दंपती को कुचलकर मार डाला: सुबह ससुराल गए थे तेजपाल-शकुंतला, नहीं लौट सके घर; अधूरा रह गया ये सपना
दीपावली पर इस बार धूमधाम से त्योहार मनाने की तैयारी कर रहा परिवार दंपती की मौत से सदमे में है। मृतक के पोते जोगिंदर ने बताया कि दादा तेजपाल ने ससुराल जाने से पहले परिवार के सदस्यों से कहा था कि इस बार दीपावली का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।
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यूपी के कैराना स्थित पानीपत रोड पर गांव पंजीठ के पास सोमवार देर शाम अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार तेजपाल (65) और उनकी पत्नी शकुंतला उर्फ रिक्कों (58) निवासी गांव रसूलपुर गुजरान थाना कांधला की मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन समेत मौके से भाग गया। दंपती की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
बाइक से पानीपत की ओर आ रहे थे दंपती
सोमवार शाम करीब सात बजे तेजपाल अपनी पत्नी शकुंतला को बाइक पर लेकर पानीपत की ओर से आ रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक गांव पंजीठ के पास पहुंची, तभी अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से दंपती को सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
ससुराल से लौट रहे थे तेजपाल
मृतक के पोते जोगिंदर ने बताया कि उनकी दादी शकुंतला का हरियाणा के गांव गोलाखेड़ा थाना बापौली में मायका है। उनके दादा तेजपाल किसान थे। उनके बड़े बेटे सोनू नोएडा की एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं, जबकि छोटे बेटे मोनू गांव में ही खेती करते हैं। सोमवार सुबह करीब 10 बजे उनके दादा-दादी बाइक से अपनी ससुराल गए थे। शाम को वापस लौटते समय हादसा हो गया।
जांच अधिकारी उपनिरीक्षक अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि अज्ञात वाहन के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
अधूरा रह गया दीपावली पर बड़ा जश्न मनाने का सपना
दीपावली पर इस बार धूमधाम से त्योहार मनाने की तैयारी कर रहा परिवार दंपती की मौत से सदमे में है। मृतक के पोते जोगिंदर ने बताया कि दादा तेजपाल ने ससुराल जाने से पहले परिवार के सदस्यों से कहा था कि इस बार दीपावली का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। हर साल के मुकाबले इस बार बड़ा जश्न होगा। इसके लिए परिवार के सदस्य तैयारियों में भी जुट गए थे, लेकिन हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। दीपावली पर बड़ा जश्न मनाने का सपना अधूरा रह गया। दादा-दादी की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
तीन दिन में सड़क हादसों में सात लोगों की गई जान, 11 घायल
क्षेत्र में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। तेज रफ्तार और यातायात सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण तीन दिन के भीतर अलग-अलग हादसों में सात लोगों की जान चली गई, जबकि 11 लोग घायल हो गए। हाईवे और प्रमुख मार्गों पर लगातार हो रहे हादसों ने यातायात सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
21 अक्तूबर की सुबह पानीपत बाईपास फ्लाईओवर पर डिवाइडर से टकराकर स्कॉर्पियो पलट गई थी। हादसे में पानीपत निवासी फैक्टरी मालिक संदीप कुमार दुहन और उनके कर्मचारी अंकित की मौत हो गई थी। इसके बाद 25 अक्तूबर को कांधला रोड पर दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में 14 वर्षीय आहद और 22 वर्षीय जावेद उर्फ अजीम की जान चली गई थी।
26 अक्तूबर को मुख्य मार्ग पर पंजाब नेशनल बैंक के पास बस की टक्कर से ई-रिक्शा सवार 15 वर्षीय आलिम की मौत हो गई थी। वहीं, सोमवार शाम पानीपत रोड पर गांव पंजीठ के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार गांव रसूलपुर गुजरान निवासी तेजपाल (65) और उनकी पत्नी शकुंतला उर्फ रिक्कों की मौत हो गई।
लगातार हो रहे हादसों में सात लोगों की मौत के साथ 11 लोग घायल भी हुए हैं। इसके बावजूद प्रमुख मार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और यातायात सुरक्षा के इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि लोगों को यातायात नियमों का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है।