नगरी रामलीला मैदान में भोपाल, राजस्थान से आए कलाकारों के साथ स्थानीय पात्रों के द्वारा गर्भ कल्याण, नाटकीय दर्शन प्रथम भाग के मनमोहक दृश्यों की प्रस्तुति की गई। गर्भ कल्याण उत्तर रुप तीन मार्च की प्रात: से ही अयोध्या नगरी में शुरू हुआ। जिसमें देव स्वतन, जिनाभिषेक नित्यार्चन मंडल विधान मंदिर वेदी शुद्धि कलश यात्रा वेदी वास्तु तथा माता मरुदेवी गोदभराई उत्सव में सैकड़ों महिलाओं ने भाग लेकर पंच कल्याणक महोत्सव में चार चांद लगा दिए।
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कार्यक्रम के महत्व को ब़ताते हुए रात्रि शास्त्र सभा के साथ गर्भ कल्याण के दूसरे भाग में प्रवेश किया। महोत्सव में मुख्य अतिथि अमित जैन नागपुर और बिजेंद्र कुमार जैन, अनुराग जैन, पराग जैन प्रीतमपुरा दिल्ली आदि रहे। जैन संत उपाध्याय 108 श्री नयन सागर जी महाराज ने प्रवचन के दौरान कहा कि अयोध्या नरेश की पत्नी मरु देवी माता ने हाथी, बैल, सूर्य, चंद्रमा, दो माला, सरोवर, शेर, कलश, धनेंद्र विमान आदि सोलह स्वप्न देखे।
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ऐसी माता के गर्भ में आने वाला जीव चारों तरफ शांति फैलाने वाला होता है। माता केवल मां ही नहीं होती बल्कि बच्चे को सुसंस्कार देने वाली होती है। तीर्थंकरों को जन्म देने माताएं 24 होती हैं। जिनमें से प्रथम तीर्थकर श्री ऋषभ देव भगवान को जन्म देने का सौभाग्य माता मरु देवी को जाता है।
भगवान ऋषभदेव का जन्म 04 मार्च की सुबह 09 बजे होगा। जिसके मातृ दर्शन से आत्म कल्याण के दरवाजे खुल जाएंगे। इस दौरान नत्थूमल जैन, कुलदीप जैन, प्रवीण जैन जसाला वाले, दीपक जैन, नरेंद्र जैन, हंस कुमार जैन, मनोज जैन, अतुल जैन, दीविक जैन आदि लोग मौजूद रहे।