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मशीन खराब, कैसे शुरू हो राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान
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शामली सीएचसी में रखी मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने की खराब मशीन।
- फोटो : SHAMLI
मशीन खराब, कैसे शुरू हो राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान
शामली। प्रदेश को मोतियाबिंद के बैकलॉग को खत्म करने के लिए सरकार ने तीन वर्षीय राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिले को एक साल में 2074 मोतियाबिंद के ऑपरेशन करने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन शामली जनपद में अभी यह अभियान शुरू नहीं हो पाएगा। इसकी वजह ये है कि सीएचसी शामली की ऑप्थेलमिक माइक्रोस्कोप खराब होकर आठ महीने पहले निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है और उसके स्थान पर शासन से ऑपरेशन के लिए अभी नई मशीन नहीं आई है।
भारत सरकार के राष्ट्रीय दृष्टिविहीनता एवं दृष्टिदोष नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रदेश सरकार ने तीन वर्षीय राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान को जून माह से शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की नेत्रों की स्क्रीनिंग करने और अधिक से अधिक ऑपरेशन कर प्रदेश को मोतियाबिंद बैकलॉग मुक्त किया जाना है। शासन ने सभी जिलों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है, जिसमें शामली जिले को इस साल 2074 ऑपरेशन करने का लक्ष्य दिया गया है। शासन ने इसके लिए कार्य योजना तैयार कर अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
शामली जिले की बात करें तो जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सिर्फ शामली सीएचसी पर ही नेत्र सर्जन डॉ. वीपी सिंह की तैनाती है और वह पिछले करीब दस साल से मोतियाबिंद के ऑपरेशन भी कर रहे थे, लेकिन पिछले साल ऑपरेशन करने की ऑप्थेलमिक माइक्रोस्कोप खराब हो गया था। जांच के बाद मशीन को आठ महीने पहले अक्तूबर 2021 में निष्प्रोज्य घोषित कर दिया गया था। शासन स्तर से नई मशीन अभी नहीं मिली है। जब तक नई मशीन नहीं मिलती तब तक शामली जनपद में फिलहाल राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान शुरू नहीं हो पाएगा।
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हर माह होते थे 400 ऑपरेशन
ऑप्थेलमिक माइक्रोस्कोप खराब होने से पूर्व सीएचसी में हर माह करीब 400 ऑपरेशन होते थे। जब से मशीन खराब हुई है मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां सुविधा उपलब्ध न होने से उन्हें प्राइवेट अस्पतालों का रूख करना पड़ता है। डॉ. वीपी सिंह का कहना है कि करीब आठ माह से सीएचसी में ऑप्थेलमिक माइक्रोस्कोप निष्प्रयोज्य घोषित होने के बाद मोतियाबिंद के ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। शासन को इसकी डिमांड भेजी जा चुकी है। अभी नई मशीन नहीं आई है। शासन ने राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान को लेकर संसाधन और उपकरणों के बारे में जानकारी मांगी है, जो भेज दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही मशीन आने पर मोतियाबिंद के ऑपरेशन शुरू हो जाएंगे - डॉ. वीपी सिंह, नेत्र सर्जन सीएचसी शामली
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शामली। प्रदेश को मोतियाबिंद के बैकलॉग को खत्म करने के लिए सरकार ने तीन वर्षीय राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिले को एक साल में 2074 मोतियाबिंद के ऑपरेशन करने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन शामली जनपद में अभी यह अभियान शुरू नहीं हो पाएगा। इसकी वजह ये है कि सीएचसी शामली की ऑप्थेलमिक माइक्रोस्कोप खराब होकर आठ महीने पहले निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है और उसके स्थान पर शासन से ऑपरेशन के लिए अभी नई मशीन नहीं आई है।
भारत सरकार के राष्ट्रीय दृष्टिविहीनता एवं दृष्टिदोष नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रदेश सरकार ने तीन वर्षीय राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान को जून माह से शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की नेत्रों की स्क्रीनिंग करने और अधिक से अधिक ऑपरेशन कर प्रदेश को मोतियाबिंद बैकलॉग मुक्त किया जाना है। शासन ने सभी जिलों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है, जिसमें शामली जिले को इस साल 2074 ऑपरेशन करने का लक्ष्य दिया गया है। शासन ने इसके लिए कार्य योजना तैयार कर अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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शामली जिले की बात करें तो जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सिर्फ शामली सीएचसी पर ही नेत्र सर्जन डॉ. वीपी सिंह की तैनाती है और वह पिछले करीब दस साल से मोतियाबिंद के ऑपरेशन भी कर रहे थे, लेकिन पिछले साल ऑपरेशन करने की ऑप्थेलमिक माइक्रोस्कोप खराब हो गया था। जांच के बाद मशीन को आठ महीने पहले अक्तूबर 2021 में निष्प्रोज्य घोषित कर दिया गया था। शासन स्तर से नई मशीन अभी नहीं मिली है। जब तक नई मशीन नहीं मिलती तब तक शामली जनपद में फिलहाल राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान शुरू नहीं हो पाएगा।
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हर माह होते थे 400 ऑपरेशन
ऑप्थेलमिक माइक्रोस्कोप खराब होने से पूर्व सीएचसी में हर माह करीब 400 ऑपरेशन होते थे। जब से मशीन खराब हुई है मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां सुविधा उपलब्ध न होने से उन्हें प्राइवेट अस्पतालों का रूख करना पड़ता है। डॉ. वीपी सिंह का कहना है कि करीब आठ माह से सीएचसी में ऑप्थेलमिक माइक्रोस्कोप निष्प्रयोज्य घोषित होने के बाद मोतियाबिंद के ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। शासन को इसकी डिमांड भेजी जा चुकी है। अभी नई मशीन नहीं आई है। शासन ने राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान को लेकर संसाधन और उपकरणों के बारे में जानकारी मांगी है, जो भेज दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही मशीन आने पर मोतियाबिंद के ऑपरेशन शुरू हो जाएंगे - डॉ. वीपी सिंह, नेत्र सर्जन सीएचसी शामली