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रोडवेज के स्मार्ट कार्ड में व्यर्थ गए पैसे, यात्री परेशान
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रोडवेज के स्मार्ट कार्ड में व्यर्थ गए पैसे, यात्री परेशान
शामली। यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की गई रोडवेज की स्मार्ट कार्ड योजना कई यात्रियों के लिए नुकसानदेय साबित हुई। कोरोनाकाल में यात्री सफर नहीं कर पाए और रोडवेज ने यह योजना बीच में ही बंद कर दी। कार्ड सरेंडर करने केे लिए यात्रियों को 10-12 दिन का समय दिया गया। इस दौरान जो यात्री कार्ड सरेंडर नहीं कर पाए, उन्हें अब भटकना पड़ रहा है।
शामली के दयानंदनगर निवासी बुजुर्ग पवन कुमार ने बताया कि उन्होंने दो वर्ष पूर्व रोडवेज बसों में यात्रा करने के लिए स्मार्ट कार्ड बनवाया था। इसमें दो बार-बार 500-500 रुपये जमा कराए थे। एक-दो बार उन्होंने यात्रा की। फिर कोरोना की वजह से वह कहीं बाहर बस से नहीं गए। पिछले दिनों सहारनपुर जाते समय उन्होंने परिचालक को स्मार्ट कार्ड दिया, तो उसने बताया कि यह सेवा रोडवेज ने बंद कर दी है। कार्ड के पैसे के रिफंड के लिए शामली बस अड्डे के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी से मिले। जब वह वरिष्ठ केंद्र प्रभारी से मिले तो उन्हें बताया गया कि स्मार्ट कार्ड सरेंडर करने के लिए विभाग की ओर से कुछ समय दिया गया था। अब पैसा रिफंड नहीं होगा। पवन कुमार ने उनके बताए महाप्रबंधक के पते पर शिकायत भेजी। लेकिन वहां से गलत पते के चलते शिकायत वापस आ गई। पैसे रिफंड कराने को वह लगातार भटक रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस संबंध में बात करने पर शामली बस अड्डे के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान ने बताया कि मुख्यालय से ही सूचना जारी कर 16 जुलाई से 26 जुलाई के बीच स्मार्ट कार्ड सरेंडर कराए गए थे। शामली से 60 से ज्यादा कार्ड सरेंडर हुए थे। अब मुख्यालय से ही दोबारा तिथि घोषित कर कार्ड सरेंडर हो पाएगा।
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शामली। यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की गई रोडवेज की स्मार्ट कार्ड योजना कई यात्रियों के लिए नुकसानदेय साबित हुई। कोरोनाकाल में यात्री सफर नहीं कर पाए और रोडवेज ने यह योजना बीच में ही बंद कर दी। कार्ड सरेंडर करने केे लिए यात्रियों को 10-12 दिन का समय दिया गया। इस दौरान जो यात्री कार्ड सरेंडर नहीं कर पाए, उन्हें अब भटकना पड़ रहा है।
शामली के दयानंदनगर निवासी बुजुर्ग पवन कुमार ने बताया कि उन्होंने दो वर्ष पूर्व रोडवेज बसों में यात्रा करने के लिए स्मार्ट कार्ड बनवाया था। इसमें दो बार-बार 500-500 रुपये जमा कराए थे। एक-दो बार उन्होंने यात्रा की। फिर कोरोना की वजह से वह कहीं बाहर बस से नहीं गए। पिछले दिनों सहारनपुर जाते समय उन्होंने परिचालक को स्मार्ट कार्ड दिया, तो उसने बताया कि यह सेवा रोडवेज ने बंद कर दी है। कार्ड के पैसे के रिफंड के लिए शामली बस अड्डे के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी से मिले। जब वह वरिष्ठ केंद्र प्रभारी से मिले तो उन्हें बताया गया कि स्मार्ट कार्ड सरेंडर करने के लिए विभाग की ओर से कुछ समय दिया गया था। अब पैसा रिफंड नहीं होगा। पवन कुमार ने उनके बताए महाप्रबंधक के पते पर शिकायत भेजी। लेकिन वहां से गलत पते के चलते शिकायत वापस आ गई। पैसे रिफंड कराने को वह लगातार भटक रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस संबंध में बात करने पर शामली बस अड्डे के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान ने बताया कि मुख्यालय से ही सूचना जारी कर 16 जुलाई से 26 जुलाई के बीच स्मार्ट कार्ड सरेंडर कराए गए थे। शामली से 60 से ज्यादा कार्ड सरेंडर हुए थे। अब मुख्यालय से ही दोबारा तिथि घोषित कर कार्ड सरेंडर हो पाएगा।
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