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खेत पर टिड्डे नजर आए तो ढोल नगाड़े ,डीजे बजाएं

Wed, 27 May 2020 11:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2020 11:30 PM IST
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If grasshoppers are seen on the farm, drum drums, DJ
खेत पर टिड्डे नजर आए तो ढोल नगाड़े ,डीजे बजाएं
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टिड्डी के संभावित प्रकोप के मद्देनजर जिले में अलर्ट, राहत दल का गठन, कंट्रोल रूम बना
-केंद्रीय टीम के संपर्क में जिले के अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। प्रदेेश के कई जिलों में टिड्डी दल के प्रकोप के चलते जिले में भी अलर्ट कर दिया गया है। निगरानी को चार सदस्यीय कमेटी बना दी गई है। किसानों के लिए बचाव के लिए एडवाइजरी जारी कर करते हुए कंट्रोल रूम भी बना दिया गया है।
कृषि उपनिदेशक शिव कुमार केसरी ने बताया कि झांसी ,ललितपुर में इनका प्रकोप हो चुका है। हाथरस ,मथुरा, आगरा में इनके पहुंचने की संभावना है। एहतियात के तौर पर जिले में किसानों को अलर्ट कर दिया गया है। जिला स्तर पर सीडीओ की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी गई है। इसमें कृषि उपनिदेशक, जिला कृषि अधिकारी और जिला कृषि रक्षा अधिकारी सदस्य होंगे। ये कमेटी इनके नियंत्रण संबंधी पर्याप्त व्यवस्था करेगी। ग्रामीणों से कहा गया है कि यदि कहीं इनका प्रकोप मिलता है तो ग्राम प्रधान, प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों , कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक, ग्राम पंचायत अधिकारी को दें। ये लोग तत्काल कृषि विभाग के उच्चाधिकारी और प्रशासन को अवगत कराएंगे। उपनिदेशक ने बताया कि जिले के अधिकारी कृषि विशेषज्ञों की केंद्रीय टीम के संपर्क में हैं ओर उनसे पूरी जानकारी ले रहे हैं।
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किसानों के नंबर जुटाने को कहा
कृषि उपनिदेशक के अनुसार कृषि विभाग के फील्ड वर्कर को हिदायत दी गई है कि वह प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर रखने वाले पांच-पांच किसानों के नाम ओर मोबाइल नंबर जुटा लें, ताकि टिड्डी के आने की स्थिति में इनकी मदद से खेतों में कीटनाशकों को स्प्रे कराया जा सके।
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दो लाख की आपात व्यवस्था की गई
यदि प्रकोप होने पर कीटनाशक के स्प्रे की जरूरत महसूस होती है, तो उसके लिए जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन 2005 के अंतर्गत दो लाख रुपये व्यय करने की अनुमति दी गई है। इस संबंध में प्रमुख सचिव (कृषि ) ने भी पत्र भेजा था।
बेल वाली फसलों को करती हैं नुकसान, ये करें बचाव के उपाय
कृषि उपनिदेशक के अनुसार टिड्डी दल दिन में हमला करते हैं और रात को विश्राम करतें हैं। ये मुख्य रूप से तरबूज ,खरबूजे, ककड़ी, खीरे, आदि बेल वाली सब्जियों को नुकसान पहुंचाते हैं। टिड्डी उनके हरे पत्ते को चट कर जाते हैं, जिससे उसकी पैदावार रुक जाती है। यदि टिड्डी नजर आए तो खेत के चारों तरफ एकत्र होकर शोर मचाएं। खेत के चारों तरफ अलाव जलाएं। शाम को टीन, कनस्तर ढोल नगाडे़ और डीजे आदि बजाएं। ये टिड्डी शोर से डरती हैं।

कोट
जनपद में अभी टिड्डी दल का आना नहीं हुआ है। किसानों को पहले से ही सतर्क रहने की जरूरत है। जिला प्रशासन ने कृषि विभाग के माध्यम से पहले से ही तमाम तैयारियां करने को कहा गया है।
जसजीत कौर, डीएम शामली
कंट्रोल रूम में इस नंबर पर करें कॉल
01398253100
जिला कृषि रक्षा अधिकारी 8859557410
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