फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Krishna is getting dirty while waiting for the inauguration of the water treatment plant

उद्घाटन की इंतजार कर रहा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट

Wed, 21 Jul 2021 11:34 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jul 2021 11:34 PM IST
विज्ञापन
Krishna is getting dirty while waiting for the inauguration of the water treatment plant
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के उद्घाटन के इंतजार मेंकृष्णा हो रही मैली
विज्ञापन

शामली। शहर से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करने के लिए बनाया गया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट उद्घाटन का इंतजार कर रहा है। प्लांट का निर्माण कार्य कई महीने पहले पूरा हो चुका है, लेकिन इसके शुरू न होने के कारण गंदा पानी कृष्णा नदी में जाकर मिल रहा है।
दिल्ली की संस्था सेंटर फार अर्बन एंड रीजनल एक्सीलेंस (क्योर) इंडिया ने करीब डेढ़ साल पहले नगर पालिका शामली के सहयोग से लिलौन गांव के निकट सिंचाई विभाग की जमीन पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण शुरू किया था। प्लांट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। मोटर पंप चलाने के लिए बिजली कनेक्शन भी हो चुका है, लेकिन अभी शुरू नहीं किया गया है। पालिका अधिकारियों का कहना है कि कोरोना की वजह से प्लांट शुरू नहीं हो सका। जल्द ही इसका उद्घाटन कर प्लांट चालू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

प्लांट चालू होने से यह होगा लाभ
इस प्लांट को लगाने का उद्देश्य शहर से निकलने वाले गंदे पानी को साफ कर खेती में प्रयोग किया जा सके। शहर से प्रतिदिन करीब 25 हजार एमएलडी गंदा पानी निकलता है जो शहर के बीच से बहने वाले मुख्य नाले में गिरता है। यह नाला खेड़ीकरमू व लिलौन के निकट से होते हुए गांव सल्फा के निकट कृष्णा नदी में जाकर मिलता है। फिलहाल प्लांट 12 हजार एमएलडी की क्षमता का ही बनाया गया है। प्लांट के निकट बनाए गए जैव विविधता पार्क में साफ पानी की आपूर्ति की जाएगी। प्लांट चालू होने से नदी में जल प्रदूषण कम होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस तरह से होगा पानी साफ
प्लांट में फाइटोर्मेडिमेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसे रीड बेड सिस्टम कहा जाता है। पानी को साफ करने के लिए रेत व बजरी आदि से होकर निकाला जाता है। पोषक तत्वों को सोखने की क्षमता रखने वाले पेड़-पौधे लगाए जाते हैं। इस तकनीक से पानी पीने योग्य तो नहीं होता, लेकिन सिंचाई में इस्तेमाल करने लायक बन जाता है।

कोट
नाले में बहने वाले शहर के गंदे पानी को साफ करने के लिए लिलौन के निकट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया है। कोरोना की वजह से यह शुरू नहीं हो पाया। जल्द ही इसे चालू किया जाएगा। - सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed