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संसाधनों के अभाव में दमकल भी झुलस रहा
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
Updated Sat, 30 Apr 2016 12:37 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। अग्निकांडों से सुलग रहा है जिला। अप्रैल में ही 50 से ज्यादा अग्निकांड हो चुके हैं। अग्निकांड की हर बड़ी घटना पर दमकल विभाग हांफ जाता है। कारण संसाधनों का अभाव। बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार दोपहर तक हुए अग्निकांडों में दमकल व्यवस्था का यही हश्र सामने आया।
दरअसल, जिले में एकमात्र फायर स्टेशन शामली में है। यहां पर चार दमकल वाहन और दो पंप उपलब्ध हैं। क्षेत्रफल के लिहाज से शामली से लेकर ऊन, कैराना, थानाभवन, कांधला क्षेत्र तक कहीं पर भी आग लगने पर शामली से ही दमकल वाहन भेजे जाते हैं। बड़ा अग्निकांड हो जाए, तो यह व्यवस्था चौपट हो जाती है। बृहस्पतिवार रात जब शामली स्टील प्राइवेट लिमिटेड में आग लगी, तो यही समस्या सामने आई। चार गाड़ियां आग बुझाने में नाकाम साबित हुई, जिसके बाद पड़ोसी जिलों से भी दमकल वाहन मंगाने पड़े।
वहीं, शुक्रवार दोपहर शामली शुगर मिल के बैगास (खोई) के स्टाक में आग लगने के बाद भी यही हाल हुआ। वहीं, स्थानीय फायर ब्रिगेड टीम संसाधनों के अभाव में बेबस और असहाय नजर आई।
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वाटर हाइडेंट भी हो गए गायब
अग्निकांडों के दौरान पानी की उपलब्धता के लिए शहर में वाटर हाइडेंट लगाए गए थे, जो अब गायब हो गए हैं। यदि कहीं पर आग लगती, तो शुगर मिल अथवा औद्योगिक क्षेत्र की किसी फैक्ट्री से पानी लिया जाता है। वाटर हाइडेंट न होने की वजह से आग बुझाने में बड़ी दिक्कत सामने आती है।
पड़ोस के खेत, बाग तक पहुंची आग
शुगर मिल के बैगास में लगी आग शुक्रवार रात करीब सात बजे आसपास के खेतों और बाग तक पहुंच गई। बाग में पेड़ भी धू धू कर जलने लगे। इससे आसपास के इलाके में अफरा तफरी मच गई। वहीं, घटनास्थल के पास ही मोहल्ला दयानंदनगर के लोगों में भी घबराहट हो गई।
कैराना कोतवाली में खड़ी रही गाड़ी
शुगर मिल शामली के बैगास में शुक्रवार दोपहर जब भयंकर आग लगी, तो पुलिस अधिकारियों ने मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हरियाणा के पानीपत और करनाल से भी दमकल वाहन बुलवाए। ताज्जुब है कि इसी दौरान एक दमकल वाहन कैराना कोतवाली परिसर में खड़ा रहा, जो शामली फायर स्टेशन का था। उस दमकल वाहन पर तैनात कर्मियों से जब पूछा कि शामली शुगर मिल की आग बुझाने क्यों नहीं जा रहे, तो जवाब मिला कि हमें ऊंचा गांव में लगी आग बुझाने भेजा गया है।
भूसे और खोई में लगी आग
कैराना। भूसे के कूप और बिटोड़ों में किन्हीं कारणों से आग लग गई। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड कर्मियों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। शुक्रवार सुबह 10 बजे गांव ऊंचा गांव निवासी राजकुमार के खेत में बने भूसे के कूपों और पास में पड़े खोई के ढेरों ने आग पकड़ ली। तेज गर्मी के चलते कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची तथा आग पर पानी डाल का काबू करने का प्रयास किया। तीन घंटे के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक भूसे के चार कूप, एक बिटोड़ा और खोई के ढेर जलकर राख हो गए।
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दरअसल, जिले में एकमात्र फायर स्टेशन शामली में है। यहां पर चार दमकल वाहन और दो पंप उपलब्ध हैं। क्षेत्रफल के लिहाज से शामली से लेकर ऊन, कैराना, थानाभवन, कांधला क्षेत्र तक कहीं पर भी आग लगने पर शामली से ही दमकल वाहन भेजे जाते हैं। बड़ा अग्निकांड हो जाए, तो यह व्यवस्था चौपट हो जाती है। बृहस्पतिवार रात जब शामली स्टील प्राइवेट लिमिटेड में आग लगी, तो यही समस्या सामने आई। चार गाड़ियां आग बुझाने में नाकाम साबित हुई, जिसके बाद पड़ोसी जिलों से भी दमकल वाहन मंगाने पड़े।
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वहीं, शुक्रवार दोपहर शामली शुगर मिल के बैगास (खोई) के स्टाक में आग लगने के बाद भी यही हाल हुआ। वहीं, स्थानीय फायर ब्रिगेड टीम संसाधनों के अभाव में बेबस और असहाय नजर आई।
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वाटर हाइडेंट भी हो गए गायब
अग्निकांडों के दौरान पानी की उपलब्धता के लिए शहर में वाटर हाइडेंट लगाए गए थे, जो अब गायब हो गए हैं। यदि कहीं पर आग लगती, तो शुगर मिल अथवा औद्योगिक क्षेत्र की किसी फैक्ट्री से पानी लिया जाता है। वाटर हाइडेंट न होने की वजह से आग बुझाने में बड़ी दिक्कत सामने आती है।
पड़ोस के खेत, बाग तक पहुंची आग
शुगर मिल के बैगास में लगी आग शुक्रवार रात करीब सात बजे आसपास के खेतों और बाग तक पहुंच गई। बाग में पेड़ भी धू धू कर जलने लगे। इससे आसपास के इलाके में अफरा तफरी मच गई। वहीं, घटनास्थल के पास ही मोहल्ला दयानंदनगर के लोगों में भी घबराहट हो गई।
कैराना कोतवाली में खड़ी रही गाड़ी
शुगर मिल शामली के बैगास में शुक्रवार दोपहर जब भयंकर आग लगी, तो पुलिस अधिकारियों ने मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हरियाणा के पानीपत और करनाल से भी दमकल वाहन बुलवाए। ताज्जुब है कि इसी दौरान एक दमकल वाहन कैराना कोतवाली परिसर में खड़ा रहा, जो शामली फायर स्टेशन का था। उस दमकल वाहन पर तैनात कर्मियों से जब पूछा कि शामली शुगर मिल की आग बुझाने क्यों नहीं जा रहे, तो जवाब मिला कि हमें ऊंचा गांव में लगी आग बुझाने भेजा गया है।
भूसे और खोई में लगी आग
कैराना। भूसे के कूप और बिटोड़ों में किन्हीं कारणों से आग लग गई। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड कर्मियों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। शुक्रवार सुबह 10 बजे गांव ऊंचा गांव निवासी राजकुमार के खेत में बने भूसे के कूपों और पास में पड़े खोई के ढेरों ने आग पकड़ ली। तेज गर्मी के चलते कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची तथा आग पर पानी डाल का काबू करने का प्रयास किया। तीन घंटे के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक भूसे के चार कूप, एक बिटोड़ा और खोई के ढेर जलकर राख हो गए।