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Shamli News: सुधार नहीं हुआ तो शिक्षक निलंबित
Wed, 02 Sep 2026 12:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 02 Sep 2026 12:50 AM IST
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ऊन। उच्च प्राथमिक विद्यालय सकौती के सहायक अध्यापक पुष्पेंद्र गोस्वामी पर विभागीय कार्रवाई का सिलसिला थमने के बजाय और सख्त हो गया।
कार्यशैली में सुधार नहीं होने, स्वतंत्रता दिवस पर विद्यालय में ध्वजारोहण नहीं कराने और विद्यालय की उपस्थिति अनधिकृत रूप से लॉक करने के आरोप में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उपस्थिति लॉक किए जाने के कारण विद्यालय के तीन शिक्षकों का वेतन भी बाधित हुआ था।
बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि 14 अगस्त को जारी आदेश के तहत सरकारी सेवक आचरण नियमावली का उल्लंघन करने पर पुष्पेंद्र गोस्वामी की वित्तीय वर्ष 2026-27 की दो अस्थायी वेतन वृद्धि पहले ही रोक दी गई थीं। इसके बावजूद उनके कार्य व्यवहार और कार्यशैली में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
इसके बाद कार्यालय के स्टाफ और खंड शिक्षा अधिकारी ऊन की 29 अगस्त की रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई। बताया कि 15 अगस्त को विद्यालय में ध्वजारोहण नहीं कराया गया। इसके अलावा अनधिकृत चेष्टा करते हुए विद्यालय की उपस्थिति लॉक की गई, जिससे तीन अध्यापकों का वेतन बाधित हो गया। विभाग ने इसे गंभीर कृत्य मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।
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निलंबन अवधि में शिक्षक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें प्रमाणपत्र देना होगा कि वह किसी अन्य सेवा, रोजगार, व्यापार या व्यवसाय में संलिप्त नहीं हैं। निलंबन अवधि में उन्हें खंड शिक्षा अधिकारी थानाभवन कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
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कार्यशैली में सुधार नहीं होने, स्वतंत्रता दिवस पर विद्यालय में ध्वजारोहण नहीं कराने और विद्यालय की उपस्थिति अनधिकृत रूप से लॉक करने के आरोप में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उपस्थिति लॉक किए जाने के कारण विद्यालय के तीन शिक्षकों का वेतन भी बाधित हुआ था।
बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि 14 अगस्त को जारी आदेश के तहत सरकारी सेवक आचरण नियमावली का उल्लंघन करने पर पुष्पेंद्र गोस्वामी की वित्तीय वर्ष 2026-27 की दो अस्थायी वेतन वृद्धि पहले ही रोक दी गई थीं। इसके बावजूद उनके कार्य व्यवहार और कार्यशैली में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
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इसके बाद कार्यालय के स्टाफ और खंड शिक्षा अधिकारी ऊन की 29 अगस्त की रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई। बताया कि 15 अगस्त को विद्यालय में ध्वजारोहण नहीं कराया गया। इसके अलावा अनधिकृत चेष्टा करते हुए विद्यालय की उपस्थिति लॉक की गई, जिससे तीन अध्यापकों का वेतन बाधित हो गया। विभाग ने इसे गंभीर कृत्य मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।
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निलंबन अवधि में शिक्षक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें प्रमाणपत्र देना होगा कि वह किसी अन्य सेवा, रोजगार, व्यापार या व्यवसाय में संलिप्त नहीं हैं। निलंबन अवधि में उन्हें खंड शिक्षा अधिकारी थानाभवन कार्यालय से संबद्ध किया गया है।