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इस्लाम धर्म ने हमेशा आपसी भाईचारे का संदेश दिया
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कैराना क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर राय स्थित मदरसे में वार्षिक इजलास में बोलते मौलाना
- फोटो : SHAMLI
इस्लाम धर्म ने हमेशा आपसी भाईचारे का संदेश दिया
शामली, कैराना। गांव मोहम्मदपुर राई में स्थित मदरसा मसीहुल उलूम का सातवें वार्षिक इजलास का आयोजन किया गया। जलसे को खिताब करते हुए मौलाना मुस्तकीम ने कहा कि इस्लाम धर्म ने हमेशा आपसी भाईचारे का संदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि आज इस्लाम धर्म के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है और असामाजिक तत्व के लोग देश को नुकसान पहुंचाने पर तुले हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ अल्लाह के बताए रास्ते पर जिंदगी गुजारें। उन्होंने शिक्षा पर भी विशेष रूप से बल दिया। मौलाना शुएब ने कहा कि बच्चों को इल्म जरूर सिखाएं। प्रख्यात आलिम ए दीन मुफ्ती रफीउज्जमा ने कहा कि अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि सब्र से काम लो। एनआरसी को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों में सिर्फ अल्लाह से मदद मांगों। हमें अपनी ओर से कोई लड़ाई झगड़ा नहीं करना है। इस दौरान मदरसे में पढ़ने वाले हाफिज मुहम्मद आकिब, फ़रयाद शुएब, रागिब व हारिस समेत 13 छात्रों को क़ुरान हिफ़्ज करने पर दस्तारबंदी से नवाजा गया। मदरसे के मोहतमिम मौलाना हुसैन अहमद ने मदरसे का वार्षिक हिसाब पेश किया। प्रोग्राम में मौलाना सलीम, मौलाना खालिद, मौलाना तहसीन, हाफिज फुरकान, हाफिज खुर्शीद, मौलाना आरिफ आदि उलेमा मौजूद रहे। अध्यक्षता हजरत मौलाना अक़ीलुर्रहमान व संचालन मौलाना अबरार व मौलाना शुएब मिफ्ताही ने संयुक्त रूप से किया।
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शामली, कैराना। गांव मोहम्मदपुर राई में स्थित मदरसा मसीहुल उलूम का सातवें वार्षिक इजलास का आयोजन किया गया। जलसे को खिताब करते हुए मौलाना मुस्तकीम ने कहा कि इस्लाम धर्म ने हमेशा आपसी भाईचारे का संदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि आज इस्लाम धर्म के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है और असामाजिक तत्व के लोग देश को नुकसान पहुंचाने पर तुले हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ अल्लाह के बताए रास्ते पर जिंदगी गुजारें। उन्होंने शिक्षा पर भी विशेष रूप से बल दिया। मौलाना शुएब ने कहा कि बच्चों को इल्म जरूर सिखाएं। प्रख्यात आलिम ए दीन मुफ्ती रफीउज्जमा ने कहा कि अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि सब्र से काम लो। एनआरसी को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों में सिर्फ अल्लाह से मदद मांगों। हमें अपनी ओर से कोई लड़ाई झगड़ा नहीं करना है। इस दौरान मदरसे में पढ़ने वाले हाफिज मुहम्मद आकिब, फ़रयाद शुएब, रागिब व हारिस समेत 13 छात्रों को क़ुरान हिफ़्ज करने पर दस्तारबंदी से नवाजा गया। मदरसे के मोहतमिम मौलाना हुसैन अहमद ने मदरसे का वार्षिक हिसाब पेश किया। प्रोग्राम में मौलाना सलीम, मौलाना खालिद, मौलाना तहसीन, हाफिज फुरकान, हाफिज खुर्शीद, मौलाना आरिफ आदि उलेमा मौजूद रहे। अध्यक्षता हजरत मौलाना अक़ीलुर्रहमान व संचालन मौलाना अबरार व मौलाना शुएब मिफ्ताही ने संयुक्त रूप से किया।
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